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एक रुपये की पर्ची, चिकित्सक लिख रहे बाहर से दवा

Thu, 14 Apr 2022 10:39 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 14 Apr 2022 10:39 PM IST
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doctor is writing medicine from out of hospital
एक रुपये की पर्ची, चिकित्सक लिख रहे बाहर से दवा
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- गरीबों की उम्मीद पर भारी है निशुल्क इलाज का दावा
- सरकारी पर्चे से इतर छोटी पर्ची पर बाहर से लिखी जाती है दवा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरकारी चिकित्सालयों में फ्री इलाज का दावा जिला अस्पताल में तार-तार हो गया है। एक रुपये की पर्ची पर जहां अस्पताल की दो तीन दवा लिखी जाती है, वहीं चिकित्सक दो से तीन सौ रुपये तक की दवा अलग से पर्ची पर लिख देते हैं। जो गरीबों की उम्मीद पर भारी है। मरीजों के तीमारदार कहते हैं कि चिकित्सक जो दवा लिखे हैं उसे खरीदना मजबूरी है। आंख के एक मरीज को तो चिकित्सक ने बाहर की दवा लिखी ही, उसे जांच करने के लिए घर पर पहुंचने को भी कहा। यानी निशुल्क इलाज का सरकारी दावा केवल कागजों में दम तोड़ रहा है।
महसों निवासी राहुल दवा लेने दुकान पर पहुंचे। यहां उन्हें तीन सौ चार रुपये की दवा बाहर से लेनी पड़ी। बताते हैं कि वह फुटकर सब्जी की दुकान करते हैं। घर में यही आय का स्रोत है। तीन से चार सौ रुपये पूरा परिवार मिलकर कमाता है। कहते हैं कि चिकित्सक ने जो दवा लिखी है, उसे लेना जरूरी है।
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- कूरहा पट्टी गांव निवासी विश्राम की बेटी सिर दर्द से परेशान है। चिकित्सक ने उसे छोटी पर्ची पर तीन सौ रुपये की दवा बाहर से लिख दी। विश्राम कहते हैं कि वे साइकिल बनाकर परिवार चलाते हैं, मगर बीमारी की वजह से वे अस्पताल आए हैं, जहां वे अब तक हजारों रुपये दवा के नाम पर खर्च कर चुके हैं।
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अपनी मां के साथ अस्पताल पहुंचे दक्षिण दरवाजा निवासी अयान कहते हैं कि उनके पिता कपड़ा सिलाई की दुकान पर नौकरी करते हैं। कई दिनों से उन्हें सिर दर्द की दिक्कत थी और यहां दिखाया तो चिकित्सक ने दो दवा तो अस्पताल की दी, मगर 390 रुपये की दवा बाहर से लिख दी है। जेब में पैसे नहीं है, ऐसे में वे दवा नहीं ले सके।
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बेरोजगारी का दंश झेल रहे आंख की बीमारी से परेशान ध्रुव चंद्र ने कहा कि चिकित्सक ने उन्हें दो सौ रुपये की दवा बाहर से लिख दी है। कहा कि चिकित्सक ने घर पर बुलाया है, कहा है कि आंख का परदा जांचेंगे, जिसके लिए अलग से फीस लगेगी। अस्पताल में इस जांच की व्यवस्था नहीं है। कहते हैं कि अब तक हजारों रुपये खर्च हो चुके हैं।

बोले एसआईसी
प्रभारी एसआईसी डॉ. रामप्रकाश ने कहा कि अधिकांश दवाएं अस्पताल में हैं। यदि चिकित्सक बाहर से दवा लिखते हैं और इसकी शिकायत मिलेगी तो उनसे जवाब तलब किया जाएगा। रही आंख के चिकित्सक को घर पर बुलाने की बात तो इस बारे में उनसे लिखकर पूछा जाएगा। यदि कोई भी चिकित्सक मरीजों को बाहर से दवा लिखता है और शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
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