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Bulandshahar News: उप निरीक्षक की तहरीर पर किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं पर दर्ज हुई रिपोर्ट
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शिकारपुर। किसान यूनियन के पदाधिकारियों द्वारा बिना अनुमति सभा करने, रोड जाम करने व कोतवाली में माइक लगाकर भड़काऊ भाषण देने के मामले में पुलिस ने भाकियू के तीन नेताओं और 100 से 150 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ उप निरीक्षक की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की है। वहीं, लापरवाही मिलने पर एसएसपी ने कार्रवाई करते हुए कोतवाली प्रभारी समेत चार उप निरीक्षक, चार कांस्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया था। एक उप निरीक्षक, एक हेड कांस्टेबल, एक कांस्टेबल को निलंबित कर दिया था।
उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि किसान यूनियन नेता वीरपाल चौधरी, अनिल उर्फ बब्बन चौधरी, योगेंद्र चौधरी उर्फ मंटू व 100 से 150 अज्ञात लोगों के साथ अनाज मंडी में बिना अनुमति के धरना-प्रदर्शन व रोड जाम करते हुए कोतवाली परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने माइक लगाकर भड़काऊ भाषण दिए। साथ ही अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए पोक्सो एक्ट में दर्ज मुकदमे में समझौते का पुलिस पर दबाव बनाया।
आरोप लगाया कि धरना-प्रदर्शन को समाप्त करने के लिए कहने पर आरोपियों ने अपने वाहनों को थाने के मुख्यद्वार पर खड़ा कर रास्ते को बाधित कर दिया। साथ ही जिससे फरियादी अपनी शिकायत लेकर कोतवाली नहीं पहुंच सके और थाना परिसर में गद्दा-पल्ली डालकर बैठ गए। इस दौरान कोतवाली परिसर में जमकर हंगामा भी हुआ। धरने के बीच बांसौटी गांव की कुछ महिलाएं भी कोतवाली पहुंच गईं और किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी।
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आरोप है कि इस दौरान किसान यूनियन के नेताओं ने विरोध कर रहीं महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की करते हुए गाली गलौज की। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति बिगड़ती देख शिकारपुर के अलावा खुर्जा और सदर के सीओ कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया।
एसएसपी दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि धरने की पहले से ही जानकारी होने के बावजूद कोतवाली में धरना और हंगामा होने दिया गया। प्रभारी निरीक्षक, उप निरीक्षकों, कांस्टेबल समेत नौ पुलिसकर्मियों को धरने और हंगामे को रोकने का प्रयास नहीं करने पर लाइन हाजिर किया गया है। वहीं, उप निरीक्षक, एक हेड कांस्टेबल व एक कांस्टेबल को निलंबित किया गया है। कोतवाली में धरना प्रदर्शन करने पर तीन नामजद समेत 150 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
वीरपाल, मंटू के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज
शिकारपुर। शिकारपुर कोतवाली में धरना-प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ गाली गलौज और जान से मारने की धमकी देने के विरोध में भाकियू नेता वीरपाल सिंह और मंटू चौधरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पीड़िता ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें जानकारी हुई कि मंडी समिति शिकारपुर में उनके द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के खिलाफ बांसौटी गांव निवासी वीरपाल किसान यूनियन की एक बैठक कर रहे हैं। वह अपनी पुत्री और देवरानी के साथ अपना पक्ष रखने के लिए मंडी पहुंचे। आरोप है कि वीरपाल ने उनकी देवरानी के साथ गाली गलौज, धक्का-मुक्की करते हुए मारपीट की। थाने के रास्ते में मंटू चौधरी और वीरपाल ने उनके साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी। बताया कि वीरपाल एक पुराना मुकदमा वापस लेने के लिए उन पर दबाव बना रहा था। थाना प्रभारी ने बताया आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि किसान यूनियन नेता वीरपाल चौधरी, अनिल उर्फ बब्बन चौधरी, योगेंद्र चौधरी उर्फ मंटू व 100 से 150 अज्ञात लोगों के साथ अनाज मंडी में बिना अनुमति के धरना-प्रदर्शन व रोड जाम करते हुए कोतवाली परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने माइक लगाकर भड़काऊ भाषण दिए। साथ ही अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए पोक्सो एक्ट में दर्ज मुकदमे में समझौते का पुलिस पर दबाव बनाया।
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आरोप लगाया कि धरना-प्रदर्शन को समाप्त करने के लिए कहने पर आरोपियों ने अपने वाहनों को थाने के मुख्यद्वार पर खड़ा कर रास्ते को बाधित कर दिया। साथ ही जिससे फरियादी अपनी शिकायत लेकर कोतवाली नहीं पहुंच सके और थाना परिसर में गद्दा-पल्ली डालकर बैठ गए। इस दौरान कोतवाली परिसर में जमकर हंगामा भी हुआ। धरने के बीच बांसौटी गांव की कुछ महिलाएं भी कोतवाली पहुंच गईं और किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी।
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आरोप है कि इस दौरान किसान यूनियन के नेताओं ने विरोध कर रहीं महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की करते हुए गाली गलौज की। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति बिगड़ती देख शिकारपुर के अलावा खुर्जा और सदर के सीओ कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया।
एसएसपी दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि धरने की पहले से ही जानकारी होने के बावजूद कोतवाली में धरना और हंगामा होने दिया गया। प्रभारी निरीक्षक, उप निरीक्षकों, कांस्टेबल समेत नौ पुलिसकर्मियों को धरने और हंगामे को रोकने का प्रयास नहीं करने पर लाइन हाजिर किया गया है। वहीं, उप निरीक्षक, एक हेड कांस्टेबल व एक कांस्टेबल को निलंबित किया गया है। कोतवाली में धरना प्रदर्शन करने पर तीन नामजद समेत 150 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
वीरपाल, मंटू के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज
शिकारपुर। शिकारपुर कोतवाली में धरना-प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ गाली गलौज और जान से मारने की धमकी देने के विरोध में भाकियू नेता वीरपाल सिंह और मंटू चौधरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पीड़िता ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें जानकारी हुई कि मंडी समिति शिकारपुर में उनके द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के खिलाफ बांसौटी गांव निवासी वीरपाल किसान यूनियन की एक बैठक कर रहे हैं। वह अपनी पुत्री और देवरानी के साथ अपना पक्ष रखने के लिए मंडी पहुंचे। आरोप है कि वीरपाल ने उनकी देवरानी के साथ गाली गलौज, धक्का-मुक्की करते हुए मारपीट की। थाने के रास्ते में मंटू चौधरी और वीरपाल ने उनके साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी। बताया कि वीरपाल एक पुराना मुकदमा वापस लेने के लिए उन पर दबाव बना रहा था। थाना प्रभारी ने बताया आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।