{"_id":"6467c97b3ae916160e05adc6","slug":"drinking-water-arrangements-failed-in-public-places-in-the-scorching-heat-basti-news-c-7-1-173646-2023-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: भीषण गर्मी में सार्वजनिक जगहों पर पेयजल के इंतजाम फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: भीषण गर्मी में सार्वजनिक जगहों पर पेयजल के इंतजाम फेल
Sat, 20 May 2023 12:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 20 May 2023 12:39 AM IST
विज्ञापन
बस्ती। सार्वजनिक जगहों पर पेयजल के इंतजाम फेल हैं। भीषण गर्मी में प्यास बुझाना मुश्किल हो रहा है। शहर के सार्वजनिक स्थलों पर पीने के पानी का इंतजाम नहीं है। पेयजल मुहैया कराने के लिए पूर्व में बनाई गई व्यवस्था फेल हो गई है। अस्पतालों, नुक्कड़ों और मुख्य चौराहों पर लगाए गए वाटर कूलर, वाटर एटीएम खराब पड़े हैं। तल्ख धूप में मुंह सूखने पर तर करने की व्यवस्था कहीं नहीं है। इस बार प्यास से राहत दिलाने को प्रशासन आगे आया और न ही समाजसेवी संस्थाओं के लोग। इंडिया मार्का नल भी बेपानी हो गए हैं। शहर में किसी काम से आए लोगों को यदि प्यास लगी तो बंद बोतल ही एक मात्र सहारा है।
पीने योग्य पानी के इंतजाम पर जिला प्रशासन एवं नगर पालिका की ओर से लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। लेकिन ऐन वक्त पर जनपद मुख्यालय वाले इस शहर में पेयजल का इंतजाम खोजने पर भी नहीं मिलता है। साल 2022 में सार्वजनिक जगहों पर नगर पालिका ने वाटर कूलरों को स्थापित करने में 75 लाख रुपये खर्च कर दिए थे। यह व्यवस्था एक साल भी नहीं चल पाई। जबकि पांच साल पहले लगाए गए वाटर कूलर अधिकतर जगहों से गायब हैं या फिर उसके कुछ कल-पुर्जे ही दिख रहे हैं। वर्तमान में पेयजल के ये दोनों संसाधन बेमतलब साबित हो रहे हैं।
-- -- --
इन जगहों पर पेयजल व्यवस्था चरमराई
पिछले साल रोडवेज, जिला महिला चिकित्सालय के निकट, कंपनीबाग, फब्बारा तिराहा के निकट, कचहरी चौराहा, रेलवे स्टेशन के निकट, पांडेय बाजार, पुरानी बस्ती समेत कुल 15 सार्वजनिक स्थलों पर नगर पालिका की ओर से वाटर एटीएम की स्थापना की गई। इस वाटर एटीएमम से एक रुपये से पांच रुपये तक का सिक्का डालकर कोई भी नागरिक आरओ का पानी प्राप्त कर सकता था। शुरू में इस व्यवस्था से लोग काफी खुश हुए और इनका उपयोग भी होने लगा। लेकिन कुछ ही दिनों बाद पालिका इनका रखरखाव नहीं कर पाई। नतीजा एक-एक कर सभी वाटर एटीएम बंद हो गए। अनजाने लोग इसमें सिक्का डालकर ठगा महसूस कर रहे हैं। पहले इन्हीं सार्वजनिक स्थलों पर वाटर कूलर की स्थापना की गई थी, जिनके अब अवशेष ही दिखाई पड़ते हैं। रोडवेज परिसर में लगा इंडिया मार्का हैंडपंप खराब पड़ा है। यहां आने वाले यात्रियों को प्यास बुझाने के लिए बाहर दुकानों से बोतल बंद पानी खरीदना पड़ता है। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में आने वाले मरीज और उनके तीमारदारों को बूंद भर पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। बाहर से आए लोगों को खरीदकर पानी लाना पड़ता है।
विज्ञापन
-- -- --
पुलिस बूथों पर डिब्बा वाले पानी से बुझ रही प्यास
