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Basti News: मेडिकल कॉलेज के भवन पर करोड़ों खर्च, नहीं मिली एमआरआई मशीन

Sat, 02 Dec 2023 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sat, 02 Dec 2023 11:54 PM IST
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Crores spent on medical college building, MRI machine not found
बस्ती। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय, कैली में तीन साल से एमआरआई मशीन का इंतजार किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने से पहले ही 2018 में इस अस्पताल में ही एमआरआई मशीन मिलनी थी। इस नाते यहां करोड़ों रुपये खर्च कर भवन निर्माण कराया गया, मगर पांच साल बाद भी एमआरआई मशीन नहीं मिल सकी। लिहाजा मरीज इस सुविधा से वंचित हैं। पिछले 27 अप्रैल 2022 को शासन ने जिले को एमआरआई मशीन दिए जाने की घोषणा कर दी थी, मगर अब भी मशीन का पता नहीं।
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जिले में 2018 में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को हरी झंडी मिली और कॉलेज बनकर तैयार हो गया। 2019 से इसका संचालन भी किया जा रहा है। चार साल से संचालित मेडिकल कॉलेज ने ओपेक चिकित्सालय कैली को ओपीडी व अन्य चिकित्सा सेवा के लिए संबद्ध कर लिया है। इसके बाद यह तय हुआ था कि यहां जो उपकरण बंद हैं उन्हें पीपीपी मॉडल पर संचालित किया जाएगा।
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इस प्रक्रिया के तहत कैली में डायलिसिस संचालित हो रहा है। उसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पीपीपी माॅडल से एमआरआई लगवाकर संचालित करने की योजना बनाई थी। करोड़ों रुपये के भवन बनाकर 2018 में ही तैयार कर दिए गया, मगर पांच वर्ष बाद भी यहां मशीन स्थापित नहीं हो सकी। अब मशीन दिए जाने की घोषणा के बाद इसके संचालन की व्यवस्था चिकित्सा शिक्षा विभाग के जिम्मे होगी। उत्तर प्रदेश सप्लाई कारपोरेशन इस मशीन को मुहैया कराएगा।
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कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि एमआरआई मशीन की स्थापना का प्रस्ताव मेडिकल एजुकेशन को भेजा गया है। उनकी स्वीकृति भी मिल गई है। एमआरआई मशीन के लिए धन स्वीकृत किया जा चुका है। प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द से जल्द ओपेक चिकित्सालय कैली में एमआरआई मशीन की स्थापना होगी। इसे भी शासन के निर्देश के क्रम में व्यवस्थागत ढंग से संचालित किया जाएगा।
ब्रेन संक्रमण, खून व नसों में दिक्कत आने पर एमआरआई की जरूरत पड़ती है। हृदय रोग में भी एमआरआई कराया जाता है, मगर अभी यहां ऐसे रोगियों का एमआरआई नहीं होता है। वैसे हर दिन दोनों अस्पतालों से करीब 50 मरीजों को एमआरआई का सुझाव दिया जाता है। इन्हें निजी सेंटरों से एमआरआई कराना पड़ता है।

- डॉ. रजत पांडेय, मेडिसिन विभाग, मेडिकल कॉलेज
निजी सेंटरों पर तीन से चार हजार रुपये की जांच

जिले के कुछ सेंटरों पर ही एमआरआई जांच हो सकती है। इसके लिए करीब तीन से चार हजार रुपये शुल्क लिया जाता है। कैली में मशीन स्थापना से मरीजों को कम खर्च में बेहतर जांच की सुविधा मिलेगी।
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