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Basti News: रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण में देरी, मेगा ब्लॉक का भी फायदा नहीं उठा पाए अधिकारी
Mon, 18 Dec 2023 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 18 Dec 2023 12:08 AM IST
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रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म सूना पड़ा।
18 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे स्टेशन को बनाया जाना था हाईटेक
अगस्त में प्रधानमंत्री ने किया था वर्चुअल शिलान्यास
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण में काफी देर हो रही है। एक महीने तक ट्रेनों का मेगा ब्लाॅक होने के कारण स्टेशन पर नए निर्माण के लिए यह सबसे उपयुक्त समय है। मगर, विभिन्न निर्माण परियोजनाओं को शुरू करने की रेलवे ने तैयारी ही नहीं की है। इससे यह समय जाया जा रहा है। जबकि प्रस्तावित आधा दर्जन से अधिक परियोजनाओं का प्रधानमंत्री ने वर्चुअल शिलान्यास अगस्त में कर दिया था।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास में बस्ती रेलवे स्टेशन भी शामिल किया गया है। इस स्टेशन को विकसित करने के लिए रेल मंत्रालय से 18 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। चार महीने पहले इन परियोजनाओं का प्रधानमंत्री ने वर्चुअल शिलान्यास भी कर दिया है। बावजूद इसके अभी स्टेशन को चमकाने की तैयारी पूरी नहीं हो पाई। प्लेटफार्म से लेकर परिसर तक प्रस्तावित अधिकतर कार्य शुरू नहीं हो सके। ट्रेनों के संचलन पर रोक लगने से इस समय स्टेशन पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
यात्रियों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है। प्लेटफार्म बिल्कुल सूने हैं। ऐसे में निर्माण कार्य प्रगति पर होता तो व्यवधान कम होते। यात्रियों को भी निर्माण के चलते कठिनाई नहीं झेलनी पड़ती। मगर, पहले से तैयारी न होने के चलते इस उपयुक्त समय का उपयोग रेलवे प्रशासन निर्माण के लिए नहीं कर पा रहा है। निर्माण में देरी के चलते आगे चलकर ट्रेनों का संचलन प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा परिसर से लेकर प्लेटफार्म तक आने-जाने वाले यात्रियों को भी कठिनाई झेलनी पड़ सकती है।
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प्रस्तावित है ये कार्य
रेलवे स्टेशन पर 18 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्य होने हैं। उच्चीकरण के लिए 11 कार्य प्रस्तावित हैं। इसमें मुख्य रूप से 94 लाख की लागत से स्टेशन के प्रवेश एवं निकास द्वार, चहारदीवारी का निर्माण और सुंदरीकरण, 3.14 करोड़ से वैक्यूम डी वाटर्ड कंकरीट का प्रावधान स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया एवं प्लेटफार्म पर होगा। 5.79 करोड़ प्लेटफॉर्म सरफेस के अपग्रेडेशन उच्चीकरण एवं प्लेटफार्म शेड का प्रावधान, 3.51 करोड़ की लागत से शौचालय का आधुनिकीकरण एवं यात्रा विश्रामालय के अपग्रेडेशन का कार्य, 1.52 करोड़ की लागत से स्टेशन फसाड़ के सौंदर्यीकरण, अपग्रेडेशन एवं माडर्न फर्नीचर का कार्य, 62.24 लाख रुपये की लागत से सिग्नलिंग एवं दूरसंचार संबंधी कार्य, 29.16 लाख रुपये की लागत से स्टेशन पर सूचना डिसप्ले बोर्ड का अपग्रेडेशन, 4.62 लाख रुपये की लागत से स्टेशन पर उन्नत डिजिटल घड़ियों का प्रावधान सहित व्हील्स चेयर, स्केलेटर, लिफ्ट आदि का निर्माण किया जाना है।
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केवल अस्थायी टीन शेड डालकर भूल गए जिम्मेदार
शिलान्यास के बाद कार्यदायी एजेंसी ने निर्माण कार्य शुरू करने में दिलचस्पी ही नहीं दिखाई। टिकट घर के पीछे केवल अस्थायी टीन शेड का निर्माण किया गया है। इसके बाद निर्माण एजेंसी आगे का कार्य भूल गई। लेटलतीफी के चलते स्टेशन विकसित नहीं हो पा रहा है। परिसर से प्लेटफार्म तक एक भी कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं। उम्मीद थी कि ट्रेनों की आवाजाही बंद होने के दौरान निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएंगे। मगर, ऐसी कोई सुगबुगाहट नहीं मिल रही है।
