{"_id":"6354365a40252a6ed94aede0","slug":"dhanteras-effect-of-saturn-on-automobile-and-utensils-business-basti-news-gkp454992475","type":"story","status":"publish","title_hn":"धनतेरस : ऑटोमोबाइल व बर्तन कारोबार पर शनि का असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धनतेरस : ऑटोमोबाइल व बर्तन कारोबार पर शनि का असर
विज्ञापन
गांधीनगर में सजी दुकानें।
- फोटो : BASTI
धनतेरस : ऑटोमोबाइल व बर्तन कारोबार पर शनि का असर
बस्ती। धनतेरस पर बाजार गुलजार रहा। इस पर्व से संबंधित बाकी सामान की जमकर बिक्री हुई, पर ऑटोमोबाइल व बर्तन के कारोबार पर शनि का असर दिखा। शनिवार के चलते इस बार ये कारोबार प्रभावित हुए।
धनतेरस पर बाजार में धन की वर्षा हुई। व्यापारियों के चेहरे खिल गए। छोटी-बड़ी सभी दुकानें ग्राहकों से भरी रहीं। खरीदारों के आने-जाने का सिलसिला देर रात तक बना रहा। हाट, बाजार, कस्बा हर जगह उत्सव सा माहौल दिखा। हालांकि, शनि के प्रभाव ने आटोमोबाइल व बर्तन कारोबार को प्रभावित किया। शहर के ऑटोमोबाइल्स की दुकानों पर शनि का असर नजर आया। छिटपुट खरीद हुई, मगर अधिकांश लोगों ने एक दिन पहले वाहनों की बुकिंग कराई थी। एक एजेंसी के प्रोपराइटर रवि चौधरी ने बताया कि उनके यहां 206 दो पहिया वाहनों की बुकिंग हुई है। इसमें से 35 वाहन तो धनतेरस के एक दिन पहले लोगों ने खरीद लिए, जबकि पांच वाहन धनतेरस पर बिके। उम्मीद है कि रविवार को धनतेरस की खरीद ग्राहक करेंगे।
इसी प्रकार एक अन्य एजेंसी के प्रबंधक पवन कुमार ने बताया कि उनके यहां 189 वाहनों की बुकिंग हुई है। शनिवार के चलते धनतेरस पर सिर्फ दस वाहन बिके। धनतेरस पर्व पर बर्तन खरीदने का रिवाज अभी भी कायम है। शहर के सभी प्रमुख स्थलों पर बर्तन की दुकानें सजी रहीं, मगर शनिवार के चलते ग्राहकों में खरीद का उत्साह नहीं दिखा। गांधी नगर में बर्तन के दुकानदार आलम ने बताया कि लोगों ने दुकान तक पहुंच कर बर्तनों का परीक्षण किया जरूर, मगर छिटपुट लोग ही बर्तन खरीदे। शनिवार होने की वजह से लोग लोहे का सामान खरीदने से परहेज कर रहे थे।
विज्ञापन
दूसरी ओर, धनतेरस पर कपड़ा, गहना, मिठाई खूब बिके। बाइक, कार व बर्तन की बिक्री प्रभावित रही। पिछले वर्ष की तुलना में महंगाई ज्यादा थी, बावजूद इसके लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार खरीदारी की।
जाम रहा शहर, यातायात बाधित, परेशान रही पुलिस
शहर में इस पर्व पर कुछ खास रौनक दिखी। दिन में 11 बजते-बजते ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ के आगे वाहन से निकलने की गुंजाइश बहुत कम थी। समूचा शहर जाम की जद में आ गया। जिधर देखो, उधर ही भीड़। कुछ न कुछ खरीदारी मुख्य बाजार से लेकर चौक-चौराहों तक होती रही। गांधीनगर, पांडेय बाजार में व्यवसाय का केंद्र बना रहा। शहर में चौतरफा जाम लगा रहा। गांधीनगर में रिक्शा, ऑटो, कार, बाइक रेंगती नजर आईं। कंपनी बाग से रोडवेज पहुंचने में घंटों लग गए। फव्वारा तिराहे, कटरा, रौता चौराहा, नेहरू तिराहे, करूआ बाबा, मंगल बाजार आदि जगहों पर आवागमन पूरे दिन बाधित रहा। पुलिस और ट्रैफिक के जवान कड़ी मशक्कत के बाद लोगों को जाम से निजात दिला पा रहे थे। शहरवासी तो परिवर्तित मार्गों का सहारा लेकर इधर से उधर पहुंचे।
