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Basti News: बस्ती-पीलीभीत मार्ग के चौड़ीकरण में ढिलाई, तय समय बीता फिर भी अधूरा काम
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बस्ती-पीलीभीत मार्ग पर अधूरा निर्माण स्रोत विभाग
- फोटो : credit
बस्ती। बस्ती-पीलीभीत मार्ग के चौड़ीकरण में धीमी गति से राहगीरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी परियोजना का काम पूरा नहीं हो सका है। बारिश के कारण जगह-जगह गड्ढों में पानी भरने से इस मार्ग पर आवागमन जोखिम भरा हो गया है। वाहन चालकों को सड़क की स्थिति का अंदाजा नहीं लग पा रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
मनौरी चौराहे से सिद्धार्थनगर सीमा के दुबौली तक करीब 34 किलोमीटर सड़क के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए मार्च 2025 में 112 करोड़ 32 लाख 34 हजार रुपये की स्वीकृति मिली थी। कार्ययोजना के अनुसार अगस्त 2026 तक निर्माण पूरा किया जाना था। समय सीमा बीतने के बाद भी बस्ती जिले में करीब 14 किलोमीटर का काम बाकी है। अब परियोजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
निर्माण में देरी के लिए विभागीय अधिकारियों ने वन विभाग की आपत्ति, बिजली के पोल की शिफ्टिंग और बारिश को प्रमुख कारण बताया है। अधिकारियों के अनुसार, वन विभाग से संबंधित जमीन की समस्या का समाधान कर साइट उपलब्ध करा दी गई है। कई स्थानों पर पेड़ हटाने और बिजली के पोल शिफ्ट करने का काम भी चल रहा है।
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लक्ष्मणपुर से दुबौली तक कई स्थानों पर सड़क की हालत खराब है। नरायनपुर, पचमोहनी, मंडप, भानपुर और उकड़ा में बड़े-बड़े गड्ढे राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भरने से स्थिति और गंभीर हो गई है। वाहन चालकों को गड्ढों की गहराई का पता नहीं चल पाता, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
इस मार्ग के चौड़ीकरण से पीलीभीत, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, लुंबिनी, श्रावस्ती, बहराइच और गोंडा समेत कई क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण इस मार्ग पर लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी।
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समय सीमा खत्म, अब तक 20 किमी. पर निर्माण
मार्च 2025 में परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद लोगों को निर्धारित समय में बेहतर और चौड़ी सड़क मिलने की उम्मीद थी। लेकिन अगस्त 2026 की अंतिम समय सीमा बीतने के बाद भी निर्माण अधूरा है। बस्ती जिले में करीब 20 किलोमीटर हिस्से पर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 14 किलोमीटर का काम शेष है। राहगीरों का कहना है कि निर्माण की धीमी गति के कारण उन्हें जाम और खराब सड़क दोनों की समस्या झेलनी पड़ रही है।
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बिजली के पोल और पेड़ बने अवरोध, अब साइट क्लियर
34 किलोमीटर का काम बस्ती पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के अधीन है, जबकि 15 किलोमीटर का हिस्सा सिद्धार्थनगर निर्माण खंड के अधीन है। विभाग के अनुसार बस्ती जिले में 20 किलोमीटर पर निर्माण पूरा हो चुका है। करीब 30 किलोमीटर हिस्से में साइट क्लियर होने के बाद बाइडिंग का काम कराया जा चुका है। आगे साइट क्लियर होते ही खुदाई कर छोटी बोल्डर गिट्टी डाली जा रही है। बारिश के कारण लेपन कार्य प्रभावित हो रहा है।
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बारिश में सफर मुश्किल हो गया है। मार्ग पर वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण अक्सर जाम लगता है। गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना की आशंका रहती है। निर्माण जल्द पूरा होना चाहिए।
- वैभव चंद्र गुप्ता, भानपुर
आपसी समन्वय की कमी से परियोजना में देरी हुई है। बारिश के बाद मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं और सफर जोखिम भरा है। निर्माण कार्य में तेजी लाई जानी चाहिए।
- अमन गुप्ता, भानपुर
कोट
