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Basti News: अंबेडकरनगर से बर्खास्त सिपाही ठगी के आरोप में वर्दी में गिरफ्तार
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बस्ती। लालगंज पुलिस ने अंबेडकरनगर जिले से बर्खास्त सिपाही अजय जायसवाल को वर्दी पहने हुए बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करता है।
आरोप है कि संतकबीरनगर जिले के रहने वाले दो लोगों से एक लाख 84 हजार रुपये नौकरी के नाम पर ऐंठ लिए थे। पुलिस ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया है, वहां से जेल भेज दिया गया। पकड़ा गया बर्खास्त सिपाही प्रतापगढ़ जिले के कोतवाली क्षेत्र के बलीपुर गायत्री नगर का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के अनुसार, वह वर्दी पहने हुआ था और नेम प्लेट पर नाम छिपाने के लिए राहुल कुमार लगाया था। पुलिस ने बताया कि संतकबीरनगर जिले के घनघटा थाना क्षेत्र के कुरमौल निवासी अश्वनी दुबे और उनके मित्र देवरिया जनपद के सुरौली थाना क्षेत्र के मलका टोला निवासी विनोद कुमार की 27 जनवरी को टेढ़ी पुलिया (लखनऊ) पर उनकी मुलाकात बर्खास्त सिपाही से हुई थी।
उसने खुद को एनएसएसओ विभाग में अच्छी पकड़ रखने वाला बताते हुए दोनों युवकों को संविदा क्षेत्र प्रवेक्षक के पद पर नौकरी दिलाने का वादा किया। उसके झांसे में इन लोगों ने ऑनलाइन और नगद मिलाकर 1,84,000 रुपये उसे दिए। छह फरवरी को बर्खास्त सिपाही ने दोनों लोगों को नियुक्ति पत्र सौंपा। संदेह होने पर दोनों लोग गोरखपुर एनएसएसओ कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है।
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इसके बाद बर्खास्त सिपाही से दोनों लोगों ने बात की। उसने 19 फरवरी को लालगंज थाना क्षेत्र के निपनिया भट्ठे के पास दूसरा नियुक्ति पत्र देने के लिए बुलाया।
इसके बदले अतिरिक्त रुपये की भी डिमांड की। दोनों पीड़ित उसके बताए हुए स्थल पर पहुंच गए। इस दौरान वह पुलिस की वर्दी पहने हुए था, लेकिन उसके नेम प्लेट पर अपना असली नाम छिपाने के लिए राहुल कुमार लिखा था। पीड़ितों ने रुपये वापस मांगे तो आरोपी बर्खास्त सिपाही ने कुछ धनराशि ऑनलाइन व नगद लौटाई।
शेष राशि देने से इन्कार कर दिया। इसके बाद दोनों पीड़ित उसे पकड़कर थाने ले आए। लालगंज पुलिस ने उसकी पहचान अजय कुमार जायसवाल के रूप में की।
छानबीन में पता चला कि वह नौकरी के दौरान भी इस तरह की ठगी करता रहा, इसीलिए अंबेडकर नगर जिले में तैनाती के दौरान वर्ष 2024 में उसे विभाग ने बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद भी वर्दी पहनकर ठगी का खेल बंद नहीं किया। पुलिस ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, वहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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आरोप है कि संतकबीरनगर जिले के रहने वाले दो लोगों से एक लाख 84 हजार रुपये नौकरी के नाम पर ऐंठ लिए थे। पुलिस ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया है, वहां से जेल भेज दिया गया। पकड़ा गया बर्खास्त सिपाही प्रतापगढ़ जिले के कोतवाली क्षेत्र के बलीपुर गायत्री नगर का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के अनुसार, वह वर्दी पहने हुआ था और नेम प्लेट पर नाम छिपाने के लिए राहुल कुमार लगाया था। पुलिस ने बताया कि संतकबीरनगर जिले के घनघटा थाना क्षेत्र के कुरमौल निवासी अश्वनी दुबे और उनके मित्र देवरिया जनपद के सुरौली थाना क्षेत्र के मलका टोला निवासी विनोद कुमार की 27 जनवरी को टेढ़ी पुलिया (लखनऊ) पर उनकी मुलाकात बर्खास्त सिपाही से हुई थी।
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उसने खुद को एनएसएसओ विभाग में अच्छी पकड़ रखने वाला बताते हुए दोनों युवकों को संविदा क्षेत्र प्रवेक्षक के पद पर नौकरी दिलाने का वादा किया। उसके झांसे में इन लोगों ने ऑनलाइन और नगद मिलाकर 1,84,000 रुपये उसे दिए। छह फरवरी को बर्खास्त सिपाही ने दोनों लोगों को नियुक्ति पत्र सौंपा। संदेह होने पर दोनों लोग गोरखपुर एनएसएसओ कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है।
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इसके बाद बर्खास्त सिपाही से दोनों लोगों ने बात की। उसने 19 फरवरी को लालगंज थाना क्षेत्र के निपनिया भट्ठे के पास दूसरा नियुक्ति पत्र देने के लिए बुलाया।
इसके बदले अतिरिक्त रुपये की भी डिमांड की। दोनों पीड़ित उसके बताए हुए स्थल पर पहुंच गए। इस दौरान वह पुलिस की वर्दी पहने हुए था, लेकिन उसके नेम प्लेट पर अपना असली नाम छिपाने के लिए राहुल कुमार लिखा था। पीड़ितों ने रुपये वापस मांगे तो आरोपी बर्खास्त सिपाही ने कुछ धनराशि ऑनलाइन व नगद लौटाई।
शेष राशि देने से इन्कार कर दिया। इसके बाद दोनों पीड़ित उसे पकड़कर थाने ले आए। लालगंज पुलिस ने उसकी पहचान अजय कुमार जायसवाल के रूप में की।
छानबीन में पता चला कि वह नौकरी के दौरान भी इस तरह की ठगी करता रहा, इसीलिए अंबेडकर नगर जिले में तैनाती के दौरान वर्ष 2024 में उसे विभाग ने बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद भी वर्दी पहनकर ठगी का खेल बंद नहीं किया। पुलिस ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, वहां से उसे जेल भेज दिया गया।