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Basti News: बुकिंग के 20 दिन बाद भी नहीं मिल रहा सिलिंडर...किचन की बिगड़ी व्यवस्था
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बस्ती। शहर से लेकर गांव-कस्बे में इन दिनों रसोई गैस को लेकर उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गैस एजेंसियों पर भोर से ही उपभोक्ताओं की भीड़ जुटनी शुरू हो जाती है। दोपहर तक कतार में लगे उपभोक्ता सिर्फ इस आस में होते हैं कि टोकन, पर्ची कट जाएगी तो अगले दिन सिलिंडर मिल जाएगा, मगर ऐसा न होने पर निराश लौट जा रहे। बताते हैं कि बुकिंग के 20 से 25 दिन बाद सिलिंडर मिलना मुश्किल हो गया है। इससे हालत बिगड़ गई है। किचन की व्यवस्था भी डगमगा सी गई है। लोगों ने बताया कि पर्ची कटवाने के बाद भी उपभोक्ताओं को आसानी से सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। कई बार ओटीपी न आने की समस्या से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। तो कई बार 10 दिन बीतने के बाद ओटीपी मांगी जा रही है। इससे समय और बढ़ जा रहा है। हालांकि, कई एजेंसी यह दावा कर रही हैं कि होम डिलीवरी वितरण सेवा चल रही है, मगर अधिकांश में यह व्यवस्था ठप है। इससे सांसत और बढ़ गई है।
डीएसओ विमल कुमार शुक्ल ने बताया कि जितनी आपूर्ति आ रही है, उतने सिलिंडरों का वितरण नियमानुसार करवा रहे हैं। 40 एजेंसी क्रियाशील हैं। सात हजार के आसपास सिलिंडर आता है। उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुनकर निस्तारण कराया जा रहा है।
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गैस एजेंसियों पर भोर से ही उपभोक्ताओं की भीड़ जुटनी शुरू हो जाती है। दोपहर तक कतार में लगे उपभोक्ता सिर्फ इस आस में होते हैं कि टोकन, पर्ची कट जाएगी तो अगले दिन सिलिंडर मिल जाएगा, मगर ऐसा न होने पर निराश लौट जा रहे। बताते हैं कि बुकिंग के 20 से 25 दिन बाद सिलिंडर मिलना मुश्किल हो गया है। इससे हालत बिगड़ गई है। किचन की व्यवस्था भी डगमगा सी गई है। लोगों ने बताया कि पर्ची कटवाने के बाद भी उपभोक्ताओं को आसानी से सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। कई बार ओटीपी न आने की समस्या से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। तो कई बार 10 दिन बीतने के बाद ओटीपी मांगी जा रही है। इससे समय और बढ़ जा रहा है। हालांकि, कई एजेंसी यह दावा कर रही हैं कि होम डिलीवरी वितरण सेवा चल रही है, मगर अधिकांश में यह व्यवस्था ठप है। इससे सांसत और बढ़ गई है।
डीएसओ विमल कुमार शुक्ल ने बताया कि जितनी आपूर्ति आ रही है, उतने सिलिंडरों का वितरण नियमानुसार करवा रहे हैं। 40 एजेंसी क्रियाशील हैं। सात हजार के आसपास सिलिंडर आता है। उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुनकर निस्तारण कराया जा रहा है।
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