{"_id":"695ab7f0719246d70f0749a6","slug":"demand-for-woolen-blankets-increases-in-winter-market-heats-up-basti-news-c-207-1-bst1005-150655-2026-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: ठंड में ऊनी कंबल की बढ़ी मांग, गरमाया बाजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: ठंड में ऊनी कंबल की बढ़ी मांग, गरमाया बाजार
विज्ञापन
गांधीनगर बाजार में ऊनी कपड़े की खरीदारी करते लोग संवाद
बस्ती। मौसम में लगातार ठंड घुलती जा रही है। ठंड हवा और सुबह-शाम की ठंड ने लोगों को गर्म कपड़ों और रजाइयों के साथ कंबल की याद दिला दी है। लोग बाजार में पहुंचकर गर्म कंबल ऊनी की मांग कर रहे हैं। जैसे-जैसे तापमान में गिरावट आ रही है, वैसे ही बाजारों में रजाई, कंबल और गर्म कपड़ों की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। इससे कपड़ा व्यापारियों और बिस्तर विक्रेताओं के चेहरे खिल उठे हैं।
स्थानीय बाजारों में सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। दुकानों पर ऊनी स्वेटर, जैकेट, शॉल, टोपी और मफलर के साथ कंबल खरीदने वालों की भीड़ दिखाई दे रही है। महिलाएं बच्चों के लिए गर्म कपड़े चुनने में व्यस्त है। वहीं पुरुष रजाई-कंबल की दुकानों पर मोलभाव करते नजर आ रहे हैं। कड़ाके की ठंड के साथ ही पुराने गर्म कपड़ों की जगह नए फैशनेबल ऊनी कपड़े बाजार में छा गए हैं।
रजाई-कंबल विक्रेता राहुल और प्रमोद ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से तापमान में अचानक गिरावट आई है, जिससे बिक्री में तेजी आई है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए रजाइयों, कंबल और गर्म कपड़ों की मांग सबसे अधिक है। हर साल की तरह इस बार भी सर्दी तेज होते ही रजाई-कंबल की बिक्री ने रफ्तार पकड़ ली है। लोग अब हल्की रजाई की जगह मोटी रजाइयों को प्राथमिकता दे रहे हैं। लोई कंबल, रजाई कंबल, सिंथेटिक और कॉटन की रजाइयां ग्राहकों को खूब पसंद आ रही हैं।
विज्ञापन
कई लोग पुराने बिस्तर और रजाइयों की मरम्मत करवा रहे हैं तो कुछ नए खरीदने में जुटे हैं। गांधीनगर बाजार में न केवल गर्म कपड़ों की मांग बढ़ी है बल्कि दर्जियों और रजाई सिलाई वालों के पास भी काम का दबाव बढ़ गया है। सिलाई व रूई धुनाई की दुकानों के बाहर ग्राहकों की भीड़ लगी हुई है। बाजार में चहल-पहल बढ़ने से व्यापारियों के चेहरे खिले हुए हैं। वहीं, जगह-जगह फुटपाथ पर कंबल की दुकानें सज गई हैं।
विज्ञापन
स्थानीय बाजारों में सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। दुकानों पर ऊनी स्वेटर, जैकेट, शॉल, टोपी और मफलर के साथ कंबल खरीदने वालों की भीड़ दिखाई दे रही है। महिलाएं बच्चों के लिए गर्म कपड़े चुनने में व्यस्त है। वहीं पुरुष रजाई-कंबल की दुकानों पर मोलभाव करते नजर आ रहे हैं। कड़ाके की ठंड के साथ ही पुराने गर्म कपड़ों की जगह नए फैशनेबल ऊनी कपड़े बाजार में छा गए हैं।
विज्ञापन
रजाई-कंबल विक्रेता राहुल और प्रमोद ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से तापमान में अचानक गिरावट आई है, जिससे बिक्री में तेजी आई है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए रजाइयों, कंबल और गर्म कपड़ों की मांग सबसे अधिक है। हर साल की तरह इस बार भी सर्दी तेज होते ही रजाई-कंबल की बिक्री ने रफ्तार पकड़ ली है। लोग अब हल्की रजाई की जगह मोटी रजाइयों को प्राथमिकता दे रहे हैं। लोई कंबल, रजाई कंबल, सिंथेटिक और कॉटन की रजाइयां ग्राहकों को खूब पसंद आ रही हैं।
विज्ञापन
कई लोग पुराने बिस्तर और रजाइयों की मरम्मत करवा रहे हैं तो कुछ नए खरीदने में जुटे हैं। गांधीनगर बाजार में न केवल गर्म कपड़ों की मांग बढ़ी है बल्कि दर्जियों और रजाई सिलाई वालों के पास भी काम का दबाव बढ़ गया है। सिलाई व रूई धुनाई की दुकानों के बाहर ग्राहकों की भीड़ लगी हुई है। बाजार में चहल-पहल बढ़ने से व्यापारियों के चेहरे खिले हुए हैं। वहीं, जगह-जगह फुटपाथ पर कंबल की दुकानें सज गई हैं।