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Basti News: ऑनलाइन व्यवस्था फिर भी अल्ट्रासाउंड सेंटरों के पंजीकरण में हो रही चूक
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटरों में व्यवस्थागत गड़बड़ी की पोल खुलने लगी है। तमाम अल्ट्रासाउंड सेंटरों में खामियां मिलने और फिर डिग्री को बिना सहमति लगाए जाने के मामले में अब सख्ती शुरू हो गई है। बताया गया कि ऐसे चिह्नित कई सेंटरों पर जांच होगी, जो चिकित्सक को गुमराह करके सेंटर पंजीकरण करा लिए हैं।
बता दें कि कुछ दिन पहले अवैध ढंग से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर अंकुश लगाने की मुहिम छिड़ी थी। इसमें दो अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच की गई, जिसमें खामियां मिली। हालांकि, उन्हें नोटिस देकर छोड़ा गया है, मगर अभी तक संचालक जवाब नहीं दे सके हैं। जानकारों ने बताया कि शहर और ग्रामीण अंचलों में अल्ट्रासाउंड सेंटरों की बाढ़ आ गई है। ऐसे सेंटरों पर अंकुश लगाने के लिए टीम मैदान में उतरी थी। तमाम सेंटरों पर छापेमारी की गई। सल्टौआ क्षेत्र में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर पर डिप्टी सीएमओ ने मय टीम छापेमारी की थी। कागजात न दिखाने पर अस्पताल समेत सेंटर को सील कर दिया गया था। बाद में उसे खोल दिया गया था। इसी प्रकार कुदरहा में तीन सेंटर सील हुए थे, मगर न मशीन जब्त किए न ही अन्य कार्रवाई हुई। कुसौरा में भी यही हाल है। यहां भी बिना डॉक्टर के सेंटर संचालित मिला था, उसे सील कराया गया। इसमें जिस चिकित्सक ने सहमति दी थी, बाद में उसने सीएमओ कार्यालय में आकर प्रत्यावेदन देकर बिना सहमति के डिग्री लगाने की बात कही थी। फिर सेंटर को बंद करा दिया गया। जिला महिला अस्पताल के सामने संचालित तीन ऐसे अल्ट्रासाउंड सेंटरों का खुलासा हुआ जहां डॉक्टर नहीं थे। फर्जी तरीके से बाहरी व्यक्ति बैठकर जांच और रिपोर्ट बना रहा था। इससे पहले आठ ऐसे चिकित्सकों के नाम उजागर हुए थे, जो यहां सहमति पत्र दिए ही नहीं थे और डिग्री लगाकर सेंटर पंजीकृत करवा लिए थे। ्
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बस्ती। स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटरों में व्यवस्थागत गड़बड़ी की पोल खुलने लगी है। तमाम अल्ट्रासाउंड सेंटरों में खामियां मिलने और फिर डिग्री को बिना सहमति लगाए जाने के मामले में अब सख्ती शुरू हो गई है। बताया गया कि ऐसे चिह्नित कई सेंटरों पर जांच होगी, जो चिकित्सक को गुमराह करके सेंटर पंजीकरण करा लिए हैं।
बता दें कि कुछ दिन पहले अवैध ढंग से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर अंकुश लगाने की मुहिम छिड़ी थी। इसमें दो अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच की गई, जिसमें खामियां मिली। हालांकि, उन्हें नोटिस देकर छोड़ा गया है, मगर अभी तक संचालक जवाब नहीं दे सके हैं। जानकारों ने बताया कि शहर और ग्रामीण अंचलों में अल्ट्रासाउंड सेंटरों की बाढ़ आ गई है। ऐसे सेंटरों पर अंकुश लगाने के लिए टीम मैदान में उतरी थी। तमाम सेंटरों पर छापेमारी की गई। सल्टौआ क्षेत्र में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर पर डिप्टी सीएमओ ने मय टीम छापेमारी की थी। कागजात न दिखाने पर अस्पताल समेत सेंटर को सील कर दिया गया था। बाद में उसे खोल दिया गया था। इसी प्रकार कुदरहा में तीन सेंटर सील हुए थे, मगर न मशीन जब्त किए न ही अन्य कार्रवाई हुई। कुसौरा में भी यही हाल है। यहां भी बिना डॉक्टर के सेंटर संचालित मिला था, उसे सील कराया गया। इसमें जिस चिकित्सक ने सहमति दी थी, बाद में उसने सीएमओ कार्यालय में आकर प्रत्यावेदन देकर बिना सहमति के डिग्री लगाने की बात कही थी। फिर सेंटर को बंद करा दिया गया। जिला महिला अस्पताल के सामने संचालित तीन ऐसे अल्ट्रासाउंड सेंटरों का खुलासा हुआ जहां डॉक्टर नहीं थे। फर्जी तरीके से बाहरी व्यक्ति बैठकर जांच और रिपोर्ट बना रहा था। इससे पहले आठ ऐसे चिकित्सकों के नाम उजागर हुए थे, जो यहां सहमति पत्र दिए ही नहीं थे और डिग्री लगाकर सेंटर पंजीकृत करवा लिए थे। ्
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