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Basti News: मूल्यांकन के बाद भी किसानों को नहीं मिली क्षतिपूर्ति
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हर्रैया। क्षेत्र के औरातोंदा व मुसही गांव के पास अधूरे सरयू नहर में पानी छोड़े जाने से किसानों की बर्बाद फसलों का मुआवजा अभी तक नहीं मिला। किसान प्रेम नारायण पांडेय ने डीएम को पत्र देकर मुआवजा दिलाने की मांग भी की थी। इसके बाद तहसील प्रशासन की तरफ से फसलों की क्षति का आंकलन कराकर रिपोर्ट भी भेजा गया था। बावजूद फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए किसान इंतजार कर रहे हैं।
पिछले महीने 24 दिसंबर को सरयू नहर में विभाग द्वारा पानी छोड़ दिया गया था। पैकोलिया थाना क्षेत्र के औरतोंदा गांव के पास नहर अधूरी होने से पानी सिवान में फैल गया। इसके चलते औरातोंदा, मुसही व रतनपुर के करीब डेढ़ दर्जन किसानों की गेहूं, सरसों व गन्ने की फसल के खेत में पानी भर गया। किसान कृष्ण कुमार पांडेय, फूल चंद पांडेय, दयाशंकर यादव, असर्फी यादव, राम तौल यादव आदि ने बताया कि लगभग 15 एकड़ भूमि में लगी फसलों में पानी भर जाने से लाखों का नुकसान हो गया है।
इस संबंध में डीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार शालिनी पटेल हल्का लेखपाल पारस राजपूत के साथ मौके पर जाकर हुए नुकसान का जायजा लिया। मगर अभी तक कोई जानकारी किसानों को नहीं दी गई है। पंद्रह दिन बाद भी क्षतिपूर्ति संबंधी कोई भी पहल नहीं होने से किसानों में निराशा है। लोगों ने डीएम से जल्द क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की मांग की है।
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इस संबंध में नायब तहसीलदार शालिनी पटेल ने बताया कि दैवीय आपदा के समय फसलों की क्षतिपूर्ति दिए जाने का प्रावधान है। फिलहाल फसलों के नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर तहसीलदार व एसडीएम को भेज दिया है। फसलों की बर्बादी के लिए संबंधित विभाग जिम्मेदार है।
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पिछले महीने 24 दिसंबर को सरयू नहर में विभाग द्वारा पानी छोड़ दिया गया था। पैकोलिया थाना क्षेत्र के औरतोंदा गांव के पास नहर अधूरी होने से पानी सिवान में फैल गया। इसके चलते औरातोंदा, मुसही व रतनपुर के करीब डेढ़ दर्जन किसानों की गेहूं, सरसों व गन्ने की फसल के खेत में पानी भर गया। किसान कृष्ण कुमार पांडेय, फूल चंद पांडेय, दयाशंकर यादव, असर्फी यादव, राम तौल यादव आदि ने बताया कि लगभग 15 एकड़ भूमि में लगी फसलों में पानी भर जाने से लाखों का नुकसान हो गया है।
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इस संबंध में डीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार शालिनी पटेल हल्का लेखपाल पारस राजपूत के साथ मौके पर जाकर हुए नुकसान का जायजा लिया। मगर अभी तक कोई जानकारी किसानों को नहीं दी गई है। पंद्रह दिन बाद भी क्षतिपूर्ति संबंधी कोई भी पहल नहीं होने से किसानों में निराशा है। लोगों ने डीएम से जल्द क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की मांग की है।
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इस संबंध में नायब तहसीलदार शालिनी पटेल ने बताया कि दैवीय आपदा के समय फसलों की क्षतिपूर्ति दिए जाने का प्रावधान है। फिलहाल फसलों के नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर तहसीलदार व एसडीएम को भेज दिया है। फसलों की बर्बादी के लिए संबंधित विभाग जिम्मेदार है।