फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Was throttled soldier son's death

गला घोंटकर की गई थी सिपाही के बेटे की हत्या

Sat, 24 Dec 2016 11:26 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती Updated Sat, 24 Dec 2016 11:26 PM IST
विज्ञापन
Was throttled soldier son's death
crime demo - फोटो : MID DAY
पुलिस परिवार के चार वर्ष के मासूम की हत्या गला दबाकर की गई थी। लाल साड़ी पहने महिला ने दोपहर के वक्त कुआनो नदी में फेंका। प्रत्यक्षदर्शी से पूछताछ और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इसकी पुष्टि हो चुकी है। शुक्रवार को भ्रम बना हुआ था कि कहीं ऐसा तो नहीं कि नदी में उसे जिंदा फेंक दिया गया हो। लेकिन असल सवाल अभी ज्यों का त्यों बना हुआ है कि आखिर चार साल के मासूम ने किसकेे साथ ऐसा गुनाह कर दिया कि उसने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। उधर, पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।     
विज्ञापन


सर्विलांस सेल में तैनान गोरखपुर जिले के उरुआ थानाक्षेत्र के देवराजपार निवासी सिपाही जनार्दन प्रजापति के चार साल के बेटे कृष्णा उर्फ आयुष की शुक्रवार को कुआनो में बहती लाश मिली। पिता जनार्दन ने उस समय अधिकारियों को बताया कि खेलते समय वह अचानक गायब हुआ। सर्विलांस के आरक्षी से जुड़ा होने की वजह से प्रथम दृष्ट्या पुलिस का शक हाल में जेल भेजे गए कुछ बदमाशों पर गया, जिन्हें सर्विलांस की मदद से ट्रैश किया था। इसके अलावा उसकी निजी जिंदगी की कुछ ऐसी घटनाओं को इस मर्डर से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें सबसे अहम उसके पहली पत्नी के रहस्यमय ढंग से मृत्यु को माना जा रहा है। चर्चा है कि जिससे इसने पहली शादी की थी वह इसकी सगी संबंधी थीं। इससे अवैध संबंध होने के बाद विवाह कर लिया था। कृष्णा के पैदा होने के करीब एक वर्ष बाद उसकी भी रहस्यमय मौत हो गई थी। बाद में दूसरी शादी की जिससे अर्जुन नाम का एक बेटा भी है। मामले में एसपी का कहना है कि  पुख्ता प्रमाण मिल गए हैं जल्द ही खुलासा करेंगे। 
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed