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सूख गए लाखों के पौधे, गड्ढे के हवाले

Tue, 19 Feb 2019 11:09 PM IST
basti Published by: राकेश पांडेय Updated Tue, 19 Feb 2019 11:09 PM IST
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plants became dried
money plant
गौर। सरकार के निर्देश पर 15 अगस्त को ब्लॉक परिसर से लेकर ग्राम पंचायतों में फलदार पौधे रोपण के लिए कई लाख रुपये खर्च किए गए। मगर इसकी हकीकत कुछ और ही है। लगने से पहले ही लगभग 11 लाख रुपये के फलदार पौधे सूख गए तो उन्हें गड्ढे के हवाले कर दिया गया। यह करते हुए जिम्मेदारों एवं मातहतों के माथे पर तनिक भी सिकन नहीं आई। ब्लॉक के जिम्मेदारों की मानें तो बाहर से मंगवाए गए फलदार पौधों का भुगतान भी अधर में है।
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गौर ब्लॉक में कुल 111 ग्राम पंचायतें हैं। बीते स्वतंत्रता दिवस पर सभी ग्राम पंचायतों में पौधों का रोपण होना था, इसके लिए ब्लॉक ने बाहर से 29048 फलदार पौधे मंगवाए थे। प्रति पौधे की कीमत लगभग 39 रुपये बताई गई है। पौधों का आवंटन ग्राम पंचायतों में अलग-अलग संख्या में होना था। ब्लॉक के जिम्मेदारों ने पौधे तो मंगवा लिए, लेकिन उन्हें ग्राम पंचायतों में नहीं भेजा गया। बल्कि ब्लॉक सभागार में रख दिया गया, जिससे पौधे सूख गए। इसे छिपाने के लिए सभागार के पीछे स्थित गड्ढे में फेंक दिया गया। इसके बाद भी ग्राम पंचायतों ने भी स्वतंत्रता दिवस पर खूब पौधे लगाने का दावा किया, मगर इनके संरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं की, जिससे पौधों का रोपण तो हुआ लेकिन पौधों का अस्तित्व समाप्त हो गया। अब इन पौधों के मूल्य भुगतान करने की गणित बनाई जा रही है। बीडीओ रुकमणी वर्मा के सीयूजी मोबाइल पर बात करने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल बंद मिला। वहीं, डीडीओ नीरज श्रीवास्तव ने कहा कि यदि पौधे गड्ढे में फेंके गए तो किसके आदेश से फेका गया और इन सब का भुगतान कहां से हुआ है। प्रकरण गंभीर है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी जो भी दोषी पाए जाएंगे। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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