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सांसद की मौजूदगी में हुआ था शिलान्यास
6 अगस्त को रेलवे स्टेशन परिसर में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत शिलान्यास समारोह का आयोजन हुआ था। इसमें सांसद हरीश द्विवेदी, अपर मंडल रेल प्रबंधक परिचालन विक्रम कुमार, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर प्रथम विनीत कुमार, मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुज कुमार सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं शहरवासियों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री ने वर्चुअल परियोजनाओं का शिलान्यास किया था।
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जानिये, रेलवे स्टेशन की प्रमुख समस्या
रेलवे स्टेशन का निर्माण अंग्रेजी हुकूमत के दौरान हुआ था। तब से लेकर आजादी के 75 साल बाद तक कुछ खास परिवर्तन नहीं हुआ। पुराने भवन में स्टेशन कार्यालय संचालित हो रहा है। चार प्लेटफार्म में से केवल एक प्लेटफार्म संसाधनों से कुछ हद तक सुसज्जित है। बाकी तीन प्लेटफार्म बिना छाजन के हैं। यहां टायल्स आदि की भी सुविधा नहीं हैं। पुराने समय में बना फुट ओवर ब्रिज यात्रियों के आवक के लिहाज से सकरा महसूस किया जा रहा है। इसकी चौड़ाई बढ़ाए जाने का कार्य भी प्रस्तावित है। स्टेशन में अत्याधुनिक शौचालय, भव्य गेट आदि की सुविधा नहीं हैं। इन बिंदुओं पर कार्य होना प्रस्तावित है। इधर एक दशक के भीतर रेलवे स्टेशन पर कुछ सुविधाओं में बढ़ोत्तरी की गई है। परिसर में कंकरीट का कार्य हुआ है तो प्लेटफार्म नंबर दो पर लिफ्ट की व्यवस्था बनी है। वहीं प्लेटफार्म दो, तीन और चार पर जाने के लिए स्केलेटर सीढ़ी स्थापित की गई है।
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कोट
प्रस्तावित निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। बहुत जल्द ही प्रस्तावित बिंदुओं पर कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। पहले चरण में टिकट घर का कार्य होना है। इसीलिए अस्थायी टीन शेड का टिकट घर बनाया गया है। छिटपुट कार्य प्रारंभ हो गए हैं।
राघवेंद्र कुमार, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर
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अगस्त में प्रधानमंत्री ने किया था वर्चुअल शिलान्यास
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण में काफी देर हो रही है। एक महीने तक ट्रेनों का मेगा ब्लाॅक होने के कारण स्टेशन पर नए निर्माण के लिए यह सबसे उपयुक्त समय है। मगर, विभिन्न निर्माण परियोजनाओं को शुरू करने की रेलवे ने तैयारी ही नहीं की है। इससे यह समय जाया जा रहा है। जबकि प्रस्तावित आधा दर्जन से अधिक परियोजनाओं का प्रधानमंत्री ने वर्चुअल शिलान्यास अगस्त में कर दिया था।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास में बस्ती रेलवे स्टेशन भी शामिल किया गया है। इस स्टेशन को विकसित करने के लिए रेल मंत्रालय से 18 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। चार महीने पहले इन परियोजनाओं का प्रधानमंत्री ने वर्चुअल शिलान्यास भी कर दिया है। बावजूद इसके अभी स्टेशन को चमकाने की तैयारी पूरी नहीं हो पाई। प्लेटफार्म से लेकर परिसर तक प्रस्तावित अधिकतर कार्य शुरू नहीं हो सके। ट्रेनों के संचलन पर रोक लगने से इस समय स्टेशन पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
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यात्रियों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है। प्लेटफार्म बिल्कुल सूने हैं। ऐसे में निर्माण कार्य प्रगति पर होता तो व्यवधान कम होते। यात्रियों को भी निर्माण के चलते कठिनाई नहीं झेलनी पड़ती। मगर, पहले से तैयारी न होने के चलते इस उपयुक्त समय का उपयोग रेलवे प्रशासन निर्माण के लिए नहीं कर पा रहा है। निर्माण में देरी के चलते आगे चलकर ट्रेनों का संचलन प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा परिसर से लेकर प्लेटफार्म तक आने-जाने वाले यात्रियों को भी कठिनाई झेलनी पड़ सकती है।