सिक्के व गहनों के खरीद की रही धूम
सराफा व्यवसायी कुंदन वर्मा ने बताया कि गांधीनगर और पुरानी बस्ती क्षेत्र के प्रमुख बाजार में गहनों की जमकर खरीदारी हुई। लोग परिवार के साथ दुकानों पर जमे रहे। मध्यम वर्गीय लोगों ने सर्वाधिक चांदी के सिक्के खरीदे। 600 से लेकर 1000 रुपये तक के सिक्के बाजार में खूब बिके। नए माडलों के आभूषण महिलाओं की पसंद बने। मंगल बाजार के स्वर्ण व्यवसायी गौरव भारत ने बताया कि इस बार की बिक्री काफी संतोषजनक है। महिलाओं के आभूषण और चांदी के सिक्के सर्वाधिक बिके हैं। अनुमानित तौर पर जिले भर में सोने-चांदी का कारोबार करोड़ों के पार पहुंचा है।
सजी पटाखों की 349 दुकानें, शुरू हुई खरीदारी
बस्ती। जिले में धनतेरस से विभिन्न स्थानों पर पटाखा की बिक्री शुरू हो गई। बम, अनार, रैकेट, सतरंगी समेत कई तरह के पटाखों से दुकानें सज गई हैं। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने बताया कि जिले में कुल 349 दुकानदारों को तीन दिन का अस्थायी लाइसेंस दिया गया है। शनिवार को रुधौली, सल्टौआ समेत विभिन्न स्थानों पर अग्निशमन टीम ने मानकों की जांच की। शहर में राजकीय इंटर कॉलेज का मैदान, आईटीआई कटरा का मैदान और पुरानी बस्ती क्षेत्र के पंकज पुलिया रेलवे स्टेशन रोड पर पटाखा बिक्री शुरू हुई। वहीं, जिले में कुल 349 लोगों को पटाखा बिक्री का अस्थाई लाइसेंस मिला है। इनमें कोतवाली में 62, पुरानी बस्ती थानाक्षेत्र में 23, वाल्टरगंज में 25, हर्रैया में 21, रुधौली में 24, लालगंज में 09, मुंडेरवा में 11, पैकोलिया में 08, नगर थाना में 17, दुबौलिया में 28, छावनी में 14, गौर में चार, कलवारी में 16, कप्तानगंज थाना क्षेत्र में 21 दुकानें शामिल हैं। शहर के कोतवाली क्षेत्र में राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में 44 और राजकीय आईटीआई के परिसर में पटाखों की 18 दुकानें लगी हैं।
विज्ञापन
बस्ती। धनतेरस पर बाजार गुलजार रहा। इस पर्व से संबंधित बाकी सामान की जमकर बिक्री हुई, पर ऑटोमोबाइल व बर्तन के कारोबार पर शनि का असर दिखा। शनिवार के चलते इस बार ये कारोबार प्रभावित हुए।
धनतेरस पर बाजार में धन की वर्षा हुई। व्यापारियों के चेहरे खिल गए। छोटी-बड़ी सभी दुकानें ग्राहकों से भरी रहीं। खरीदारों के आने-जाने का सिलसिला देर रात तक बना रहा। हाट, बाजार, कस्बा हर जगह उत्सव सा माहौल दिखा। हालांकि, शनि के प्रभाव ने आटोमोबाइल व बर्तन कारोबार को प्रभावित किया। शहर के ऑटोमोबाइल्स की दुकानों पर शनि का असर नजर आया। छिटपुट खरीद हुई, मगर अधिकांश लोगों ने एक दिन पहले वाहनों की बुकिंग कराई थी। एक एजेंसी के प्रोपराइटर रवि चौधरी ने बताया कि उनके यहां 206 दो पहिया वाहनों की बुकिंग हुई है। इसमें से 35 वाहन तो धनतेरस के एक दिन पहले लोगों ने खरीद लिए, जबकि पांच वाहन धनतेरस पर बिके। उम्मीद है कि रविवार को धनतेरस की खरीद ग्राहक करेंगे।
विज्ञापन
इसी प्रकार एक अन्य एजेंसी के प्रबंधक पवन कुमार ने बताया कि उनके यहां 189 वाहनों की बुकिंग हुई है। शनिवार के चलते धनतेरस पर सिर्फ दस वाहन बिके। धनतेरस पर्व पर बर्तन खरीदने का रिवाज अभी भी कायम है। शहर के सभी प्रमुख स्थलों पर बर्तन की दुकानें सजी रहीं, मगर शनिवार के चलते ग्राहकों में खरीद का उत्साह नहीं दिखा। गांधी नगर में बर्तन के दुकानदार आलम ने बताया कि लोगों ने दुकान तक पहुंच कर बर्तनों का परीक्षण किया जरूर, मगर छिटपुट लोग ही बर्तन खरीदे। शनिवार होने की वजह से लोग लोहे का सामान खरीदने से परहेज कर रहे थे।
विज्ञापन
दूसरी ओर, धनतेरस पर कपड़ा, गहना, मिठाई खूब बिके। बाइक, कार व बर्तन की बिक्री प्रभावित रही। पिछले वर्ष की तुलना में महंगाई ज्यादा थी, बावजूद इसके लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार खरीदारी की।
जाम रहा शहर, यातायात बाधित, परेशान रही पुलिस
शहर में इस पर्व पर कुछ खास रौनक दिखी। दिन में 11 बजते-बजते ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ के आगे वाहन से निकलने की गुंजाइश बहुत कम थी। समूचा शहर जाम की जद में आ गया। जिधर देखो, उधर ही भीड़। कुछ न कुछ खरीदारी मुख्य बाजार से लेकर चौक-चौराहों तक होती रही। गांधीनगर, पांडेय बाजार में व्यवसाय का केंद्र बना रहा। शहर में चौतरफा जाम लगा रहा। गांधीनगर में रिक्शा, ऑटो, कार, बाइक रेंगती नजर आईं। कंपनी बाग से रोडवेज पहुंचने में घंटों लग गए। फव्वारा तिराहे, कटरा, रौता चौराहा, नेहरू तिराहे, करूआ बाबा, मंगल बाजार आदि जगहों पर आवागमन पूरे दिन बाधित रहा। पुलिस और ट्रैफिक के जवान कड़ी मशक्कत के बाद लोगों को जाम से निजात दिला पा रहे थे। शहरवासी तो परिवर्तित मार्गों का सहारा लेकर इधर से उधर पहुंचे।
सिक्के व गहनों के खरीद की रही धूम
सराफा व्यवसायी कुंदन वर्मा ने बताया कि गांधीनगर और पुरानी बस्ती क्षेत्र के प्रमुख बाजार में गहनों की जमकर खरीदारी हुई। लोग परिवार के साथ दुकानों पर जमे रहे। मध्यम वर्गीय लोगों ने सर्वाधिक चांदी के सिक्के खरीदे। 600 से लेकर 1000 रुपये तक के सिक्के बाजार में खूब बिके। नए माडलों के आभूषण महिलाओं की पसंद बने। मंगल बाजार के स्वर्ण व्यवसायी गौरव भारत ने बताया कि इस बार की बिक्री काफी संतोषजनक है। महिलाओं के आभूषण और चांदी के सिक्के सर्वाधिक बिके हैं। अनुमानित तौर पर जिले भर में सोने-चांदी का कारोबार करोड़ों के पार पहुंचा है।
सजी पटाखों की 349 दुकानें, शुरू हुई खरीदारी
बस्ती। जिले में धनतेरस से विभिन्न स्थानों पर पटाखा की बिक्री शुरू हो गई। बम, अनार, रैकेट, सतरंगी समेत कई तरह के पटाखों से दुकानें सज गई हैं। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने बताया कि जिले में कुल 349 दुकानदारों को तीन दिन का अस्थायी लाइसेंस दिया गया है। शनिवार को रुधौली, सल्टौआ समेत विभिन्न स्थानों पर अग्निशमन टीम ने मानकों की जांच की। शहर में राजकीय इंटर कॉलेज का मैदान, आईटीआई कटरा का मैदान और पुरानी बस्ती क्षेत्र के पंकज पुलिया रेलवे स्टेशन रोड पर पटाखा बिक्री शुरू हुई। वहीं, जिले में कुल 349 लोगों को पटाखा बिक्री का अस्थाई लाइसेंस मिला है। इनमें कोतवाली में 62, पुरानी बस्ती थानाक्षेत्र में 23, वाल्टरगंज में 25, हर्रैया में 21, रुधौली में 24, लालगंज में 09, मुंडेरवा में 11, पैकोलिया में 08, नगर थाना में 17, दुबौलिया में 28, छावनी में 14, गौर में चार, कलवारी में 16, कप्तानगंज थाना क्षेत्र में 21 दुकानें शामिल हैं। शहर के कोतवाली क्षेत्र में राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में 44 और राजकीय आईटीआई के परिसर में पटाखों की 18 दुकानें लगी हैं।