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रकम के लिए प्रधान ने मनरेगा मजदूर को पीटा
Sun, 17 Mar 2019 12:03 AM IST
राकेश पांडेय
basti
basti
Published by: राकेश पांडेय
Updated Sun, 17 Mar 2019 12:03 AM IST
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घायल मजदूर।
- फोटो : amar ujala
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महराजगंज। मनरेगा की रकम बैंक से नहीं निकालने के कारण ग्राम प्रधान ने सहयोगियों संग मनरेगा मजदूर की पिटाई कर दी। बचाने पहुंची पत्नी को भी चोटें लगीं। गांववालों ने घायल को कप्तानगंज सीएचसी में भर्ती कराया। पुलिस को तहरीर देकर आरोपी ग्राम प्रधान और सहयोगियों पर कार्रवाई की मांग की है।
मामला कप्तानगंज ब्लॉक की परिवारपुर ग्राम पंचायत के रौताइनपुर का है जो हर्रैया थाना क्षेत्र में पड़ता है। शुक्रवार रात ग्राम प्रधान के साथ एक बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र संचालक पूरा सिस्टम ले जाकर गांव में ही मनरेगा मजदूरों के खाते से रकम निकाल रहा था। रौताइनपुर गांव के कपिलदेव के मुताबिक उसके खाते में बिना काम किए ही मनरेगा की मजदूरी डाली गई थी। रात करीब आठ बजे प्रधान और उनके सहयोगी पहुंचे। मनरेगा की रकम निकालने को कहने लगे। असमर्थता जताने पर मारने-पीटने लगे। पति को पिटते देखकर बीच-बचाव करने गई पत्नी इंद्रावती की भी पिटाई कर दी। कपिलदेव का सिर फट गया। मौके पर पहुंचे गांव के लोग तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कप्तानगंज ले गए। पीड़ित ने मामले की तहरीर हर्रैया थाने पर दी। हर्रैया के प्रभारी एसओ राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले में छानबीन की जा रही है। वहीं, कप्तानगंज के बीडीओ मनरेगा जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामला काफी गंभीर है। जांच कराकर ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में ग्राम प्रधान अखिलेश कुमार चौधरी ने कहा कि आरोप निराधार है। गांव के कुछ लोगों की ओर से राजनीतिक द्वेष में मेरे खिलाफ साजिश की जा रही है।
मनरेगा मजदूरी में ऐसे होता है ‘खेल’
कप्तानगंज ब्लॉक में मनरेगा मजदूरी में गोलमाल किया जा रहा है। ग्राम प्रधान और सेक्रेट्री की मिलीभगत से बगैर कार्य किए ही मनरेगा मजदूरों के खाते में रकम उनके नाम मस्टरोल भर कर भेज दी जाती है। इसके बाद तकनीकी सहायक की ओर से एमबी किया जाता है। जब मनरेगा की रकम मजदूर के खाते में जाती है तो उसे कुछ रुपये देकर बाकी रकम मजदूरों से निकलवा ली जाती है। जिसका बंटवारा ऊपर तक होता है। अभी करीब एक माह पहले पगार गांव में भी ऐसे ही मामले को लेकर विवाद हुआ था।
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हर्रैया के प्रभारी एसओ राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मजदूर का मेडिकल कराया गया है। अब उसकी हालत सामान्य है। रिपोर्ट मिलते ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
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मामला कप्तानगंज ब्लॉक की परिवारपुर ग्राम पंचायत के रौताइनपुर का है जो हर्रैया थाना क्षेत्र में पड़ता है। शुक्रवार रात ग्राम प्रधान के साथ एक बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र संचालक पूरा सिस्टम ले जाकर गांव में ही मनरेगा मजदूरों के खाते से रकम निकाल रहा था। रौताइनपुर गांव के कपिलदेव के मुताबिक उसके खाते में बिना काम किए ही मनरेगा की मजदूरी डाली गई थी। रात करीब आठ बजे प्रधान और उनके सहयोगी पहुंचे। मनरेगा की रकम निकालने को कहने लगे। असमर्थता जताने पर मारने-पीटने लगे। पति को पिटते देखकर बीच-बचाव करने गई पत्नी इंद्रावती की भी पिटाई कर दी। कपिलदेव का सिर फट गया। मौके पर पहुंचे गांव के लोग तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कप्तानगंज ले गए। पीड़ित ने मामले की तहरीर हर्रैया थाने पर दी। हर्रैया के प्रभारी एसओ राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले में छानबीन की जा रही है। वहीं, कप्तानगंज के बीडीओ मनरेगा जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामला काफी गंभीर है। जांच कराकर ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में ग्राम प्रधान अखिलेश कुमार चौधरी ने कहा कि आरोप निराधार है। गांव के कुछ लोगों की ओर से राजनीतिक द्वेष में मेरे खिलाफ साजिश की जा रही है।
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मनरेगा मजदूरी में ऐसे होता है ‘खेल’
कप्तानगंज ब्लॉक में मनरेगा मजदूरी में गोलमाल किया जा रहा है। ग्राम प्रधान और सेक्रेट्री की मिलीभगत से बगैर कार्य किए ही मनरेगा मजदूरों के खाते में रकम उनके नाम मस्टरोल भर कर भेज दी जाती है। इसके बाद तकनीकी सहायक की ओर से एमबी किया जाता है। जब मनरेगा की रकम मजदूर के खाते में जाती है तो उसे कुछ रुपये देकर बाकी रकम मजदूरों से निकलवा ली जाती है। जिसका बंटवारा ऊपर तक होता है। अभी करीब एक माह पहले पगार गांव में भी ऐसे ही मामले को लेकर विवाद हुआ था।
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हर्रैया के प्रभारी एसओ राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मजदूर का मेडिकल कराया गया है। अब उसकी हालत सामान्य है। रिपोर्ट मिलते ही अगली कार्रवाई की जाएगी।