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धन तेरस: गोधूलि बेला में बरसेगा कुबेर
Fri, 10 Nov 2023 01:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 10 Nov 2023 01:13 AM IST
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वृष लग्न में शाम 05.17 से 07.57 बजे तक पूजा का उत्तम मुहूर्त
- हस्त नक्षत्र में कलात्मक योग के बीच मनाई जाएगी धन तेरस
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। यूं तो गो-धूलि (दिन व रात के मध्य का काल) में खरीदारी, भोजन, यात्रा आदि वर्जित है, लेकिन इस बार धनतेरस की गोधूलि में इसका सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है। उस बेला में भगवान धनवंतरि व माता लक्ष्मी की पूजा करने से कर्जदोष से मुक्ति मिलेगी। धनतेरस पर शाम को घरों-प्रतिष्ठानों में वृष लग्न में शाम 5:17 से देर शाम 7:57 बजे तक उत्तम मुहूर्त रहेगा। विद्वानों का कहना है कि दिन-रात के बीच के काल में धनतेरस का यह मुहूर्त बिरले ही कभी आया हो।
धनतेरस पर इस बार हस्त नक्षत्र, स्थिर योग, आयुष्मान, प्रीति योग, इंद्र योग, शुक्र व चंद्रमा के संयोग से कलात्मक योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में कलश लेकर समुद्र से प्रकट हुए थे। त्रयोदशी तिथि का 10 नवंबर अपराह्न 12.38 से प्रारंभ हो जाएगा। मगर शाम 05.17 से रात्रि 07.57 बजे तक प्रदोष काल एवं वृष काल रहेगा। जिसमें धनवंतरि और लक्ष्मी की पूजा का श्रेष्ठ फल मिलता है। इस बार व्यावसायिक दुकानों, प्रतिष्ठानों और गृहस्थों के लिए गोधूलि बेला का समय सर्वोत्तम है। ज्योतिषियों के मुताबिक विभिन्न प्रकार की खरीदारी के लिए अलग-अलग मुहूर्त हैं। पंचांग के अनुसार धनतेरस के दिन यानी 10 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से लेकर अगले दिन यानी 11 नवंबर की सुबह तक खरीदारी करने का शुभ मुहूर्त है। आभूषणों और धातुओं में स्वर्ण धातु को शुभ लग्न में खरीदने से धन की देवी लक्ष्मी का आगमन सदैव ही रहता है। लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, सोना, चांदी की ज्वेलरी या मूर्ति। पीतल के बर्तन। मिट्टी के दीये। झाड़ू खरीदना, तांबे का दीपक खरीदना अति शुभ कारक रहेगा।
...
धनतेरस को कब क्या खरीदें
प्राॅपर्टी, आभूषण, सोना-चांदी एवं अन्य कीमती धातु
सुबह 6:49 बजे से 9:06 बजे तक।
दोपहर 12:57 बजे से 02:28 बजे तक।
शाम 5:17 बजे से 7:57 बजे तक।
...
वाहन, टीवी, लैपटाॅप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े
सुबह 9:10 बजे 11:15 बजे तक।
दोपहर 3:57 बजे से 5:34 बजे तक।
शाम 7:32 से 9:45 बजे तक।
...
धनतेरस पर क्या नहीं खरीदें
- इस दिन लोहा या लोहे से बनी वस्तुएं घर लाना शुभ नहीं माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार यदि आप धनतेरस के दिन लोहे से बनी कोई भी वस्तु घर लाते हैं, तो घर में दुर्भाग्य का प्रवेश हो जाता है।
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- एल्युमिनियम या स्टील की वस्तुएं न खरीदें। मान्यता है कि स्टील या एल्युमिनियम से बने बर्तन या अन्य कोई सामान खरीदने से मां लक्ष्मी रूठ जाती हैं।
- यदि आप धनतेरस के दिन घर में कोई भी प्लास्टिक की चीज लेकर आएंगे तो इससे धन के स्थायित्व और बरकत में कमी आ सकती है, इसलिए धनतेरस के दिन प्लास्टिक की वस्तुएं भी न खरीदें।
- धनतेरस के शुभ अवसर पर शीशे या कांच की बनी चीजें भी बिल्कुल नहीं खरीदनी चाहिए।
- ज्योतिष के अनुसार धनतेरस के दिन चीनी मिट्टी या बोन चाइना की कोई भी वस्तु नहीं खरीदनी चाहिए।
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धनतेरस पर क्या खरीदें
- धनतेरस के दिन सोना-चांदी के अलावा बर्तन, वाहन और कुबेर यंत्र खरीदना शुभ होता है।
- इसके अलावा झाड़ू खरीदना भी अच्छा माना जाता है। मान्यता है इस दिन झाड़ू खरीदने से मां लक्ष्मी मेहरबान रहती हैं।
