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इफको बिक्री केंद्रों पर नहीं है डीएपी, मायूस लौट रहे किसान
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डीएपी न होने से सूना पड़ा इफको ई-बाजार डुहवा हर्रैया।
- फोटो : BASTI
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इफको बिक्री केंद्रों पर नहीं है डीएपी, मायूस लौट रहे किसान
- फसलों की बुआई शुरू होते ही डीएपी की किल्लत
- जिले में सिर्फ मंडी समिति, भानपुर और हर्रैया में है इफको बिक्री केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। रबी फसलों की बुआई शुरू होते ही डीएपी की किल्लत हो गई है। किसान बिक्री केंद्रों से मायूस लौट रहे हैं। रविवार को हमारी टीम ने जिले में स्थापित इफको के तीनों प्रमुख बिक्री केंद्र मंडी समिति, भानपुर व हर्रैया की पड़ताल की। तीनों केंद्र खुले मिले, लेकिन डीएपी न होने से केंद्रों पर किसान नहीं दिखे।
जिले में तीन इफको के क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। जिसमें मंडी समिति परिसर में स्थापित केंद्र को हाल ही में प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रुप में तब्दील किया गया है। पड़ताल में केंद्र प्रभारी उपेंद्र कुमार श्रीवास्तव व अन्य मौजूद मिले। उन्होंने बताया कि केंद्र से प्रतिदिन करीब छह सौ बोरी डीएपी की बिक्री की जाती है। पांच दिन से डीएपी नहीं है। इसके बाद हमारी टीम भानपुर इफको बिक्री केंद्र पहुंची। केंद्र प्रभारी जय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रतिदिन करीब 250 बोरी डीएपी का वितरण किया जाता है। चार दिनों से डीएपी नहीं है। इसके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। हर्रैया के डुहवा स्थित इफको ई-बाजार पहुंची हमारी टीम को केंद्र प्रभारी मयंक शुक्ला ने बताया कि प्रतिदिन 250 से 300 बोरी डीएपी का वितरण किया जाता है। रविवार को डीएपी समाप्त हो गई। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है।
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समितियों के लिए उपलब्ध है डीएपी
- भंडारण में डीएपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। विभागीय नियमानुसार भंडारण में रखी खाद सिर्फ साधन सहकारी समितियों को ही दी जा सकती है। विभागीय बाध्यता के कारण इफको बिक्री केंद्रों को डीएपी खाद नहीं दी जा सकती।
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- आशीष श्रीवास्तव, एआर कोआपरेटिव
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- फसलों की बुआई शुरू होते ही डीएपी की किल्लत
- जिले में सिर्फ मंडी समिति, भानपुर और हर्रैया में है इफको बिक्री केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। रबी फसलों की बुआई शुरू होते ही डीएपी की किल्लत हो गई है। किसान बिक्री केंद्रों से मायूस लौट रहे हैं। रविवार को हमारी टीम ने जिले में स्थापित इफको के तीनों प्रमुख बिक्री केंद्र मंडी समिति, भानपुर व हर्रैया की पड़ताल की। तीनों केंद्र खुले मिले, लेकिन डीएपी न होने से केंद्रों पर किसान नहीं दिखे।
जिले में तीन इफको के क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। जिसमें मंडी समिति परिसर में स्थापित केंद्र को हाल ही में प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रुप में तब्दील किया गया है। पड़ताल में केंद्र प्रभारी उपेंद्र कुमार श्रीवास्तव व अन्य मौजूद मिले। उन्होंने बताया कि केंद्र से प्रतिदिन करीब छह सौ बोरी डीएपी की बिक्री की जाती है। पांच दिन से डीएपी नहीं है। इसके बाद हमारी टीम भानपुर इफको बिक्री केंद्र पहुंची। केंद्र प्रभारी जय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रतिदिन करीब 250 बोरी डीएपी का वितरण किया जाता है। चार दिनों से डीएपी नहीं है। इसके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। हर्रैया के डुहवा स्थित इफको ई-बाजार पहुंची हमारी टीम को केंद्र प्रभारी मयंक शुक्ला ने बताया कि प्रतिदिन 250 से 300 बोरी डीएपी का वितरण किया जाता है। रविवार को डीएपी समाप्त हो गई। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है।
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समितियों के लिए उपलब्ध है डीएपी
- भंडारण में डीएपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। विभागीय नियमानुसार भंडारण में रखी खाद सिर्फ साधन सहकारी समितियों को ही दी जा सकती है। विभागीय बाध्यता के कारण इफको बिक्री केंद्रों को डीएपी खाद नहीं दी जा सकती।
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- आशीष श्रीवास्तव, एआर कोआपरेटिव