{"_id":"696bddedb3a9ed591d04115f","slug":"defects-in-sirname-instead-of-house-number-basti-news-c-207-1-bst1005-151450-2026-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: एसआईआर में खामियां...मकान नंबर की जगह नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: एसआईआर में खामियां...मकान नंबर की जगह नाम
विज्ञापन
जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में खुले कंट्रोल रूम पर आए फोन पर जानकारी देते कर्मी संवाद
बस्ती। जनपद में पांच विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें बस्ती सदर, महादेवा, रुधौली, कप्तानगंज और हर्रैया शामिल हैं। विधानसभा चुनाव में यहां पर पहले 19,00,430 मतदाता थे। उसमें से 2,98,287 लाख वोट आयोग के निर्देश पर चले एसआईआर अभियान में कट गए। ऐसे में अब मतदाताओं की संख्या 16 लाख दो हजार 143 रह गई है।
बता दें कि आलेख्य प्रकाशन छह जनवरी को किया जा चुका है। इसके बाद खुले कंट्रोल रूम में फोन घन-घना रहे, उसमें बताया जा रहा है कि मकान नंबर पर नाम दर्ज हो गया है तो किसी-किसी का नाम ही बदल गया है, फोटो भी पुरानी लगी है। कंट्रोल रूम में पड़ोसी जनपदों के साथ ही बंगाल राज्य से भी फोन आ रहे हैं। बताया गया कि आयोग द्वारा घोषित विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यकम-2026 के घोषित कार्यक्रम के अनुसार दावे और आपत्तियां छह जनवरी से छह फरवरी 2026 तक प्राप्त की जा रही हैं।
यदि किसी अर्ह निर्वाचक का नाम छह जनवरी को आलेख्य प्रकाशित निर्वाचक नामावली में नहीं है, तो ऐसे निर्वाचकों द्वारा फार्म-6 घोषणा पत्र के साथ भरकर जमा किया जा सकता है। अब विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियों के संबंध में बीएलओ या किन्हीं त्रुटि से मतदाता सूची में मिली खामियां की शिकायतें जिला निर्वाचन कार्यालय के टोल फ्री नंबर 1950 आ रहे हैं।
विज्ञापन
कंट्रोल रूम में आ रही शिकायतों में यह बताया जा रहा है कि मतदाता सूची में गलत नाम, पता और मकान नंबर दर्ज है। कैसे सही होगा, इस बारे में संबंधित को कंट्रोल रूम में बैठे कर्मी सुझाव दे रहे हैं। वहीं, बताया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान यानी एसआईआर का कार्य पूरा होने के बाद अब छह फरवरी तक दावा आपत्ति मांगी गई है। निस्तारण 27 फरवरी तक होना है।
इस अभियान में सदर विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 19.78 प्रतिशत मतदाता कटे हैं, जबकि कप्तानगंज में इसका प्रतिशत सबसे कम 14.20 प्रतिशत है। जिले में कुल 2,98,287 मतदाताओं के नाम सूची से कटे हैं, जिनमें 57,467 मृतक भी शामिल हैं। नाम कटने में पुरुष से महिलाएं आगे हैं।
जनपद में पहले 19,00,430 मतदाता थे, जिसमें पुरुषों की संख्या 10,12,209 थी। महिलाएं 8,88,213 थीं। आठ ट्रांसजेंडर थे। एसआईआर के बाद ट्रांसजेंडर की संख्या चार हो गई है।
इन फॉर्मों का करें इस्तेमाल : जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं व नाम जुड़वाने के लिए फार्म 6 भरें। यह फार्म बीएआओ के पास उपलब्घ है।
अपने अपने क्षेत्र के बीएलओ से मिलकर सूची में नाम चढ़वाने की जानकारी दे। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में अपना अथवा परिवार काम नाम सूची में दर्ज होने के साथ ही आयु प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र होना चाहिए।
विज्ञापन
बता दें कि आलेख्य प्रकाशन छह जनवरी को किया जा चुका है। इसके बाद खुले कंट्रोल रूम में फोन घन-घना रहे, उसमें बताया जा रहा है कि मकान नंबर पर नाम दर्ज हो गया है तो किसी-किसी का नाम ही बदल गया है, फोटो भी पुरानी लगी है। कंट्रोल रूम में पड़ोसी जनपदों के साथ ही बंगाल राज्य से भी फोन आ रहे हैं। बताया गया कि आयोग द्वारा घोषित विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यकम-2026 के घोषित कार्यक्रम के अनुसार दावे और आपत्तियां छह जनवरी से छह फरवरी 2026 तक प्राप्त की जा रही हैं।
विज्ञापन
यदि किसी अर्ह निर्वाचक का नाम छह जनवरी को आलेख्य प्रकाशित निर्वाचक नामावली में नहीं है, तो ऐसे निर्वाचकों द्वारा फार्म-6 घोषणा पत्र के साथ भरकर जमा किया जा सकता है। अब विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियों के संबंध में बीएलओ या किन्हीं त्रुटि से मतदाता सूची में मिली खामियां की शिकायतें जिला निर्वाचन कार्यालय के टोल फ्री नंबर 1950 आ रहे हैं।
विज्ञापन
कंट्रोल रूम में आ रही शिकायतों में यह बताया जा रहा है कि मतदाता सूची में गलत नाम, पता और मकान नंबर दर्ज है। कैसे सही होगा, इस बारे में संबंधित को कंट्रोल रूम में बैठे कर्मी सुझाव दे रहे हैं। वहीं, बताया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान यानी एसआईआर का कार्य पूरा होने के बाद अब छह फरवरी तक दावा आपत्ति मांगी गई है। निस्तारण 27 फरवरी तक होना है।
इस अभियान में सदर विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 19.78 प्रतिशत मतदाता कटे हैं, जबकि कप्तानगंज में इसका प्रतिशत सबसे कम 14.20 प्रतिशत है। जिले में कुल 2,98,287 मतदाताओं के नाम सूची से कटे हैं, जिनमें 57,467 मृतक भी शामिल हैं। नाम कटने में पुरुष से महिलाएं आगे हैं।
जनपद में पहले 19,00,430 मतदाता थे, जिसमें पुरुषों की संख्या 10,12,209 थी। महिलाएं 8,88,213 थीं। आठ ट्रांसजेंडर थे। एसआईआर के बाद ट्रांसजेंडर की संख्या चार हो गई है।
इन फॉर्मों का करें इस्तेमाल : जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं व नाम जुड़वाने के लिए फार्म 6 भरें। यह फार्म बीएआओ के पास उपलब्घ है।
अपने अपने क्षेत्र के बीएलओ से मिलकर सूची में नाम चढ़वाने की जानकारी दे। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में अपना अथवा परिवार काम नाम सूची में दर्ज होने के साथ ही आयु प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र होना चाहिए।