शहर में एक दर्जन से अधिक पुलिस बूथ है। यहां भी लोगों का आना जाना लगा रहता है। इस भीषण गर्मी में यहां आने वाले लोग भी प्यास नहीं बुझा सकते हैं। शहर के अस्पताल चौकी, रोडवेज, गांधीनगर, कंपनीबाग, सिविल लाइन, बड़ेवन, पांडेय बाजार पुलिस बूथ पर भी पेयजल के इंतजाम नहीं हैं। यहां पुलिस कर्मी खुद की व्यवस्था से पानी के डिब्बे मंगवाते हैं। जो चौबीस घंटे ड्यूटी के दौरान उन्हीं के उपयोग में आ जाता है। फरियादियों का प्यास लगने पर इधर उधर भटकना पड़ता है।
-- -
खराब वाटर एटीएम की सूचना आपूर्तिकर्ता कंपनी को दी गई है। यदि शीघ्र दुरुस्त नहीं किए गए तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका परिषद, बस्ती।
विज्ञापन
पीने योग्य पानी के इंतजाम पर जिला प्रशासन एवं नगर पालिका की ओर से लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। लेकिन ऐन वक्त पर जनपद मुख्यालय वाले इस शहर में पेयजल का इंतजाम खोजने पर भी नहीं मिलता है। साल 2022 में सार्वजनिक जगहों पर नगर पालिका ने वाटर कूलरों को स्थापित करने में 75 लाख रुपये खर्च कर दिए थे। यह व्यवस्था एक साल भी नहीं चल पाई। जबकि पांच साल पहले लगाए गए वाटर कूलर अधिकतर जगहों से गायब हैं या फिर उसके कुछ कल-पुर्जे ही दिख रहे हैं। वर्तमान में पेयजल के ये दोनों संसाधन बेमतलब साबित हो रहे हैं।
विज्ञापन
इन जगहों पर पेयजल व्यवस्था चरमराई
पिछले साल रोडवेज, जिला महिला चिकित्सालय के निकट, कंपनीबाग, फब्बारा तिराहा के निकट, कचहरी चौराहा, रेलवे स्टेशन के निकट, पांडेय बाजार, पुरानी बस्ती समेत कुल 15 सार्वजनिक स्थलों पर नगर पालिका की ओर से वाटर एटीएम की स्थापना की गई। इस वाटर एटीएमम से एक रुपये से पांच रुपये तक का सिक्का डालकर कोई भी नागरिक आरओ का पानी प्राप्त कर सकता था। शुरू में इस व्यवस्था से लोग काफी खुश हुए और इनका उपयोग भी होने लगा। लेकिन कुछ ही दिनों बाद पालिका इनका रखरखाव नहीं कर पाई। नतीजा एक-एक कर सभी वाटर एटीएम बंद हो गए। अनजाने लोग इसमें सिक्का डालकर ठगा महसूस कर रहे हैं। पहले इन्हीं सार्वजनिक स्थलों पर वाटर कूलर की स्थापना की गई थी, जिनके अब अवशेष ही दिखाई पड़ते हैं। रोडवेज परिसर में लगा इंडिया मार्का हैंडपंप खराब पड़ा है। यहां आने वाले यात्रियों को प्यास बुझाने के लिए बाहर दुकानों से बोतल बंद पानी खरीदना पड़ता है। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में आने वाले मरीज और उनके तीमारदारों को बूंद भर पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। बाहर से आए लोगों को खरीदकर पानी लाना पड़ता है।
विज्ञापन
पुलिस बूथों पर डिब्बा वाले पानी से बुझ रही प्यास
शहर में एक दर्जन से अधिक पुलिस बूथ है। यहां भी लोगों का आना जाना लगा रहता है। इस भीषण गर्मी में यहां आने वाले लोग भी प्यास नहीं बुझा सकते हैं। शहर के अस्पताल चौकी, रोडवेज, गांधीनगर, कंपनीबाग, सिविल लाइन, बड़ेवन, पांडेय बाजार पुलिस बूथ पर भी पेयजल के इंतजाम नहीं हैं। यहां पुलिस कर्मी खुद की व्यवस्था से पानी के डिब्बे मंगवाते हैं। जो चौबीस घंटे ड्यूटी के दौरान उन्हीं के उपयोग में आ जाता है। फरियादियों का प्यास लगने पर इधर उधर भटकना पड़ता है।
खराब वाटर एटीएम की सूचना आपूर्तिकर्ता कंपनी को दी गई है। यदि शीघ्र दुरुस्त नहीं किए गए तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका परिषद, बस्ती।