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प्रस्तावित है ये कार्य
रेलवे स्टेशन पर 18 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्य होने हैं। उच्चीकरण के लिए 11 कार्य प्रस्तावित हैं। इसमें मुख्य रूप से 94 लाख की लागत से स्टेशन के प्रवेश एवं निकास द्वार, चहारदीवारी का निर्माण और सुंदरीकरण, 3.14 करोड़ से वैक्यूम डी वाटर्ड कंकरीट का प्रावधान स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया एवं प्लेटफार्म पर होगा। 5.79 करोड़ प्लेटफॉर्म सरफेस के अपग्रेडेशन उच्चीकरण एवं प्लेटफार्म शेड का प्रावधान, 3.51 करोड़ की लागत से शौचालय का आधुनिकीकरण एवं यात्रा विश्रामालय के अपग्रेडेशन का कार्य, 1.52 करोड़ की लागत से स्टेशन फसाड़ के सौंदर्यीकरण, अपग्रेडेशन एवं माडर्न फर्नीचर का कार्य, 62.24 लाख रुपये की लागत से सिग्नलिंग एवं दूरसंचार संबंधी कार्य, 29.16 लाख रुपये की लागत से स्टेशन पर सूचना डिसप्ले बोर्ड का अपग्रेडेशन, 4.62 लाख रुपये की लागत से स्टेशन पर उन्नत डिजिटल घड़ियों का प्रावधान सहित व्हील्स चेयर, स्केलेटर, लिफ्ट आदि का निर्माण किया जाना है।
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केवल अस्थायी टीन शेड डालकर भूल गए जिम्मेदार
शिलान्यास के बाद कार्यदायी एजेंसी ने निर्माण कार्य शुरू करने में दिलचस्पी ही नहीं दिखाई। टिकट घर के पीछे केवल अस्थायी टीन शेड का निर्माण किया गया है। इसके बाद निर्माण एजेंसी आगे का कार्य भूल गई। लेटलतीफी के चलते स्टेशन विकसित नहीं हो पा रहा है। परिसर से प्लेटफार्म तक एक भी कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं। उम्मीद थी कि ट्रेनों की आवाजाही बंद होने के दौरान निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएंगे। मगर, ऐसी कोई सुगबुगाहट नहीं मिल रही है।
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सांसद की मौजूदगी में हुआ था शिलान्यास
6 अगस्त को रेलवे स्टेशन परिसर में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत शिलान्यास समारोह का आयोजन हुआ था। इसमें सांसद हरीश द्विवेदी, अपर मंडल रेल प्रबंधक परिचालन विक्रम कुमार, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर प्रथम विनीत कुमार, मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुज कुमार सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं शहरवासियों की मौजूदगी में प्रधानमंत्री ने वर्चुअल परियोजनाओं का शिलान्यास किया था।
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जानिये, रेलवे स्टेशन की प्रमुख समस्या
रेलवे स्टेशन का निर्माण अंग्रेजी हुकूमत के दौरान हुआ था। तब से लेकर आजादी के 75 साल बाद तक कुछ खास परिवर्तन नहीं हुआ। पुराने भवन में स्टेशन कार्यालय संचालित हो रहा है। चार प्लेटफार्म में से केवल एक प्लेटफार्म संसाधनों से कुछ हद तक सुसज्जित है। बाकी तीन प्लेटफार्म बिना छाजन के हैं। यहां टायल्स आदि की भी सुविधा नहीं हैं। पुराने समय में बना फुट ओवर ब्रिज यात्रियों के आवक के लिहाज से सकरा महसूस किया जा रहा है। इसकी चौड़ाई बढ़ाए जाने का कार्य भी प्रस्तावित है। स्टेशन में अत्याधुनिक शौचालय, भव्य गेट आदि की सुविधा नहीं हैं। इन बिंदुओं पर कार्य होना प्रस्तावित है। इधर एक दशक के भीतर रेलवे स्टेशन पर कुछ सुविधाओं में बढ़ोत्तरी की गई है। परिसर में कंकरीट का कार्य हुआ है तो प्लेटफार्म नंबर दो पर लिफ्ट की व्यवस्था बनी है। वहीं प्लेटफार्म दो, तीन और चार पर जाने के लिए स्केलेटर सीढ़ी स्थापित की गई है।
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प्रस्तावित निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। बहुत जल्द ही प्रस्तावित बिंदुओं पर कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। पहले चरण में टिकट घर का कार्य होना है। इसीलिए अस्थायी टीन शेड का टिकट घर बनाया गया है। छिटपुट कार्य प्रारंभ हो गए हैं।
राघवेंद्र कुमार, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर