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Basti News: विशेषज्ञों ने कार्यशाला में की मातृ-शिशु मृत्यु दर घटाने पर चर्चा
Thu, 14 Dec 2023 12:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 14 Dec 2023 12:54 AM IST
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बस्ती। मातृ मृत्यु सर्विलॉस एवं रिस्पांस (एमडीएसआर) कार्यक्रम के तहत बुधवार को शहर के एक होटल के सभागार में मंडल स्तरीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। मातृ मृत्यु को न्यूनतम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों ने चर्चा की। कार्यशाला में कमेटियों का पुनर्गठन कर उन्हें सक्रिय करने तथा मातृ मृत्यु की सूचना को सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। आयोजन सहयोगी संस्था एनआई स्वर्ग ने किया।
एडी हेल्थ बस्ती मंडल डॉ. नीरज पांडेय ने कहा कि आंकड़ों के अनुसार देश में इस समय मातृ मृत्यु दर 167 प्रति लाख है। वर्ष 2030 तक इसे कम कर 70 तक किया जाना है। इसके लिए जरूरी है कि मातृ मृत्यु की सूचना समय पर मिले तथा डेथ ऑडिट करने के बाद जो खामियां पाई जाएं उसका स्थायी समाधान निकाला जाए। मातृ मृत्यु की सूचना 104 नंबर पर देने वालों को एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
मुख्य वक्ता बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर की प्रो. नजमा मलिक ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक गर्भवती की समय-समय पर जांच कराई जाए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को चिह्नत करते हुए उनका समय-समय पर फॉलोअप किया जाए। हॉयर सेंटर पर उनका सुरक्षित प्रसव कराया जाए। सभी प्रसव संस्थागत हों, इसके लिए महिलाओं को जागरूक किया जाए।
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सीएमओ डॉ. आरएस दूबे ने कहा कि संस्थागत व सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने के लिए हर माह की पहली, नौ, 16 व 24 तारीख को पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का आयोजन अस्पतालों में किया जा रहा है। जिले में अब तक 27 मृत्यु की सूचना है। पिछले वर्ष 32 मृत्यु रिकार्ड की गई थी।
एसीएमओ आरसीएच डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि गर्भवती के लिए 102 एंबुलेंस सेवा 24 घंटे सक्रिय है। दूर-दराज से भी एक कॉल पर यह सेवा उपलब्ध रहती है। इसी के साथ रेफर होने की दशा में भी 102 से ही हॉयर सेंटर तक मरीज को पहुंचाया जाएगा। प्रसव के बाद इस वाहन से जच्चा-बच्चा को घर तक छोड़ा जाता है। कार्यक्रम का संचालन मंडलीय प्रबंधक सिफ्सा अरविंद पांडेय ने किया।
इस मौके पर सीएमओ संतकबीरनगर डॉ. राम अनुज कन्नौजिया, डॉ. जोया, डॉ. नितेश, डॉ. माधुरी भारती आदि मौजूद रहे।
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एडी हेल्थ बस्ती मंडल डॉ. नीरज पांडेय ने कहा कि आंकड़ों के अनुसार देश में इस समय मातृ मृत्यु दर 167 प्रति लाख है। वर्ष 2030 तक इसे कम कर 70 तक किया जाना है। इसके लिए जरूरी है कि मातृ मृत्यु की सूचना समय पर मिले तथा डेथ ऑडिट करने के बाद जो खामियां पाई जाएं उसका स्थायी समाधान निकाला जाए। मातृ मृत्यु की सूचना 104 नंबर पर देने वालों को एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
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मुख्य वक्ता बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर की प्रो. नजमा मलिक ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक गर्भवती की समय-समय पर जांच कराई जाए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को चिह्नत करते हुए उनका समय-समय पर फॉलोअप किया जाए। हॉयर सेंटर पर उनका सुरक्षित प्रसव कराया जाए। सभी प्रसव संस्थागत हों, इसके लिए महिलाओं को जागरूक किया जाए।
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सीएमओ डॉ. आरएस दूबे ने कहा कि संस्थागत व सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने के लिए हर माह की पहली, नौ, 16 व 24 तारीख को पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का आयोजन अस्पतालों में किया जा रहा है। जिले में अब तक 27 मृत्यु की सूचना है। पिछले वर्ष 32 मृत्यु रिकार्ड की गई थी।
एसीएमओ आरसीएच डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि गर्भवती के लिए 102 एंबुलेंस सेवा 24 घंटे सक्रिय है। दूर-दराज से भी एक कॉल पर यह सेवा उपलब्ध रहती है। इसी के साथ रेफर होने की दशा में भी 102 से ही हॉयर सेंटर तक मरीज को पहुंचाया जाएगा। प्रसव के बाद इस वाहन से जच्चा-बच्चा को घर तक छोड़ा जाता है। कार्यक्रम का संचालन मंडलीय प्रबंधक सिफ्सा अरविंद पांडेय ने किया।
इस मौके पर सीएमओ संतकबीरनगर डॉ. राम अनुज कन्नौजिया, डॉ. जोया, डॉ. नितेश, डॉ. माधुरी भारती आदि मौजूद रहे।