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विद्युत कर्मचारी संघ ने धरना दिया
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Wed, 28 Dec 2016 11:18 PM IST
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अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर बिजली र्कमचारी संघ ने अपनी मांगो को लेकर दिया धरना।
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उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ ने बुधवार को पांच सूत्री मांगों को लेकर मुख्य अभियंता वितरण कार्यालय के समक्ष अध्यक्ष अशर्फी लाल के नेतृत्व में धरना दिया। जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सीएम को संबोधित ज्ञापन मुख्य अभियंता को दिया। अशर्फीलाल ने कहा कि विद्युत कर्मचारियों की स्थिति सर्वाधिक दयनीय है। संविदा कर्मचारी उपेक्षा के शिकार हैं, समझौते के बावजूद उसका पालन नहीं कराया जा रहा है। जब तक समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता चरणबद्ध ढंग से आंदोलन जारी रहेगा।
धरने को हरिराम, सालिकराम, रामसहाय, हरिश्चंद्र पांडेय, फूलचंद्र चौधरी सहित अन्य ने भी संबोधित किया। मुख्य अभियंता के माध्यम से भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि परिवहन निगम की भांति बिजली विभाग में भी संविदा प्रक्रिया को लागू करने, उच्च न्यायालय के आदेशानुसार समान कार्य का समान वेतन देने, श्रमिक नेताओं पर 10 फरवरी की घटना के संबंध में दर्ज फर्जी मुकदमों को वापस लिए जाने, कार्यालय सहायक और टीजी- 2 को 4200 व चतुर्थ श्रेणी को 2600 ग्रेड पे दिए जाने, 19 जुलाई 1998 के समझौते के अनुसार टीजी-2 का प्रथम टाइम स्केल जूई और श्रमिक को टीजी 2 का ग्रेड पे, बिजली विभाग में जनवरी 2005 तक सेवा में आए कर्मियों को भी राज्य सरकार के भांति पेंशन सहित अन्य मांगे शामिल रहीं।
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धरने को हरिराम, सालिकराम, रामसहाय, हरिश्चंद्र पांडेय, फूलचंद्र चौधरी सहित अन्य ने भी संबोधित किया। मुख्य अभियंता के माध्यम से भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि परिवहन निगम की भांति बिजली विभाग में भी संविदा प्रक्रिया को लागू करने, उच्च न्यायालय के आदेशानुसार समान कार्य का समान वेतन देने, श्रमिक नेताओं पर 10 फरवरी की घटना के संबंध में दर्ज फर्जी मुकदमों को वापस लिए जाने, कार्यालय सहायक और टीजी- 2 को 4200 व चतुर्थ श्रेणी को 2600 ग्रेड पे दिए जाने, 19 जुलाई 1998 के समझौते के अनुसार टीजी-2 का प्रथम टाइम स्केल जूई और श्रमिक को टीजी 2 का ग्रेड पे, बिजली विभाग में जनवरी 2005 तक सेवा में आए कर्मियों को भी राज्य सरकार के भांति पेंशन सहित अन्य मांगे शामिल रहीं।
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