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Basti News: महिलाओं को सशक्त करने का माध्यम है शिक्षा
Mon, 25 Mar 2024 02:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 25 Mar 2024 02:46 AM IST
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बस्ती। चौधरी चरण सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय शिविर के पांचवें दिन नारी सशक्तिकरण विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हरीओम श्रीवास्तव ने कहा कि एक सभ्य समाज की कल्पना हम बगैर नारियों के सशक्तिकरण के नहीं कर सकते हैं। यह सामाजिक विडंबना ही है की लड़की जब पैदा हुई तो पिता के नाम से जानी गई और जब विवाह हुआ तो पति के नाम से एवं किसी नारी के संतान उत्पन्न होने पर उसके संतानों के नाम से उसे पहचाना गया। आज नारी सशक्तिकरण की प्रथम आवश्यकता है कि एक नारी को समाज में उसके नाम से पहचान मिले और इस नाम को देकर ही हम उसे पुरुष के बराबरी पर खड़ा कर सकते हैं।
महाविद्यालय के बी.एड. प्रवक्ता अमित कुमार द्विवेदी ने कहा की महिलाओं को सशक्त करने का माध्यम अगर कुछ हो सकता है तो वह है शिक्षा। शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है जिससे महिलाओं को अधिक से अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि एक पुरुष शिक्षित होता है तो एक व्यक्ति शिक्षित होता है लेकिन यदि एक नारी शिक्षित होती है तो पूरा परिवार शिक्षित होता है। शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जिससे महिलाएं अपने हक अधिकार को बेहतर समझ सकती हैं। आज अगर महिलाओं की सामाजिक स्थिति मजबूत हुई है तो उसके पीछे निश्चित रूप से नारी शिक्षा का बढ़ता स्तर ही है। इसी क्रम में महाविद्यालय के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सत्येंद्र सिंह ने भी नारी सशक्तिकरण पर अपने विचार को साझा किया। इस मौके पर महाविद्यालय के परमानंद लाल श्रीवास्तव, रमेश चंद्र श्रीवास्तव, सत्यदेव तिवारी, पप्पू पांडेय, राम शंकर वर्मा आदि मौजूद रहे।
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महाविद्यालय के बी.एड. प्रवक्ता अमित कुमार द्विवेदी ने कहा की महिलाओं को सशक्त करने का माध्यम अगर कुछ हो सकता है तो वह है शिक्षा। शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है जिससे महिलाओं को अधिक से अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि एक पुरुष शिक्षित होता है तो एक व्यक्ति शिक्षित होता है लेकिन यदि एक नारी शिक्षित होती है तो पूरा परिवार शिक्षित होता है। शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जिससे महिलाएं अपने हक अधिकार को बेहतर समझ सकती हैं। आज अगर महिलाओं की सामाजिक स्थिति मजबूत हुई है तो उसके पीछे निश्चित रूप से नारी शिक्षा का बढ़ता स्तर ही है। इसी क्रम में महाविद्यालय के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सत्येंद्र सिंह ने भी नारी सशक्तिकरण पर अपने विचार को साझा किया। इस मौके पर महाविद्यालय के परमानंद लाल श्रीवास्तव, रमेश चंद्र श्रीवास्तव, सत्यदेव तिवारी, पप्पू पांडेय, राम शंकर वर्मा आदि मौजूद रहे।
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