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Basti News: राम-भरत मिलाप व सीता हरण देख हुए भावविभोर
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विक्रमजोत। क्षेत्र के ग्राम नियामतपुर में शारदीय नवरात्र के सातवें दिन नवयुवक दुर्गा पूजा एवं रामलीला समिति की तरफ से मां भगवती के कालरात्रि स्वरूप का विशेष पूजन अर्चन हुआ। साथ ही रामलीला में राम-भरत मिलाप के मार्मिक एवं सीताहरण के कारुणिक प्रसंगों का मंचन किया गया।
गुरु वशिष्ठ द्वारा ननिहाल से बुलाए गए भरत और शत्रुघ्न जब राम वनवास और महाराज दशरथ की मृत्यु का समाचार सुनते हैं तो अत्यंत व्यथित हो जाते हैं और राम को मनाने के लिए चित्रकूट के लिए चल देते हैं । चित्रकूट में प्रभु श्रीराम और आदर्श भाई भरत का भावपूर्ण मिलाप होता है । भरत के बहुत कहने पर भी प्रभु श्रीराम धर्म के पक्ष में रहते हुए अयोध्या लौटना अस्वीकार कर देते हैं । राम की चरण-पादुकाओं को शिरोधार्य कर भरत अयोध्या लौटते हैं और नंदीग्राम में तपस्वी के रूप में रहने लगते हैं ।
उधर प्रभु श्रीराम चित्रकूट से चलकर पंचवटी पहुंचते हैं। लंकापति रावण की बहन शूर्पणखा राम से विवाह का प्रस्ताव रखती है और राम के अस्वीकार करने पर सीता को मार डालने का प्रयास करती है । इससे क्रुद्ध होकर लक्ष्मण उसके नाक कान काट लेते हैं। खर दूषण के मारे जाने पर शूर्पणखा रावण के दरबार में पहुंचकर उसे भड़काती है।
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क्रुद्ध रावण मारीचि की सहायता से छल पूर्वक सीता का हरण कर लेता है। कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा के जिला मंत्री अखंड प्रताप सिंह द्वारा प्रभु श्रीराम की आरती से की गई । इस दौरान समिति प्रबंधक डाॅ. राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी, श्यामशंकर पाल, मनोज सिंह, पाटनदीन यादव, संतोष कुमार गुप्त, सुनील मौर्य आदि मौजूद रहे।
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गुरु वशिष्ठ द्वारा ननिहाल से बुलाए गए भरत और शत्रुघ्न जब राम वनवास और महाराज दशरथ की मृत्यु का समाचार सुनते हैं तो अत्यंत व्यथित हो जाते हैं और राम को मनाने के लिए चित्रकूट के लिए चल देते हैं । चित्रकूट में प्रभु श्रीराम और आदर्श भाई भरत का भावपूर्ण मिलाप होता है । भरत के बहुत कहने पर भी प्रभु श्रीराम धर्म के पक्ष में रहते हुए अयोध्या लौटना अस्वीकार कर देते हैं । राम की चरण-पादुकाओं को शिरोधार्य कर भरत अयोध्या लौटते हैं और नंदीग्राम में तपस्वी के रूप में रहने लगते हैं ।
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उधर प्रभु श्रीराम चित्रकूट से चलकर पंचवटी पहुंचते हैं। लंकापति रावण की बहन शूर्पणखा राम से विवाह का प्रस्ताव रखती है और राम के अस्वीकार करने पर सीता को मार डालने का प्रयास करती है । इससे क्रुद्ध होकर लक्ष्मण उसके नाक कान काट लेते हैं। खर दूषण के मारे जाने पर शूर्पणखा रावण के दरबार में पहुंचकर उसे भड़काती है।
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क्रुद्ध रावण मारीचि की सहायता से छल पूर्वक सीता का हरण कर लेता है। कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा के जिला मंत्री अखंड प्रताप सिंह द्वारा प्रभु श्रीराम की आरती से की गई । इस दौरान समिति प्रबंधक डाॅ. राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी, श्यामशंकर पाल, मनोज सिंह, पाटनदीन यादव, संतोष कुमार गुप्त, सुनील मौर्य आदि मौजूद रहे।