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70 गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने की तैयारी
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70 गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने की तैयारी
बस्ती। जिले के 70 गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू हो गई है। डीएम ने इन गांवों में उपलब्ध भूमि पर ओवरहेड टैंक, पंप हाउस तथा घर-घर तक पाइप लाइन बिछाने का प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने का जिम्मा मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड हैदराबाद को सौंपा है। विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में डीएम ने बताया कि प्रथम चरण में 400 गांव चिह्नित किए गए हैं। इनकी सूची एसडीएम को भेजी गई है। इसमें से 70 गांव में भूमि उपलब्ध हो गई है।
जिले में जल निगम इस प्रोजेक्ट के नोडल के रूप में कार्य करेगी। जल निगम की ओर से एक मॉडल प्रोजेक्ट भी तैयार किया जाएगा। मॉडल प्रोजेक्ट के अनुसार मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड डीपीआर तैयार करेगी। डीएम आशुतोष निरंजन ने बताया कि प्रत्येक तहसील में एक तकनीकी समिति बनाई जाएगी, जिसमें एसडीएम अध्यक्ष होंगे। कार्यकारी संस्था के सहायक अभियंता, जल निगम के जूनियर इंजीनियर सदस्य होंगे। तहसील स्तर पर डीपीआर का मूल्यांकन कर इसे जिला समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जो सीडीओ की अध्यक्षता में बनाई गई है। इस समिति में अधिशासी अभियंता जल निगम तथा जिला विकास अधिकारी सदस्य हैं। डीपीआर का परीक्षण अधीक्षण अभियंता लघु सिंचाई करेंगे। इन दोनों के परीक्षण के बाद डीपीआर डीएम के सामने पेश की जाएगी। अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई जयप्रकाश ने बताया कि दो करोड़ तक के डीपीआर की स्वीकृति डीएम के स्तर से होती है। जिले में कार्य कराने के लिए सात एजेंसियों को नामित किया गया है। प्रत्येक गांव में चार पक्षों में अनुबंध भी कराया जाएगा।
बैठक में सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका, अधिशासी अभियंता सिंचाई राकेश कुमार गौतम, जल निगम रेहान अहमद, सहायक अभियंता लघु सिंचाई डॉ. राजेश कुमार, डीपीआरओ विनय सिंह तथा मेघा इंजीनियरिंग के अधिकारी मौजूद रहे।
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बस्ती। जिले के 70 गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू हो गई है। डीएम ने इन गांवों में उपलब्ध भूमि पर ओवरहेड टैंक, पंप हाउस तथा घर-घर तक पाइप लाइन बिछाने का प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने का जिम्मा मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड हैदराबाद को सौंपा है। विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में डीएम ने बताया कि प्रथम चरण में 400 गांव चिह्नित किए गए हैं। इनकी सूची एसडीएम को भेजी गई है। इसमें से 70 गांव में भूमि उपलब्ध हो गई है।
जिले में जल निगम इस प्रोजेक्ट के नोडल के रूप में कार्य करेगी। जल निगम की ओर से एक मॉडल प्रोजेक्ट भी तैयार किया जाएगा। मॉडल प्रोजेक्ट के अनुसार मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड डीपीआर तैयार करेगी। डीएम आशुतोष निरंजन ने बताया कि प्रत्येक तहसील में एक तकनीकी समिति बनाई जाएगी, जिसमें एसडीएम अध्यक्ष होंगे। कार्यकारी संस्था के सहायक अभियंता, जल निगम के जूनियर इंजीनियर सदस्य होंगे। तहसील स्तर पर डीपीआर का मूल्यांकन कर इसे जिला समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जो सीडीओ की अध्यक्षता में बनाई गई है। इस समिति में अधिशासी अभियंता जल निगम तथा जिला विकास अधिकारी सदस्य हैं। डीपीआर का परीक्षण अधीक्षण अभियंता लघु सिंचाई करेंगे। इन दोनों के परीक्षण के बाद डीपीआर डीएम के सामने पेश की जाएगी। अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई जयप्रकाश ने बताया कि दो करोड़ तक के डीपीआर की स्वीकृति डीएम के स्तर से होती है। जिले में कार्य कराने के लिए सात एजेंसियों को नामित किया गया है। प्रत्येक गांव में चार पक्षों में अनुबंध भी कराया जाएगा।
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बैठक में सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका, अधिशासी अभियंता सिंचाई राकेश कुमार गौतम, जल निगम रेहान अहमद, सहायक अभियंता लघु सिंचाई डॉ. राजेश कुमार, डीपीआरओ विनय सिंह तथा मेघा इंजीनियरिंग के अधिकारी मौजूद रहे।
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