फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   death case in investigation

Basti News: पहेली बन गई मेहंदिया के मुनव्वर की मौत, उठ रहे सवाल, कहीं हत्या तो नहीं

Sat, 02 Sep 2023 12:01 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 02 Sep 2023 12:01 AM IST
विज्ञापन
death case in investigation
बस्ती/ बभनान। गौर थाने के मेंहदिया गांव के मुनव्वर की मौत पहेली बन गई है। पुलिस भले ही हिंसक जानवर के हमले में मौत मानकर पल्ला झाड़ चुकी है, लेकिन क्षेत्र और गांव के लोगों को घटना अब भी कचोट रही है। लोगों का कहना है कि घटना स्थल या उसके आसपास कहीं जंगली जानवर की चहलकदमी के निशान मिल गए होते तो मान लिया जाता। मगर चार दिन की कांबिंग के बावजूद जंगली जानवर का कोई नामोनिशान न मिलना सवाल खड़े कर रहा है।
विज्ञापन

शव का पोस्टमार्टम न कराना लोगों को सबसे ज्यादा अखर रहा है। लोग यहां तक कहते हैं कि पुलिस ने खुद ही घटना पर पर्दा डालने के लिए शव को आनन-फानन में दफन करवा दिया। हालांकि एसएचओ राज कुमार पांडेय का कहना है कि परिवार वालों के पोस्टमार्टम न कराने के आग्रह पर ऐसा किया गया।
विज्ञापन

नमाज पढ़ने के लिए गांव के दूसरे पुरवे की मस्जिद जाते समय रास्ते में रहस्यमय तरीके से मुनव्वर की मौत हो गई थी। उस समय कहा गया कि तेंदुए के हमले में मौत हुई। मगर चार दिन तक कांबिंग के बावजूद किसी भी जंगली जानवर का नामोनिशान तक नहीं मिला। वन विभाग ने यह कहते हुए खोजबीन बंद कर दी कि यहां किसी जानवर की संभावना नहीं है। सवाल उठता है कि अगर ऐसा है तो 65 वर्षीय मुनव्वर की मौत की वजह क्या थी ? अब लोगों में चर्चा होने लगी है कि कहीं उनकी हत्या तो नहीं कर दी गई। कारण यह कि उनके गले पर जो निशान पाए गए थे वैसे नुकीले हथियार के भी बनते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बता दें कि गौर थाना क्षेत्र के मेंहदिया रामदत्त गांव निवासी मुनव्वर हुसैन (60) पिछले शुक्रवार को दोपहर करीब 12:30 बजे पैदल ही छाता लेकर बगल के गांव मेंहदिया खड़्ग बहादुर शाही मस्जिद में नमाज पढ़ने जा रहे थे। एक घंटे बाद घर से लगभग सात सौ मीटर आगे खड़ंजे के किनारे खून से सना उनका शव पड़ा मिला था। दिवंगत के चेहरे व गर्दन पर गंभीर चोट के निशान पाए गए थे। अंदाजा लगाया गया कि किसी जंगली जानवर ने उन पर हमला कर मार डाला। ग्रामीणों का कहना था कि कुछ दिन पूर्व टिनिच क्षेत्र के एक गांव के आसपास तेंदुआ जैसा जानवर दिखाई पड़ा था। ग्रामीण अंदाजा लगा रहे हैं कि तेंदुए ने ही मुनव्वर पर हमला किया। मौके पर पहुंचे परिजन ने शव को घर उठा ले गए थे।
--------------
लोगाें को कचोट रहा पुलिस का रवैया
बभनान। जिस तेंदुए के हमले से मुनव्वर की मौत की बात कही जा रही है, उसे न तो काबिंग के दौरान वन विभाग की टीम पकड़ पाई और न ही उसकी मौजूदगी के कोई निशान ढूंढ पाई। घटना के एक सप्ताह बाद भी आसपास के चार-पांच गांवों में दहशत बरकरार है। फिर पूरा सिस्टम मुनव्वर की मौत का कारण जंगली जानवर के हमले से मानकर घटना को ठंडे बस्ते में डाल दिया, जबकि शुरू से ही वन विभाग के अधिकारी कहते रह गए कि जब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं होगा तब तक मौत का कारण स्पष्ट नहीं होगा। इसके बावजूद शव को दफन कर दिया गया। अस्वाभाविक मौत होने के बावजूद पुलिस की बिना छानबीन के शव को परिवार वालों को सौंपना लोगों के गले बात नहीं उतर रही है।

-------------
डर के मारे खेतीबाड़ी का काम ठप
घटना का रहस्य बरकरार रहने की वजह से ग्रामीणों में अब भी डर बना हुआ है, जिसके चलते ग्रामीण अभी भी आशंका जता रहे हैं कि कहीं क्षेत्र में अभी भी हिंसक जानवर की मौजूदगी न हो, जिसके चलते वे खेतों में काम करने नहीं जा रहे हैं। कई किसानों का कहना है कि वे तेंदुए के डर से खेतों में उर्वरक व दवाओं का छिड़काव करने नहीं जा रहे हैं। जहां भी जाते हैं, झुंड बनाकर जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed