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Basti News: राजस्व मुकदमों के निस्तारण के लिए डीएम ने कसे पेच
Sun, 14 Jan 2024 02:31 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 14 Jan 2024 02:31 PM IST
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मानक के अनुरूप निस्तारण पर अधिकारियों को दी शाबासी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। राजस्व न्यायालयों में विचाराधीन मुकदमों के निस्तारण के लिए डीएम अंद्रा वामसी ने मातहतों के पेच कसे हैं। निर्देश दिए कि मुकदमों से संबंधित आख्या कानूनगो स्तर से तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराई जाए।
वह शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार मुकदमों के निस्तारण की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार स्तर से मानक के अनुरूप मुकदमों का निस्तारण पाए जाने पर डीएम ने शाबासी दी। इन अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र जारी किया जाएगा। कहा कि आख्या उपलब्ध कराने में यदि शिथिलता बरती गई तो कार्रवाई की जाएगी। राजस्व एवं स्टांप, चकबंदी तथा फौजदारी वादों के शीघ्र निस्तारण के लिए पीठासीन अधिकारियों/ मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए।
बताया गया कि राजस्व एवं स्टांप के एक अक्तूबर तक जनपद में कुल 35173 मुकदमे लंबित थे। जबकि एक अक्तूबर से 11 जनवरी तक कुल 8714 मुकदमे दायर किए गए। कुल 43887 लंबित वादों में से 30922 मुकदमे निस्तारित किए जा चुके हैं। अवशेष 12965 में से 9517 एक वर्ष से कम अवधि के मुकदमे हैं। चकबंदी में 5185 में से 3214 मुकदमे निस्तारित किए गए हैं। लंबित 1971 में 1 वर्ष से कम 1121, 3 वर्ष तक की अवधि के 666, 5 वर्ष तक की अवधि के 184 मुकदमे शामिल हैं।
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फौजदारी में 11 जनवरी कुल 11626 में से 9635 मुकदमे निस्तारित कर दिए गए। अवशेष 1991 में से 1905 मुकदमे 1 वर्ष से कम अवधि के हैं। 41 मुकदमे 3 वर्ष तथा 9 मुकदमे 5 वर्ष से कम तथा 36 मुकदमे 5 वर्ष से अधिक अवधि के हैं। डीएम ने अवशेष मुकदमों को जनवरी के अंत तक निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। राजस्व न्यायालयों में विचाराधीन मुकदमों के निस्तारण के लिए डीएम अंद्रा वामसी ने मातहतों के पेच कसे हैं। निर्देश दिए कि मुकदमों से संबंधित आख्या कानूनगो स्तर से तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराई जाए।
वह शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार मुकदमों के निस्तारण की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार स्तर से मानक के अनुरूप मुकदमों का निस्तारण पाए जाने पर डीएम ने शाबासी दी। इन अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र जारी किया जाएगा। कहा कि आख्या उपलब्ध कराने में यदि शिथिलता बरती गई तो कार्रवाई की जाएगी। राजस्व एवं स्टांप, चकबंदी तथा फौजदारी वादों के शीघ्र निस्तारण के लिए पीठासीन अधिकारियों/ मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए।
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बताया गया कि राजस्व एवं स्टांप के एक अक्तूबर तक जनपद में कुल 35173 मुकदमे लंबित थे। जबकि एक अक्तूबर से 11 जनवरी तक कुल 8714 मुकदमे दायर किए गए। कुल 43887 लंबित वादों में से 30922 मुकदमे निस्तारित किए जा चुके हैं। अवशेष 12965 में से 9517 एक वर्ष से कम अवधि के मुकदमे हैं। चकबंदी में 5185 में से 3214 मुकदमे निस्तारित किए गए हैं। लंबित 1971 में 1 वर्ष से कम 1121, 3 वर्ष तक की अवधि के 666, 5 वर्ष तक की अवधि के 184 मुकदमे शामिल हैं।
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फौजदारी में 11 जनवरी कुल 11626 में से 9635 मुकदमे निस्तारित कर दिए गए। अवशेष 1991 में से 1905 मुकदमे 1 वर्ष से कम अवधि के हैं। 41 मुकदमे 3 वर्ष तथा 9 मुकदमे 5 वर्ष से कम तथा 36 मुकदमे 5 वर्ष से अधिक अवधि के हैं। डीएम ने अवशेष मुकदमों को जनवरी के अंत तक निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं।