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भगवान भरोसे तटबंध के लोग, डूबने लगा बेस
basti
Updated Mon, 02 Jul 2018 11:50 PM IST
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कटरिया-चांदपुर बांध ।
- फोटो : amar ujala
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दुबौलिया। बरसात शुरू है। घाघरा का जलस्तर भी बढ़ रहा है। लेकिन बारिश के चलते तटबंध का कार्य दो दिन से प्रभावित है। कटरिया-चांदपुर तटबंध के ग्रामीणों की नींद उड़ गई है।
रविवार से शुरू हुई रिमझिम बारिश सोमवार को झमाझम में बदल गई। जिसके चलते कटरिया-चांदपुर तटबंध पर फिसलन अधिक होने से मरम्मत कार्य प्रभावित है। नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ रहा है।पिछले 48 घंटे में डेढ मीटर जलस्तर बढ़ने के कारण तटबंध के किनारे बन रहा बेस अब डूबने लगा है। अभी तक एक भी ट्रक बोल्डर नहीं पहुंच सका है। ऐसे में नदी के कटान करने पर बाढ़ खंड विभाग के पास मिट्टी से भरी बोरियों के अलावा कुछ भी नहीं है। बाढ खंड के अधिकारी का कहना है अभी बोल्डर आने मे कम से कम एक सप्ताह लगेगा। दो दिन से हो रही रुक-रुक कर बरसात के कारण तटबंध पर फिसलन आ गई है। ट्रैक्टर-ट्रॉली से मिट्टी नहीं पहुंच पा रही है जिस के कारण तटबंध के किनारे बोरियों में मिट्टी भर कर बेस बनाने का काम प्रभावित है। तटबंध के किनारे बसे अरून, रामपाल, राम संवारे, छोटे लाल, रामसुमेर, प्रेमधर आदि ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी स्थिति रही तो बांध कटने से कोई नहीं बचा पाएगा। जो काम मानसून आने से पहले हो जाना चाहिए था वो अब शुरू हो रहा है। तटबंध को भगवान ही बचाएं। इस संबंध में बाढ़ खंड के एसडीओ जितेंद्र कुमार का कहना है कि बरसात होने से काम में बाधा आ रही है। लोकल एरिया में बारिश होने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा है। ऊपर अभी बरसात नहीं हो रही है ऐसे में चिन्ता की कोई बात नहीं है। बोरियों में रोड़ा भरने का काम चल रहा है ।
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रविवार से शुरू हुई रिमझिम बारिश सोमवार को झमाझम में बदल गई। जिसके चलते कटरिया-चांदपुर तटबंध पर फिसलन अधिक होने से मरम्मत कार्य प्रभावित है। नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ रहा है।पिछले 48 घंटे में डेढ मीटर जलस्तर बढ़ने के कारण तटबंध के किनारे बन रहा बेस अब डूबने लगा है। अभी तक एक भी ट्रक बोल्डर नहीं पहुंच सका है। ऐसे में नदी के कटान करने पर बाढ़ खंड विभाग के पास मिट्टी से भरी बोरियों के अलावा कुछ भी नहीं है। बाढ खंड के अधिकारी का कहना है अभी बोल्डर आने मे कम से कम एक सप्ताह लगेगा। दो दिन से हो रही रुक-रुक कर बरसात के कारण तटबंध पर फिसलन आ गई है। ट्रैक्टर-ट्रॉली से मिट्टी नहीं पहुंच पा रही है जिस के कारण तटबंध के किनारे बोरियों में मिट्टी भर कर बेस बनाने का काम प्रभावित है। तटबंध के किनारे बसे अरून, रामपाल, राम संवारे, छोटे लाल, रामसुमेर, प्रेमधर आदि ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी स्थिति रही तो बांध कटने से कोई नहीं बचा पाएगा। जो काम मानसून आने से पहले हो जाना चाहिए था वो अब शुरू हो रहा है। तटबंध को भगवान ही बचाएं। इस संबंध में बाढ़ खंड के एसडीओ जितेंद्र कुमार का कहना है कि बरसात होने से काम में बाधा आ रही है। लोकल एरिया में बारिश होने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा है। ऊपर अभी बरसात नहीं हो रही है ऐसे में चिन्ता की कोई बात नहीं है। बोरियों में रोड़ा भरने का काम चल रहा है ।
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