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बालू माफिया पर 11.09 करोड़ रुपये जुर्माना
basti
Updated Wed, 29 Aug 2018 11:01 PM IST
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बालू खनन।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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बस्ती। प्रशासन को अंधेरे में रखकर अंधाधुंध बालू खनन करने पर प्रशासन ने बुधवार को तगड़ा एक्शन लिया। सदर तहसील के महुआपार खुर्द में निर्धारित मानक से ज्यादा खनन करने वाले लाइसेंसी को 11 करोड़ नौ लाख रुपये जुर्माना लगाया है। डीएम डॉ. राजशेखर ने बताया कि खनन में शासन की जीरो टालरेंस पॉलिसी के तहत की गई कार्रवाई में यदि यह रकम तय समय में जमा नहीं की गई तो राजस्व बकाए की तरह तहसील के जरिए वसूली कराई जाएगी।
घाघरा के उत्तरी और जिले के दक्षिणी छोर पर स्थित महुआपार खुर्द के पास बालू खनन का इस बार फैजाबाद जिले के शहादतगंज के कुम्हारमंडी निवासी सैय्यद साहिल अली के नाम 10 करोड़ 61 लाख रुपये में पट्टा हुआ। इसकी 25 प्रतिशत प्रतिभूति और इतनी ही पहली किस्त मिलाकर 05 करोड़ 30 लाख 75 हजार रुपये 24 फरवरी को जमा करके खनन शुरू कर दिया।
मगर पहली अप्रैल को जमा होने वाली दूसरी किस्त नहीं जमा हुई तो नोटिस जारी किया गया। कई बार नोटिस का जवाब न देने पर आठ जून 2018 को खनन सीज कर दिया गया। इसके अगले ही दिन यानी नौ जून को प्रशासन ने जब छापा मारा तो वहां भारी मात्रा में वाहन खनन में जुटे पाए गए। मौके से टीम ने 26 वाहन सीज किए गए। प्रतिबंध के बावजूद खनन की शिकायत की अलग से जांच कराई गई तो पाया गया कि 74 हजार 531 घन मीटर की जगह तीन लाख उनसठ हजार 03 लाख 59 हजार घन मीटर खनन कर डाला। इस संबंध में डीएम ने लाइसेंसी को नोटिस दिया लेकिन माकूल जवाब न पाने की स्थिति में डीएम ने रॉयल्टी, शमन शुल्क सहित 11 करोड़ 09 लाख रुपये जमा करने का फरमान सुनाया है।
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घाघरा के उत्तरी और जिले के दक्षिणी छोर पर स्थित महुआपार खुर्द के पास बालू खनन का इस बार फैजाबाद जिले के शहादतगंज के कुम्हारमंडी निवासी सैय्यद साहिल अली के नाम 10 करोड़ 61 लाख रुपये में पट्टा हुआ। इसकी 25 प्रतिशत प्रतिभूति और इतनी ही पहली किस्त मिलाकर 05 करोड़ 30 लाख 75 हजार रुपये 24 फरवरी को जमा करके खनन शुरू कर दिया।
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मगर पहली अप्रैल को जमा होने वाली दूसरी किस्त नहीं जमा हुई तो नोटिस जारी किया गया। कई बार नोटिस का जवाब न देने पर आठ जून 2018 को खनन सीज कर दिया गया। इसके अगले ही दिन यानी नौ जून को प्रशासन ने जब छापा मारा तो वहां भारी मात्रा में वाहन खनन में जुटे पाए गए। मौके से टीम ने 26 वाहन सीज किए गए। प्रतिबंध के बावजूद खनन की शिकायत की अलग से जांच कराई गई तो पाया गया कि 74 हजार 531 घन मीटर की जगह तीन लाख उनसठ हजार 03 लाख 59 हजार घन मीटर खनन कर डाला। इस संबंध में डीएम ने लाइसेंसी को नोटिस दिया लेकिन माकूल जवाब न पाने की स्थिति में डीएम ने रॉयल्टी, शमन शुल्क सहित 11 करोड़ 09 लाख रुपये जमा करने का फरमान सुनाया है।
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