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Basti News: बदहाल मल्हनी गोशाला होगी बंद, दुबौलिया व परसरामपुर में संरक्षित होंगे गोवंश
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विक्रमजोत। विकास खंड विक्रमजोत के मल्हनी ग्राम पंचायत के अस्थाई गो आश्रय स्थल में गोवंशों की संख्या कम होने और बढ़ती शिकायतों के चलते बंद करके यहां के गोवंश को रूपगढ़ और मल्हूपुर गोशाला में स्थानांतरित किया गया। गोशाला में कुल 64 पशु थे जिनमें अधिकांश देखरेख के अभाव में बीमार थे।
बुधवार को गोशाला के जिला नोडल जिला आबकारी अधिकारी ने सचिव प्रतीक शुक्ला के साथ निरीक्षण किया था और तत्काल इन्हें सुरक्षित अन्य गोशाला में भेजने का निर्देश दिया था। मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को छावनी के एक डीसीएम पर गौ वंशों को अमानवीय तरीके से लाद कर रूपगढ़ भेजा जा रहा था। डीसीएम चालक गोवंशो को लाद कर लगभग तीन घंटे तक गोशाला के पास गाड़ी खड़ी कर कहीं चला गया था। जिससे एक गोवंश की तबियत बिगड़ गई। देर शाम डीसीएम लेकर खतमसराय चौराहे से निकला था कि गोरक्षा दल के पदाधिकारियों ने गो-तस्करी की आशंका में डीसीएम का पीछा कर विक्रमजोत के पास पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया था। जहां पहुंचे राजकीय पशु चिकित्सालय के प्रभारी डाॅ. राममूर्ति वर्मा ने एक गोवंश को मृत घोषित किया और शव परीक्षण किया। शेष 9 गोवंश को सुरक्षित मल्हनी गोशाला में पहुंचा दिया गया।
शुक्रवार को मल्हनी गोशाला पर एक दर्जन सफाईकर्मी के सहयोग से कैचर वाहन से तीन-तीन गोवंश को शिफ्ट में लादकर कुल 6 गोवंश को रूपगढ़ गौशाला में भेजा गया। इस दौरान सचिव प्रतीक शुक्ला और पशु-चिकित्सक डाॅ. राममूर्ति वर्मा गोशाला पर मौजूद रहे। सचिव प्रतीक शुक्ला ने बताया कि गोशाला में भूसा-चारा और पानी इत्यादि की समुचित व्यवस्था है।
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बीडीओ संदीप कुमार सिंह ने बताया कि गोशाला को बंद करके उसमें मौजूद 64 गोवंश को दुबौलिया परसरामपुर और ब्लाॅक क्षेत्र के समीपवर्ती चार गोशालाओं में भेजा गया है।
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बुधवार को गोशाला के जिला नोडल जिला आबकारी अधिकारी ने सचिव प्रतीक शुक्ला के साथ निरीक्षण किया था और तत्काल इन्हें सुरक्षित अन्य गोशाला में भेजने का निर्देश दिया था। मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को छावनी के एक डीसीएम पर गौ वंशों को अमानवीय तरीके से लाद कर रूपगढ़ भेजा जा रहा था। डीसीएम चालक गोवंशो को लाद कर लगभग तीन घंटे तक गोशाला के पास गाड़ी खड़ी कर कहीं चला गया था। जिससे एक गोवंश की तबियत बिगड़ गई। देर शाम डीसीएम लेकर खतमसराय चौराहे से निकला था कि गोरक्षा दल के पदाधिकारियों ने गो-तस्करी की आशंका में डीसीएम का पीछा कर विक्रमजोत के पास पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया था। जहां पहुंचे राजकीय पशु चिकित्सालय के प्रभारी डाॅ. राममूर्ति वर्मा ने एक गोवंश को मृत घोषित किया और शव परीक्षण किया। शेष 9 गोवंश को सुरक्षित मल्हनी गोशाला में पहुंचा दिया गया।
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शुक्रवार को मल्हनी गोशाला पर एक दर्जन सफाईकर्मी के सहयोग से कैचर वाहन से तीन-तीन गोवंश को शिफ्ट में लादकर कुल 6 गोवंश को रूपगढ़ गौशाला में भेजा गया। इस दौरान सचिव प्रतीक शुक्ला और पशु-चिकित्सक डाॅ. राममूर्ति वर्मा गोशाला पर मौजूद रहे। सचिव प्रतीक शुक्ला ने बताया कि गोशाला में भूसा-चारा और पानी इत्यादि की समुचित व्यवस्था है।
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बीडीओ संदीप कुमार सिंह ने बताया कि गोशाला को बंद करके उसमें मौजूद 64 गोवंश को दुबौलिया परसरामपुर और ब्लाॅक क्षेत्र के समीपवर्ती चार गोशालाओं में भेजा गया है।