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Basti News: इमरजेंसी में भर्ती हो रहे डायरिया के रोगी
Thu, 30 May 2024 12:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 30 May 2024 12:25 AM IST
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मेडिकल वार्ड के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज।
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- जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के ओपेक कैली में पहुंच रहे डिहाइड्रेशन के सर्वाधिक मरीज
- ओपीडी में भी बढ़ी मरीजों की भीड़, सीएचसी- पीएचसी पर भी मरीजों का भार बढ़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। भीषण गर्मी के चलते अस्पतालों पर मरीजों का भार बढ़ गया है। सीएचसी- पीएचसी से लेकर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली में उल्टी, दस्त और डायरिया के मरीज आने शुरू हो गए हैं। इमरजेंसी में 10 से 15 मरीज प्रतिदिन भर्ती किए जा रहे हैं। वहीं ओपीडी में डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या भी बढ़ी हुई है।
स्वास्थ्य महकमा की ओर से भीषण हीट वेब की चेतावनी जारी की गई है। भीषण गर्मी में अचानक लोगों की तबियत बिगड़ जा रही है। खानपान में असंतुलन होते ही या तल्ख धूप में चलने के कारण पेट में दर्द के साथ समस्या शुरू हो रही है। कुछ ही देर बाद उल्टी- दस्त भी हो रहा है। इधर दो दिनों में जिला अस्पताल के इमरजेंसी में उल्अी- दस्त से पीड़ित 15 से 25 मरीज पहुंचे हैं। इसमें कुछ मरीजों को घंटे- दो घंटे भर्ती रखने के बाद स्थिति सामान्य होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया। फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि ओपीडी में डिहाइड्रेशन के मरीज ज्यादातर आ रहे हैं। असंतुलित खानपान की वजह से इन मरीजों की संख्या बढी है। गर्मी से बचाव ही सबसे अच्छा तरीका है। इसी तरह ओपेक चिकित्सालय कैली के इमरजेंसी में भी गर्मी जनित बीमारियों से ग्रसित लोग प्रतिदिन भर्ती हो रहे हैं। मंगलवार को यहां उल्टी- दस्त से पीड़ित 8 और बुधवार को 12 मरीज भर्ती हुए। एमडी डॉ. रजत पांडेय ने बताया कि पेट दर्द, बुखार और उल्टी दस्त के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। भीषण गर्मी में सावधानियां बरतनी सभी के लिए जरूरी है।
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बरतें यह सावधानियां
- नियमित अंतराल पर पानी, छांछ, ओआरएस का घोल या घर में बने पेय जैसे लस्सी, नीबू पानी, आम का पना इत्यादि का सेवन करें। कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन न करें।
- चेहरे और शरीर पर सनस्क्रीम लगाकर ही बाहर निकलें। किसी भी अच्छी कंपनी का जिसका एसपीएफ 30 से अधिक है वो प्रभावशाली होता है।
- यथा संभव दोपहर 12 से दोपहर 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें।
- धूप में निकलते समय अपना सिर ढक कर रखें। कपड़े, टोपी अथवा छतरी का उपयोग करें।
- धूप में निकलने के पहले तरल पदार्थ का सेवन करें। पानी हमेशा साथ रखें। शरीर में पानी की कमी न होने दें।
- सूती, ढीले एवं आरामदायक कपड़े पहनें। सिंथेटिक एवं गहरे रंग के वस्त्र पहनने से बचें।
- जानवरों को छाया में रखें और उन्हें पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी दें।
- अत्यधिक गर्मी होने की स्थिति में ठंडे पानी से शरीर को पोछे या कई बार स्नान करें। धूप तथा गर्म हवाओं के संपर्क के तुरंत बाद स्नान न करें।
- सुपाच्य भोजन करें।
- वसायुक्त, ज्यादा प्रोटीन वाले भोजन तथा अल्कोहल, चाय, काफी जैसे पेय पदार्थ का उपयोग कम से कम करें।
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- ओपीडी में भी बढ़ी मरीजों की भीड़, सीएचसी- पीएचसी पर भी मरीजों का भार बढ़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। भीषण गर्मी के चलते अस्पतालों पर मरीजों का भार बढ़ गया है। सीएचसी- पीएचसी से लेकर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली में उल्टी, दस्त और डायरिया के मरीज आने शुरू हो गए हैं। इमरजेंसी में 10 से 15 मरीज प्रतिदिन भर्ती किए जा रहे हैं। वहीं ओपीडी में डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या भी बढ़ी हुई है।
स्वास्थ्य महकमा की ओर से भीषण हीट वेब की चेतावनी जारी की गई है। भीषण गर्मी में अचानक लोगों की तबियत बिगड़ जा रही है। खानपान में असंतुलन होते ही या तल्ख धूप में चलने के कारण पेट में दर्द के साथ समस्या शुरू हो रही है। कुछ ही देर बाद उल्टी- दस्त भी हो रहा है। इधर दो दिनों में जिला अस्पताल के इमरजेंसी में उल्अी- दस्त से पीड़ित 15 से 25 मरीज पहुंचे हैं। इसमें कुछ मरीजों को घंटे- दो घंटे भर्ती रखने के बाद स्थिति सामान्य होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया। फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि ओपीडी में डिहाइड्रेशन के मरीज ज्यादातर आ रहे हैं। असंतुलित खानपान की वजह से इन मरीजों की संख्या बढी है। गर्मी से बचाव ही सबसे अच्छा तरीका है। इसी तरह ओपेक चिकित्सालय कैली के इमरजेंसी में भी गर्मी जनित बीमारियों से ग्रसित लोग प्रतिदिन भर्ती हो रहे हैं। मंगलवार को यहां उल्टी- दस्त से पीड़ित 8 और बुधवार को 12 मरीज भर्ती हुए। एमडी डॉ. रजत पांडेय ने बताया कि पेट दर्द, बुखार और उल्टी दस्त के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। भीषण गर्मी में सावधानियां बरतनी सभी के लिए जरूरी है।
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बरतें यह सावधानियां
- नियमित अंतराल पर पानी, छांछ, ओआरएस का घोल या घर में बने पेय जैसे लस्सी, नीबू पानी, आम का पना इत्यादि का सेवन करें। कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन न करें।
- चेहरे और शरीर पर सनस्क्रीम लगाकर ही बाहर निकलें। किसी भी अच्छी कंपनी का जिसका एसपीएफ 30 से अधिक है वो प्रभावशाली होता है।
- यथा संभव दोपहर 12 से दोपहर 3 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें।
- धूप में निकलते समय अपना सिर ढक कर रखें। कपड़े, टोपी अथवा छतरी का उपयोग करें।
- धूप में निकलने के पहले तरल पदार्थ का सेवन करें। पानी हमेशा साथ रखें। शरीर में पानी की कमी न होने दें।
- सूती, ढीले एवं आरामदायक कपड़े पहनें। सिंथेटिक एवं गहरे रंग के वस्त्र पहनने से बचें।
- जानवरों को छाया में रखें और उन्हें पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी दें।
- अत्यधिक गर्मी होने की स्थिति में ठंडे पानी से शरीर को पोछे या कई बार स्नान करें। धूप तथा गर्म हवाओं के संपर्क के तुरंत बाद स्नान न करें।
- सुपाच्य भोजन करें।
- वसायुक्त, ज्यादा प्रोटीन वाले भोजन तथा अल्कोहल, चाय, काफी जैसे पेय पदार्थ का उपयोग कम से कम करें।