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डीएम ने जाना धान खरीद का हाल
basti
Updated Wed, 29 Nov 2017 11:21 PM IST
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निरीक्ष्ाण्ा
- फोटो : amar ujala
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साउंघाट।
धान क्रय केंद्रों से खरीद को लेकर मिल रही शिकायतों के क्रम में बुधवार को डीएम अरविंद कुमार सिंह अचानक मंडी स्थल पहुंच गए। यहां अचानक डीएम के पहुंचते ही अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, डीएम ने स्थिति की जानकारी लेने के बाद अपने सामने ही यंत्र से धान की जांच कराई, जिसमें क्वालिटी में कमी पाई गई, मगर इन किसानों के धान खरीदने का निर्देश डीएम ने दिया।
मंडी स्थल पर डीएम की गाड़ी सीधे खाद्य एवं रसद विभाग के खरीद केंद्र पर रुकी। वहां मौजूद सदर क्षेत्र के एसएमआई राम जन्म वर्मा और साऊंघाट के क्रय प्रभारी संजय जायसवाल खरीद करते हुए पाए गए। यहां साऊंघाट केंद्र पर धान हटा रहे मजदूरों के बीच डीएम ने पहुंच कर धान की क्वालिटी को हाथ में लेकर जांचा। डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ पांडेय से धान के बारे में तकनीकी जानकारी ली।
वहां मौजूद किसान रामअनुज पांडेय, बजरंगी, रामनरेश चौधरी, सुभाष चौधरी, राजेंद्र, राजन सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह ने डीएम को बताया कि उनका धान मानक के अनुसार नहीं है। ऐसे में रिजेक्ट कर दिया गया अब धान कहां बेचें? बेलहरा के किसान ध्रुवचंद्र चौधरी वहां धान लेकर आए थे। इनके धान की जांच डीएम के सामने ही कराई गई, जिसमें मानक से अधिक चावल का टूटा निकला। डिप्टी आरएमओ ने डीएम को स्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि सरकार की गाइडलाइन है कि 67 प्रतिशत चावल धान से मिले।
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सरैया के किसान रामनरेश चौधरी और परसा लाल शाही के किसान सुभाष चौधरी के धान की भी जांच की गई जो मानक के अनुरूप नहीं था, मगर डीएम ने इनके धान खरीदने का निर्देश दिया। यहां जांच में डीएम ने सर्वाधिक खरीद सांऊघाट की पाई, जबकि दूसरे नंबर पर सदर क्षेत्र की खरीद पाई गई।
डीएम ने डिप्टीआरएमओ को निर्देश दिया कि शासन की मंशानुसार ही धान की खरीद करें। यदि इसमें कोई दिक्कत आती है तो प्रशासन से बात कराएं। इस मौके पर मंडी सचिव राजित राम वर्मा भी मौजूद रहे।
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धान क्रय केंद्रों से खरीद को लेकर मिल रही शिकायतों के क्रम में बुधवार को डीएम अरविंद कुमार सिंह अचानक मंडी स्थल पहुंच गए। यहां अचानक डीएम के पहुंचते ही अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, डीएम ने स्थिति की जानकारी लेने के बाद अपने सामने ही यंत्र से धान की जांच कराई, जिसमें क्वालिटी में कमी पाई गई, मगर इन किसानों के धान खरीदने का निर्देश डीएम ने दिया।
मंडी स्थल पर डीएम की गाड़ी सीधे खाद्य एवं रसद विभाग के खरीद केंद्र पर रुकी। वहां मौजूद सदर क्षेत्र के एसएमआई राम जन्म वर्मा और साऊंघाट के क्रय प्रभारी संजय जायसवाल खरीद करते हुए पाए गए। यहां साऊंघाट केंद्र पर धान हटा रहे मजदूरों के बीच डीएम ने पहुंच कर धान की क्वालिटी को हाथ में लेकर जांचा। डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ पांडेय से धान के बारे में तकनीकी जानकारी ली।
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वहां मौजूद किसान रामअनुज पांडेय, बजरंगी, रामनरेश चौधरी, सुभाष चौधरी, राजेंद्र, राजन सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह ने डीएम को बताया कि उनका धान मानक के अनुसार नहीं है। ऐसे में रिजेक्ट कर दिया गया अब धान कहां बेचें? बेलहरा के किसान ध्रुवचंद्र चौधरी वहां धान लेकर आए थे। इनके धान की जांच डीएम के सामने ही कराई गई, जिसमें मानक से अधिक चावल का टूटा निकला। डिप्टी आरएमओ ने डीएम को स्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि सरकार की गाइडलाइन है कि 67 प्रतिशत चावल धान से मिले।
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सरैया के किसान रामनरेश चौधरी और परसा लाल शाही के किसान सुभाष चौधरी के धान की भी जांच की गई जो मानक के अनुरूप नहीं था, मगर डीएम ने इनके धान खरीदने का निर्देश दिया। यहां जांच में डीएम ने सर्वाधिक खरीद सांऊघाट की पाई, जबकि दूसरे नंबर पर सदर क्षेत्र की खरीद पाई गई।
डीएम ने डिप्टीआरएमओ को निर्देश दिया कि शासन की मंशानुसार ही धान की खरीद करें। यदि इसमें कोई दिक्कत आती है तो प्रशासन से बात कराएं। इस मौके पर मंडी सचिव राजित राम वर्मा भी मौजूद रहे।