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हर शनिवार को देनी होगी सूखे की रिपोर्ट
basti
Updated Thu, 21 Apr 2016 11:27 PM IST
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शासन ने जिलाधिकारियों को सूखे की संभावित स्थित से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया है। प्रत्येक शनिवार को एक प्रारूप पर 12 बिंदुओं की सूचना शासन को देने को कहा गया है। एडीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि इस संबंध में 25 अप्रैल को सूखे से संबंधित 12 विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है।
बताया कि शासन के निर्देश पर अधिकारियों को प्रत्येक शनिवार को 25 अप्रैल से 31 अगस्त तक नियमित सूखे से संबधित एक प्रारूप पर जानकारी देनी होगी। जानकारी न देने वाले अधिकारियों के विरुद्घ शासन को कार्रवाई करने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
शासन ने सूखे की संभावित स्थित से निपटने के लिए सबसे अधिक बल विद्युत के खराब ट्रांसफामरों को ठीक करना, नहरों में नियमित पानी रहना, खराब सरकारी नलकूपों और इंडिया मार्का हैंडपंप को समय रहते सक्रिय करना, पेयजल समस्याओं को दूर करने के लिए पानी टैंकर का इंतजाम करना, तालाबों और जलाशयों में पानी का जल स्तर बनाए रखना, पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करना, मनरेगा में रोजगार और खरीफ फसल के नुकसान की भरपाई करने पर बल दिया गया है।
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हालांकि एडीएम ने बताया कि अभी से संबंधित विभागों को सूखे से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। बताया कि सूखे के दौरान किसी भी स्थित से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है। जिले में संसाधन और धन की कोई कमी नहीं है।
बताया कि शासन के निर्देश पर अधिकारियों को प्रत्येक शनिवार को 25 अप्रैल से 31 अगस्त तक नियमित सूखे से संबधित एक प्रारूप पर जानकारी देनी होगी। जानकारी न देने वाले अधिकारियों के विरुद्घ शासन को कार्रवाई करने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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शासन ने सूखे की संभावित स्थित से निपटने के लिए सबसे अधिक बल विद्युत के खराब ट्रांसफामरों को ठीक करना, नहरों में नियमित पानी रहना, खराब सरकारी नलकूपों और इंडिया मार्का हैंडपंप को समय रहते सक्रिय करना, पेयजल समस्याओं को दूर करने के लिए पानी टैंकर का इंतजाम करना, तालाबों और जलाशयों में पानी का जल स्तर बनाए रखना, पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करना, मनरेगा में रोजगार और खरीफ फसल के नुकसान की भरपाई करने पर बल दिया गया है।
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हालांकि एडीएम ने बताया कि अभी से संबंधित विभागों को सूखे से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। बताया कि सूखे के दौरान किसी भी स्थित से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है। जिले में संसाधन और धन की कोई कमी नहीं है।