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Basti News: जिले के 10 और ब्लॉकों में बनेंगे दमकल केंद्र, 142 करोड़ का प्रस्ताव तैयार
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बस्ती। जिले के 10 और विकासखंडों में दमकल केंद्र बनाने की तैयारी है। इसके लिए करीब 142 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इन केंद्रों के बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं पर दमकल की गाड़ियां कम समय में पहुंच सकेंगी। अभी जिले के चार स्थानों पर दमकल केंद्र संचालित हैं। ऐसे में कई क्षेत्रों में आग लगने पर दूसरे केंद्रों से वाहन भेजने पड़ते हैं, जिससे आग बुझाने में देरी होती है और नुकसान बढ़ने की आशंका रहती है।
प्रस्ताव के तहत प्रत्येक विकासखंड में दमकल केंद्र के साथ कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। जिले के पांच विकासखंडों में भूमि चिह्नित कर ली गई है, जबकि पांच अन्य स्थानों पर जमीन की तलाश जारी है। प्रत्येक केंद्र के निर्माण पर करीब 14.20 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अधिकारियों के मुताबिक, विकासखंड स्तर पर दमकल केंद्र बनने से आग की सूचना मिलते ही नजदीकी केंद्र से वाहन रवाना किया जा सकेगा। इससे आग पर काबू पाने में लगने वाला समय कम होगा।
हर केंद्र पर तैनात होंगे 26 कर्मचारी
प्रस्तावित दमकल केंद्रों पर प्रत्येक जगह करीब 26 कर्मचारियों की तैनाती की योजना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आग लगने की सूचना मिलने पर दमकलकर्मी तत्काल मौके के लिए रवाना हो सकेंगे। कर्मचारियों के लिए आवासीय व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे आपात स्थिति में उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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0.640 एकड़ में बनेगा जी-6 भवन
प्रत्येक दमकल केंद्र के लिए करीब 0.640 एकड़ भूमि पर जी-6 भवन बनाने का प्रस्ताव है। इसमें कार्यालय, कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था और दमकल वाहनों को खड़ा करने के लिए गैरेज बनाया जाएगा। इसके अलावा मीटिंग हॉल, मेस, बैरक, ओवरहेड टैंक, बाउंड्रीवॉल और शौचालय जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
पांच ब्लॉकों में भूमि चिह्नित, पांच में तलाश जारी
जिले के गौर, परशुरामपुर, बनकटी, दुबौलिया और कुदरहा विकासखंडों में दमकल केंद्रों के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। वहीं, सल्टौआ, बहादुरपुर, साऊंघाट, कप्तानगंज और विक्रमजोत में भूमि की तलाश की जा रही है। वर्तमान में सदर, हर्रैया, रुधौली और भानपुर में दमकल केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं पर दमकल वाहन भेजे जाते हैं। शेष 10 विकासखंडों में केंद्र बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में अग्निशमन सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और आपात स्थिति में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
हर केंद्र पर चार दमकल वाहन रखने की योजना
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत प्रत्येक केंद्र पर 5000 और 2500 लीटर क्षमता के एक-एक फायर टेंडर, 400 लीटर क्षमता का एक वाटर मिस्ट वाहन और एक फायर बाइक उपलब्ध कराने की योजना है। इनके साथ आग बुझाने के लिए जरूरी अन्य उपकरण भी रखे जाएंगे।
जिले के सभी 14 विकासखंडों में दमकल केंद्र बनाने की योजना है। फिलहाल चार स्थानों पर केंद्र संचालित हैं, जबकि शेष 10 विकासखंडों के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में अग्निशमन सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
रमेश्चंद्र यादव, प्रभारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी, बस्ती।
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प्रस्ताव के तहत प्रत्येक विकासखंड में दमकल केंद्र के साथ कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। जिले के पांच विकासखंडों में भूमि चिह्नित कर ली गई है, जबकि पांच अन्य स्थानों पर जमीन की तलाश जारी है। प्रत्येक केंद्र के निर्माण पर करीब 14.20 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अधिकारियों के मुताबिक, विकासखंड स्तर पर दमकल केंद्र बनने से आग की सूचना मिलते ही नजदीकी केंद्र से वाहन रवाना किया जा सकेगा। इससे आग पर काबू पाने में लगने वाला समय कम होगा।
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हर केंद्र पर तैनात होंगे 26 कर्मचारी
प्रस्तावित दमकल केंद्रों पर प्रत्येक जगह करीब 26 कर्मचारियों की तैनाती की योजना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आग लगने की सूचना मिलने पर दमकलकर्मी तत्काल मौके के लिए रवाना हो सकेंगे। कर्मचारियों के लिए आवासीय व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे आपात स्थिति में उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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0.640 एकड़ में बनेगा जी-6 भवन
प्रत्येक दमकल केंद्र के लिए करीब 0.640 एकड़ भूमि पर जी-6 भवन बनाने का प्रस्ताव है। इसमें कार्यालय, कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था और दमकल वाहनों को खड़ा करने के लिए गैरेज बनाया जाएगा। इसके अलावा मीटिंग हॉल, मेस, बैरक, ओवरहेड टैंक, बाउंड्रीवॉल और शौचालय जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
पांच ब्लॉकों में भूमि चिह्नित, पांच में तलाश जारी
जिले के गौर, परशुरामपुर, बनकटी, दुबौलिया और कुदरहा विकासखंडों में दमकल केंद्रों के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। वहीं, सल्टौआ, बहादुरपुर, साऊंघाट, कप्तानगंज और विक्रमजोत में भूमि की तलाश की जा रही है। वर्तमान में सदर, हर्रैया, रुधौली और भानपुर में दमकल केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं पर दमकल वाहन भेजे जाते हैं। शेष 10 विकासखंडों में केंद्र बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में अग्निशमन सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और आपात स्थिति में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
हर केंद्र पर चार दमकल वाहन रखने की योजना
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत प्रत्येक केंद्र पर 5000 और 2500 लीटर क्षमता के एक-एक फायर टेंडर, 400 लीटर क्षमता का एक वाटर मिस्ट वाहन और एक फायर बाइक उपलब्ध कराने की योजना है। इनके साथ आग बुझाने के लिए जरूरी अन्य उपकरण भी रखे जाएंगे।
जिले के सभी 14 विकासखंडों में दमकल केंद्र बनाने की योजना है। फिलहाल चार स्थानों पर केंद्र संचालित हैं, जबकि शेष 10 विकासखंडों के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में अग्निशमन सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
रमेश्चंद्र यादव, प्रभारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी, बस्ती।