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Basti News: भीड़-भाड़ वाले इलाकों में झूल रहे बिजली के तारों से खतरा
Tue, 17 Sep 2024 01:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 17 Sep 2024 01:42 AM IST
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सघन आबादी वाले इलाकों में अब भी पुराने पैटर्न पर दी जा रही आपूर्ति
मालवीय रोड पर कई जगहों पर लटकते तारों से स्थिति चिंताजनक
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर में तमाम जगहों पर बिजली के तार ढीले होकर लटक रहे हैं। रविवार को पेट्रोल भरे टैंकर में इन्हीं तारों के कारण आग लग गई थी। इसके बाद विद्युत निगम लटकते तारों को प्राथमिकता पर हटाने की तैयारी में जुट गया है। बिजनेस प्लान के तहत पहले इन्हीं तारों को हटाकर बंच केबल लगाई जाएगी।
सोमवार को शहर में झूलते तारों की स्थिति को जानने की कोशिश की तो मूड़घाट कटरा, कंपनीबाग, फव्वारा चौराहा, रंजीत चौराह, रोडवेज तिराहा, दक्षिण दरवाजा, स्टेशन रोड, अस्पताल रोड आदि जगहों पर स्थिति चिंताजनक मिली। कटरा, रोडवेज तिराहा, रंजीत चौराहा सहित आधा दर्जन जगहों पर सड़क से थोड़ी ऊंचाई पर हाईटेंशन लाइन गुजरी हुई दिखी। मगर, तारों के नीचे गार्डिंग (रक्षक पट्टी) नहीं लगी हुई है। पुरानी बस्ती क्षेत्र में स्टेशन रोड, दक्षिण दरवाजा, मंगल बाजार आदि जगहों पर तार ढीले होकर झूलते हुए दिखे। इनके नीचे भी गार्डिंग नहीं लगी है। हवा चलने पर ढीले तार तेजी से झूलने लगते हैं। चूंकि इसी मार्ग से दिनभर रोडवेज की बसें डिपो में आती हैं। ऐसी दशा में सड़क के किनारे से बनाई गई यह लाइनें अधिक खतरनाक हो जाती हैं।
विद्युत निगम के आपूर्ति संसाधन कई दशक पुराने हैं। जबकि पिछले एक दशक में शहर की बसावट सघन हो चुकी है। शहर के गांधीनगर, मालवीय मार्ग, जिला अस्पताल रोड, दक्षिण दरवाजा, गांधीनगर, कंपनीबाग, स्टेडियम आदि जगहों पर कंपोजिट लाइन के सहारे बिजली आपूर्ति दी जा रही है। इन जगहों पर सघन बसावट को देखते हुए तारों को अंदर ग्राउंड किया जाना आवश्यक हो गया है।
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गार्डिंग न होने से हर समय बना रहता है खतरा
खंभे से खंभे तक मुख्य लाइन के तारों के नीचे एक और तारों का जाल लगाया जाता है। यह मुख्य लाइन के तारों के टूटने या ढीला होने पर हादसे को रोकने का काम करता है। शहर में कुछ जगहों को छोड़ दिया जाए तो सघन आबादी वाले क्षेत्र में गार्डिंग नहीं कराई गई है।
...
कोट
शहरभर में बिजनेस प्लान के तहत जर्जर व पुरानी हो चुकी लाइनों को बदला जा रहा है। अब पूरे शहर में बंच केबल लगाई जा रही है। संवेदनशील जगहों पर प्राथमिकता पर कार्य कराया जा रहा है। जल्द ही शहर को नंगे तारों से मुक्ति मिल जाएगी।
-मनोज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, नगरीय
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मालवीय रोड पर कई जगहों पर लटकते तारों से स्थिति चिंताजनक
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर में तमाम जगहों पर बिजली के तार ढीले होकर लटक रहे हैं। रविवार को पेट्रोल भरे टैंकर में इन्हीं तारों के कारण आग लग गई थी। इसके बाद विद्युत निगम लटकते तारों को प्राथमिकता पर हटाने की तैयारी में जुट गया है। बिजनेस प्लान के तहत पहले इन्हीं तारों को हटाकर बंच केबल लगाई जाएगी।
सोमवार को शहर में झूलते तारों की स्थिति को जानने की कोशिश की तो मूड़घाट कटरा, कंपनीबाग, फव्वारा चौराहा, रंजीत चौराह, रोडवेज तिराहा, दक्षिण दरवाजा, स्टेशन रोड, अस्पताल रोड आदि जगहों पर स्थिति चिंताजनक मिली। कटरा, रोडवेज तिराहा, रंजीत चौराहा सहित आधा दर्जन जगहों पर सड़क से थोड़ी ऊंचाई पर हाईटेंशन लाइन गुजरी हुई दिखी। मगर, तारों के नीचे गार्डिंग (रक्षक पट्टी) नहीं लगी हुई है। पुरानी बस्ती क्षेत्र में स्टेशन रोड, दक्षिण दरवाजा, मंगल बाजार आदि जगहों पर तार ढीले होकर झूलते हुए दिखे। इनके नीचे भी गार्डिंग नहीं लगी है। हवा चलने पर ढीले तार तेजी से झूलने लगते हैं। चूंकि इसी मार्ग से दिनभर रोडवेज की बसें डिपो में आती हैं। ऐसी दशा में सड़क के किनारे से बनाई गई यह लाइनें अधिक खतरनाक हो जाती हैं।
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विद्युत निगम के आपूर्ति संसाधन कई दशक पुराने हैं। जबकि पिछले एक दशक में शहर की बसावट सघन हो चुकी है। शहर के गांधीनगर, मालवीय मार्ग, जिला अस्पताल रोड, दक्षिण दरवाजा, गांधीनगर, कंपनीबाग, स्टेडियम आदि जगहों पर कंपोजिट लाइन के सहारे बिजली आपूर्ति दी जा रही है। इन जगहों पर सघन बसावट को देखते हुए तारों को अंदर ग्राउंड किया जाना आवश्यक हो गया है।
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गार्डिंग न होने से हर समय बना रहता है खतरा
खंभे से खंभे तक मुख्य लाइन के तारों के नीचे एक और तारों का जाल लगाया जाता है। यह मुख्य लाइन के तारों के टूटने या ढीला होने पर हादसे को रोकने का काम करता है। शहर में कुछ जगहों को छोड़ दिया जाए तो सघन आबादी वाले क्षेत्र में गार्डिंग नहीं कराई गई है।
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कोट
शहरभर में बिजनेस प्लान के तहत जर्जर व पुरानी हो चुकी लाइनों को बदला जा रहा है। अब पूरे शहर में बंच केबल लगाई जा रही है। संवेदनशील जगहों पर प्राथमिकता पर कार्य कराया जा रहा है। जल्द ही शहर को नंगे तारों से मुक्ति मिल जाएगी।
-मनोज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, नगरीय