- वहीं यदि धनतेरस के दिन आप कोई कीमती वस्तु नहीं खरीद पा रहे हैं तो साबुत धनिया जरूर घर ले आएं।
- मान्यता है इससे धन की कभी कमी नहीं होती है। इसके अलावा आप गोमती चक्र भी खरीद सकते हैं। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
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धनतेरस पर करें ये उपाय
- धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, कुबेर, यमराज और भगवान गणेश जी की पूजा करें।
- धनतेरस के दिन घर और बाहर 13 दीपक जलाने से बीमारियों को दूर किया जा सकता है।
- धनतेरस के दिन दान करने का विशेष महत्व होता है।
- इस दिन यदि आप सूर्यास्त से पहले दान करते हैं तो आपको धन की कमी नहीं होगी। हालांकि इस दिन सफेद कपड़ा, चावल, चीनी आदि का दान नहीं करना है।
- धनतेरस पर पशुओं की पूजा करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।
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इस तरह करें कुबेर-धनवंतरि की पूजा
- धनतेरस की शाम को उत्तर दिशा की ओर कुबेर और धनवंतरी की स्थापना करें। दोनों के सामने घी का एकमुखी दीपक जलाएं. कुबेर को सफेद मिठाई और धनवंतरी को पीली मिठाई चढ़ाएं। पहले ॐ ह्रीं कुबेराय नमः का जाप करें। फिर धनवंतरी स्तोत्र का पाठ करें और प्रसाद ग्रहण करें। दिवाली के दिन कुबेर को धन के स्थान पर रखें और धनवंतरी को पूजा वाली जगह पर स्थापित करें।
धनतेरस के दिन यम के लिए आटे का चौमुखा दीपक बनाकर घर के मुख्य द्वार पर रखा जाता है। दीपक जलाकर दक्षिण दिशा की ओर मुख कर यम का पूजन किया जाता है। मान्यता है इस दिन यम देवता की पूजा करने से अकाल मृत्यु का भय खत्म हो जाता है। धनतेरस पर मुख्य द्वार में दोनों ओर स्वस्तिक का चिह्न जरूर लगाएं। धनतेरस से लेकर भैया दूज तक घर के मुख्य द्वार में वंदनवार लगाएं। घर के मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी के प्रतीकात्मक चरण जरूर लगाएं। धनतेरस से दीपावली तक रोजाना मुख्य द्वार पर बाईं ओर घी का दीपक जलाएं।
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- हस्त नक्षत्र में कलात्मक योग के बीच मनाई जाएगी धन तेरस
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। यूं तो गो-धूलि (दिन व रात के मध्य का काल) में खरीदारी, भोजन, यात्रा आदि वर्जित है, लेकिन इस बार धनतेरस की गोधूलि में इसका सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है। उस बेला में भगवान धनवंतरि व माता लक्ष्मी की पूजा करने से कर्जदोष से मुक्ति मिलेगी। धनतेरस पर शाम को घरों-प्रतिष्ठानों में वृष लग्न में शाम 5:17 से देर शाम 7:57 बजे तक उत्तम मुहूर्त रहेगा। विद्वानों का कहना है कि दिन-रात के बीच के काल में धनतेरस का यह मुहूर्त बिरले ही कभी आया हो।
धनतेरस पर इस बार हस्त नक्षत्र, स्थिर योग, आयुष्मान, प्रीति योग, इंद्र योग, शुक्र व चंद्रमा के संयोग से कलात्मक योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में कलश लेकर समुद्र से प्रकट हुए थे। त्रयोदशी तिथि का 10 नवंबर अपराह्न 12.38 से प्रारंभ हो जाएगा। मगर शाम 05.17 से रात्रि 07.57 बजे तक प्रदोष काल एवं वृष काल रहेगा। जिसमें धनवंतरि और लक्ष्मी की पूजा का श्रेष्ठ फल मिलता है। इस बार व्यावसायिक दुकानों, प्रतिष्ठानों और गृहस्थों के लिए गोधूलि बेला का समय सर्वोत्तम है। ज्योतिषियों के मुताबिक विभिन्न प्रकार की खरीदारी के लिए अलग-अलग मुहूर्त हैं। पंचांग के अनुसार धनतेरस के दिन यानी 10 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से लेकर अगले दिन यानी 11 नवंबर की सुबह तक खरीदारी करने का शुभ मुहूर्त है। आभूषणों और धातुओं में स्वर्ण धातु को शुभ लग्न में खरीदने से धन की देवी लक्ष्मी का आगमन सदैव ही रहता है। लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, सोना, चांदी की ज्वेलरी या मूर्ति। पीतल के बर्तन। मिट्टी के दीये। झाड़ू खरीदना, तांबे का दीपक खरीदना अति शुभ कारक रहेगा।
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धनतेरस को कब क्या खरीदें
प्राॅपर्टी, आभूषण, सोना-चांदी एवं अन्य कीमती धातु
सुबह 6:49 बजे से 9:06 बजे तक।
दोपहर 12:57 बजे से 02:28 बजे तक।
शाम 5:17 बजे से 7:57 बजे तक।
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वाहन, टीवी, लैपटाॅप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े
सुबह 9:10 बजे 11:15 बजे तक।
दोपहर 3:57 बजे से 5:34 बजे तक।
शाम 7:32 से 9:45 बजे तक।
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धनतेरस पर क्या नहीं खरीदें
- इस दिन लोहा या लोहे से बनी वस्तुएं घर लाना शुभ नहीं माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार यदि आप धनतेरस के दिन लोहे से बनी कोई भी वस्तु घर लाते हैं, तो घर में दुर्भाग्य का प्रवेश हो जाता है।
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- एल्युमिनियम या स्टील की वस्तुएं न खरीदें। मान्यता है कि स्टील या एल्युमिनियम से बने बर्तन या अन्य कोई सामान खरीदने से मां लक्ष्मी रूठ जाती हैं।
- यदि आप धनतेरस के दिन घर में कोई भी प्लास्टिक की चीज लेकर आएंगे तो इससे धन के स्थायित्व और बरकत में कमी आ सकती है, इसलिए धनतेरस के दिन प्लास्टिक की वस्तुएं भी न खरीदें।
- धनतेरस के शुभ अवसर पर शीशे या कांच की बनी चीजें भी बिल्कुल नहीं खरीदनी चाहिए।
- ज्योतिष के अनुसार धनतेरस के दिन चीनी मिट्टी या बोन चाइना की कोई भी वस्तु नहीं खरीदनी चाहिए।
धनतेरस पर क्या खरीदें
- धनतेरस के दिन सोना-चांदी के अलावा बर्तन, वाहन और कुबेर यंत्र खरीदना शुभ होता है।
- इसके अलावा झाड़ू खरीदना भी अच्छा माना जाता है। मान्यता है इस दिन झाड़ू खरीदने से मां लक्ष्मी मेहरबान रहती हैं।
- वहीं यदि धनतेरस के दिन आप कोई कीमती वस्तु नहीं खरीद पा रहे हैं तो साबुत धनिया जरूर घर ले आएं।
- मान्यता है इससे धन की कभी कमी नहीं होती है। इसके अलावा आप गोमती चक्र भी खरीद सकते हैं। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
धनतेरस पर करें ये उपाय
- धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, कुबेर, यमराज और भगवान गणेश जी की पूजा करें।
- धनतेरस के दिन घर और बाहर 13 दीपक जलाने से बीमारियों को दूर किया जा सकता है।
- धनतेरस के दिन दान करने का विशेष महत्व होता है।
- इस दिन यदि आप सूर्यास्त से पहले दान करते हैं तो आपको धन की कमी नहीं होगी। हालांकि इस दिन सफेद कपड़ा, चावल, चीनी आदि का दान नहीं करना है।
- धनतेरस पर पशुओं की पूजा करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।
इस तरह करें कुबेर-धनवंतरि की पूजा
- धनतेरस की शाम को उत्तर दिशा की ओर कुबेर और धनवंतरी की स्थापना करें। दोनों के सामने घी का एकमुखी दीपक जलाएं. कुबेर को सफेद मिठाई और धनवंतरी को पीली मिठाई चढ़ाएं। पहले ॐ ह्रीं कुबेराय नमः का जाप करें। फिर धनवंतरी स्तोत्र का पाठ करें और प्रसाद ग्रहण करें। दिवाली के दिन कुबेर को धन के स्थान पर रखें और धनवंतरी को पूजा वाली जगह पर स्थापित करें।
धनतेरस के दिन यम के लिए आटे का चौमुखा दीपक बनाकर घर के मुख्य द्वार पर रखा जाता है। दीपक जलाकर दक्षिण दिशा की ओर मुख कर यम का पूजन किया जाता है। मान्यता है इस दिन यम देवता की पूजा करने से अकाल मृत्यु का भय खत्म हो जाता है। धनतेरस पर मुख्य द्वार में दोनों ओर स्वस्तिक का चिह्न जरूर लगाएं। धनतेरस से लेकर भैया दूज तक घर के मुख्य द्वार में वंदनवार लगाएं। घर के मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी के प्रतीकात्मक चरण जरूर लगाएं। धनतेरस से दीपावली तक रोजाना मुख्य द्वार पर बाईं ओर घी का दीपक जलाएं।