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यहां व्यापारिक प्रतिष्ठान आग के मुहाने पर
Sat, 25 May 2019 11:49 PM IST
राकेश पांडेय
basti
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Sat, 25 May 2019 11:49 PM IST
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हाईरिस्क मकानों में खुले दो शोरूम।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती। सूरत के अग्निकांड से आग से सुरक्षा के प्रति लोगों की आंख खुल गई है। कोचिंग सेंटर में आग से मौत के बाद सभी की नजर इस पर है। वैसे जिले में कुल 109 कोचिंग सेंटर संचालित होते हैं। इनमें से अधिकांश कोचिंग सेंटर निचले तल अथवा खुले में ही हैं, मगर इस जिले में कोचिंग सेंटर नहीं बल्कि व्यापारिक प्रतिष्ठान में आग के मुहाने पर हैं, यहां बचाव के इंतजाम नाकाफी हैं। कई नामचीन प्रतिष्ठानों में तो एक ही रास्ता है और आग लगने की स्थिति में क्या होगा, इसे लेकर अब प्रशासनिक चर्चा शुरू हो गई है। डीएम डॉ. राजशेखर ने जिले के सभी कोचिंग सेंटरों व अन्य संस्थानों की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित कर दी है। यह टीम 31 मई तक अपनी रिपोर्ट डीएम को देगी।
सूरत में आग के बाद बचाव को लेकर अब बहस शुरू हो गई है। अग्निशमन विभाग की मानें तो शहर में कहीं भी बहुमंजिला इमारत में कोचिंग सेंटर नहीं हैं, मगर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान जरूर संचालित हैं। शहर में करीब आधा दर्जन मार्ट के अलावा गांधी नगर से लगायत समूचे शहर में कपड़ा, आभूषण की दुकानें हैं, जहां आग के इंतजाम नाकाफी हैं। इन प्रतिष्ठानों में आने-जाने का रास्ता एक ही है और वह भी बेहद संकरा। इन प्रतिष्ठानों में आग के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। इन प्रतिष्ठानों ने अग्नि शमन विभाग से एनओसी भी नहीं ले रखी है। ऐसे में आग के खतरे से अंजान भारी भीड़ इन प्रतिष्ठानों में रोज पहुंचती है और आग लगने पर स्थिति संभाल पाना मुश्किल होगा।
इधर, सूरत में आग के बाद जिला प्रशासन ने कोचिंग सेंटर, मॉल्स व व्यापारिक प्रतिष्ठानों को लेकर संवेदनशीलता दिखानी शुरू कर दी है। इन केंद्रों में आग के इंतजाम की जांच में प्रशासन जुटा है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी मंगेश कुमार ने बताया कि जिले के कोचिंग सेंटरों की जांच की गई थी, यहां कोई भी कोचिंग सेंटर ऐसा नहीं है, जहां आग का खतरा हो। क्योंकि अधिकांश सेंटर निचले तल पर संचालित होते हैं। हां, शहर और कस्बों में स्थित मॉल्स व मार्ट हैं, जिन्हें नोटिस जारी किया जा चुका है, मगर वे नोटिस का कोई जवाब आज तक नहीं दिए हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। शहरी क्षेत्र के बड़े प्रतिष्ठानों की भी जांच की रणनीति बनाई गई है। इन संस्थानों का निरीक्षण कर उन्हें आग से बचाव के इंतजाम करने के निर्देश दिए जाएंगे। विनियमित क्षेत्र के एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल ने कहा कि कोचिंग सेंटर व मॉल्स के अलावा बहुमंजिला प्रतिष्ठानों की जांच कर उनके अग्नि सुरक्षा इंतजाम देखे जाएंगे। यदि जरा भी कमी पाई गई तो उसे दूर करने के लिए समय दिया जाएगा। समय सीमा के भीतर खामियों को दूर नहीं किया गया तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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डीएम ने आग सुरक्षा की जांच का दिए निर्देश
बस्ती। डीएम डॉ. राजशेखर ने नगरीय क्षेत्र में स्थापित बहुमंजिली इमारतें रेस्टोरेंट, होटल, मल्टीप्लेक्स, शोरूम, कोचिंग सेंटर, प्रशिक्षण केंद्र व आवासीय आपर्टमेंट को चिह्नित कर आग सुरक्षा व आपातकाल में इमरजेंसी एक्जिट प्लान की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करते हुए 31 मई तक रिपोर्ट मांगी है। इसके लिए निरीक्षण के दौरान वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। डीएम उक्त के अलावा मुख्य अग्निशमन अधिकारी को निर्देशित किया है कि वे नगरीय क्षेत्र के सबसे बड़ी पांच इमारतों का चयन रविवार तक करें उसका भी निरीक्षण एसडीएम, सीओ, सहायक अभियंता बीडीए तथा सीएफओ कर रिपोर्ट 28 मई तक उपलब्ध कराएं।
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सूरत में आग के बाद बचाव को लेकर अब बहस शुरू हो गई है। अग्निशमन विभाग की मानें तो शहर में कहीं भी बहुमंजिला इमारत में कोचिंग सेंटर नहीं हैं, मगर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान जरूर संचालित हैं। शहर में करीब आधा दर्जन मार्ट के अलावा गांधी नगर से लगायत समूचे शहर में कपड़ा, आभूषण की दुकानें हैं, जहां आग के इंतजाम नाकाफी हैं। इन प्रतिष्ठानों में आने-जाने का रास्ता एक ही है और वह भी बेहद संकरा। इन प्रतिष्ठानों में आग के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। इन प्रतिष्ठानों ने अग्नि शमन विभाग से एनओसी भी नहीं ले रखी है। ऐसे में आग के खतरे से अंजान भारी भीड़ इन प्रतिष्ठानों में रोज पहुंचती है और आग लगने पर स्थिति संभाल पाना मुश्किल होगा।
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इधर, सूरत में आग के बाद जिला प्रशासन ने कोचिंग सेंटर, मॉल्स व व्यापारिक प्रतिष्ठानों को लेकर संवेदनशीलता दिखानी शुरू कर दी है। इन केंद्रों में आग के इंतजाम की जांच में प्रशासन जुटा है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी मंगेश कुमार ने बताया कि जिले के कोचिंग सेंटरों की जांच की गई थी, यहां कोई भी कोचिंग सेंटर ऐसा नहीं है, जहां आग का खतरा हो। क्योंकि अधिकांश सेंटर निचले तल पर संचालित होते हैं। हां, शहर और कस्बों में स्थित मॉल्स व मार्ट हैं, जिन्हें नोटिस जारी किया जा चुका है, मगर वे नोटिस का कोई जवाब आज तक नहीं दिए हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। शहरी क्षेत्र के बड़े प्रतिष्ठानों की भी जांच की रणनीति बनाई गई है। इन संस्थानों का निरीक्षण कर उन्हें आग से बचाव के इंतजाम करने के निर्देश दिए जाएंगे। विनियमित क्षेत्र के एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल ने कहा कि कोचिंग सेंटर व मॉल्स के अलावा बहुमंजिला प्रतिष्ठानों की जांच कर उनके अग्नि सुरक्षा इंतजाम देखे जाएंगे। यदि जरा भी कमी पाई गई तो उसे दूर करने के लिए समय दिया जाएगा। समय सीमा के भीतर खामियों को दूर नहीं किया गया तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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डीएम ने आग सुरक्षा की जांच का दिए निर्देश
बस्ती। डीएम डॉ. राजशेखर ने नगरीय क्षेत्र में स्थापित बहुमंजिली इमारतें रेस्टोरेंट, होटल, मल्टीप्लेक्स, शोरूम, कोचिंग सेंटर, प्रशिक्षण केंद्र व आवासीय आपर्टमेंट को चिह्नित कर आग सुरक्षा व आपातकाल में इमरजेंसी एक्जिट प्लान की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करते हुए 31 मई तक रिपोर्ट मांगी है। इसके लिए निरीक्षण के दौरान वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। डीएम उक्त के अलावा मुख्य अग्निशमन अधिकारी को निर्देशित किया है कि वे नगरीय क्षेत्र के सबसे बड़ी पांच इमारतों का चयन रविवार तक करें उसका भी निरीक्षण एसडीएम, सीओ, सहायक अभियंता बीडीए तथा सीएफओ कर रिपोर्ट 28 मई तक उपलब्ध कराएं।