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Basti News: इंडेंट वितरण में भेदभाव व गन्ना पर्चियों की कमी पर फूटा किसानों का गुस्सा
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-पांऊ गन्ना क्रय केंद्र पर प्रदर्शन करते किसान। संवाद
कलवारी। मुंडेरवा चीनी मिल के गन्ना क्रय केंद्र पाऊं पर इंडेंट वितरण में भेदभाव, ट्रकों और गन्ना पर्चियों की कमी को लेकर किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। आक्रोशित किसानों ने रविवार को केंद्र पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। गन्ना विकास अधिकारी के मौके पर पहुंचने तक धरने पर डटे रहे।
गन्ना किसान अमरेन्द्र पांडेय, दीपचंद यादव, हरिओम त्रिपाठी, राम मणि ओझा, मोहम्मद सुलेमान उर्फ खजूर सिंह, अबरार अहमद, लाल चन्द चौधरी, शाह आलम, राम सुभाग मौर्य, राजेश मौर्य, रामू कन्नौजिया, शिवा कन्नौजिया एवं राम शोहरत गुप्ता ने बताया कि गन्ने की पर्ची अब तक कई किसानों को नहीं मिल सकी है। इससे उनकी उपज खेतों और केंद्र पर सूख रही है।
किसानों का कहना है कि आसपास के अन्य गन्ना केंद्रों की तुलना में पाऊं केंद्र को कम पर्चियां और कम ट्रक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। तैयार गन्ना समय पर मिल तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदारों से शिकायत करने पर संतोष जनक जवाब देने के बजाय बदसलूकी की जाती है।
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मुंडेरवा चीनी मिल के गन्ना विकास अधिकारी ओमप्रकाश वर्मा ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि इंडेंट के अनुसार ही ट्रक और पर्चियों की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिल 25 मार्च तक संचालित रहेगी और किसी भी किसान का गन्ना बिना कॉल किये नहीं छोड़ा जाएगा।
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गन्ना किसान अमरेन्द्र पांडेय, दीपचंद यादव, हरिओम त्रिपाठी, राम मणि ओझा, मोहम्मद सुलेमान उर्फ खजूर सिंह, अबरार अहमद, लाल चन्द चौधरी, शाह आलम, राम सुभाग मौर्य, राजेश मौर्य, रामू कन्नौजिया, शिवा कन्नौजिया एवं राम शोहरत गुप्ता ने बताया कि गन्ने की पर्ची अब तक कई किसानों को नहीं मिल सकी है। इससे उनकी उपज खेतों और केंद्र पर सूख रही है।
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किसानों का कहना है कि आसपास के अन्य गन्ना केंद्रों की तुलना में पाऊं केंद्र को कम पर्चियां और कम ट्रक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। तैयार गन्ना समय पर मिल तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदारों से शिकायत करने पर संतोष जनक जवाब देने के बजाय बदसलूकी की जाती है।
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मुंडेरवा चीनी मिल के गन्ना विकास अधिकारी ओमप्रकाश वर्मा ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि इंडेंट के अनुसार ही ट्रक और पर्चियों की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिल 25 मार्च तक संचालित रहेगी और किसी भी किसान का गन्ना बिना कॉल किये नहीं छोड़ा जाएगा।