मार्च 2027 तक सड़क का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। बारिश के कारण लेपन का काम प्रभावित हो रहा है। करीब 30 किलोमीटर हिस्से में बाइडिंग का काम हो चुका है। बिजली के पोल की शिफ्टिंग और पेड़ों के कारण कुछ स्थानों पर साइट क्लियर नहीं थी। अब इन बाधाओं को दूर किया जा रहा है।
-अवधेश कुमार, एक्सईएन पीडब्लयूडी, निर्माण खंड, बस्ती।
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मनौरी चौराहे से सिद्धार्थनगर सीमा के दुबौली तक करीब 34 किलोमीटर सड़क के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए मार्च 2025 में 112 करोड़ 32 लाख 34 हजार रुपये की स्वीकृति मिली थी। कार्ययोजना के अनुसार अगस्त 2026 तक निर्माण पूरा किया जाना था। समय सीमा बीतने के बाद भी बस्ती जिले में करीब 14 किलोमीटर का काम बाकी है। अब परियोजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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निर्माण में देरी के लिए विभागीय अधिकारियों ने वन विभाग की आपत्ति, बिजली के पोल की शिफ्टिंग और बारिश को प्रमुख कारण बताया है। अधिकारियों के अनुसार, वन विभाग से संबंधित जमीन की समस्या का समाधान कर साइट उपलब्ध करा दी गई है। कई स्थानों पर पेड़ हटाने और बिजली के पोल शिफ्ट करने का काम भी चल रहा है।
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लक्ष्मणपुर से दुबौली तक कई स्थानों पर सड़क की हालत खराब है। नरायनपुर, पचमोहनी, मंडप, भानपुर और उकड़ा में बड़े-बड़े गड्ढे राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भरने से स्थिति और गंभीर हो गई है। वाहन चालकों को गड्ढों की गहराई का पता नहीं चल पाता, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
इस मार्ग के चौड़ीकरण से पीलीभीत, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, लुंबिनी, श्रावस्ती, बहराइच और गोंडा समेत कई क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण इस मार्ग पर लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी।
समय सीमा खत्म, अब तक 20 किमी. पर निर्माण
मार्च 2025 में परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद लोगों को निर्धारित समय में बेहतर और चौड़ी सड़क मिलने की उम्मीद थी। लेकिन अगस्त 2026 की अंतिम समय सीमा बीतने के बाद भी निर्माण अधूरा है। बस्ती जिले में करीब 20 किलोमीटर हिस्से पर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 14 किलोमीटर का काम शेष है। राहगीरों का कहना है कि निर्माण की धीमी गति के कारण उन्हें जाम और खराब सड़क दोनों की समस्या झेलनी पड़ रही है।
बिजली के पोल और पेड़ बने अवरोध, अब साइट क्लियर
34 किलोमीटर का काम बस्ती पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के अधीन है, जबकि 15 किलोमीटर का हिस्सा सिद्धार्थनगर निर्माण खंड के अधीन है। विभाग के अनुसार बस्ती जिले में 20 किलोमीटर पर निर्माण पूरा हो चुका है। करीब 30 किलोमीटर हिस्से में साइट क्लियर होने के बाद बाइडिंग का काम कराया जा चुका है। आगे साइट क्लियर होते ही खुदाई कर छोटी बोल्डर गिट्टी डाली जा रही है। बारिश के कारण लेपन कार्य प्रभावित हो रहा है।
बारिश में सफर मुश्किल हो गया है। मार्ग पर वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण अक्सर जाम लगता है। गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना की आशंका रहती है। निर्माण जल्द पूरा होना चाहिए।
- वैभव चंद्र गुप्ता, भानपुर
आपसी समन्वय की कमी से परियोजना में देरी हुई है। बारिश के बाद मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं और सफर जोखिम भरा है। निर्माण कार्य में तेजी लाई जानी चाहिए।
- अमन गुप्ता, भानपुर
कोट
मार्च 2027 तक सड़क का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। बारिश के कारण लेपन का काम प्रभावित हो रहा है। करीब 30 किलोमीटर हिस्से में बाइडिंग का काम हो चुका है। बिजली के पोल की शिफ्टिंग और पेड़ों के कारण कुछ स्थानों पर साइट क्लियर नहीं थी। अब इन बाधाओं को दूर किया जा रहा है।
-अवधेश कुमार, एक्सईएन पीडब्लयूडी, निर्माण खंड, बस्ती।