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देर से पहुंचे 12 अफसरों को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Apr 2016 12:08 AM IST
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भानपुर तहसील में समस्याएं सुनते डीएम और एसपी।
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। तहसील दिवस अधिकारियों के लिए पिकनिक स्पाट बनता जा रहा है। हालत यह है कि फरियादी से अधिक अधिकारी मौजूद रहते हैं। समय से और मौके पर न्याय न मिलने से फरियादियों का तहसील दिवसों के प्रति मोह भंग होता जा रहा है। बुधवार को मौके पर मात्र 11 प्रतिशत फरियादियों को न्याय मिला। बिना किसी सूचना के तहसील दिवस का दिन बदल देने से फरियादी ही नहीं पहुंच पा रहे हैं।
सदर, रूधौली और हर्रैया मे आयोजित तहसील दिवस में फरियादियों से अधिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इन तीनों तहसीलों में मात्र 184 फरियादी ही आए, जिसमें 11 को मौके पर न्याय मिला। रूधौली तहसील में तो 12 अधिकारियों को बिलंब से आने पर तहसील दिवस की अध्यक्षता कर रहे सीडीओ सोबरन सिंह की ओर से नोटिस जारी किया गया।
तहसील दिवस में फरियाद लेकर आने वाले और अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील दिवस विकनिक स्पाट बनता जा रहा है। हर्रैया तहसील दिवस में फरियाद करने आए अधिवक्ता और ग्रामीण दयाराम, उदय प्रताप, रामधनी, सुरेशचंद्र, कन्हैयालाल और रामलोचन सहित अन्य का कहना है कि अधिकारी तहसील दिवस में आते हैं, थोड़ी देर गप्प लगाते हैं, और उसके बाद चाय नाश्ता करके चले जाते हैं, उन्हें इससे कोई सरोकार नहीं रहता है कि फरियादियों को न्याय मिल रहा है कि नहीं?
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शिकायतों का निस्तारण कराने में भी अधिकारी गंभीर नहीं रहते, बस दिशा निर्देश देकर खानापूरी कर दे रहे हैं। कहते हैं कि बिलंब से आवेदनों का निस्तारण करने वाले आज तक एक भी संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्घ कार्रवाई करने का पता नहीं चला, जब अधिक दवाब बनता है तो अधिकारी कार्यालय में बैठकर झूठी और भ्रामक रिपोर्ट लगा देते हैं, मोबाइल से रैंडम जांच करने की व्यवस्था भी मानो अधिकारियों ने समाप्त कर दिया है।
हर्रैया प्रतिनिधि के मुताबिक बिना किसी पूर्व सूचना के तहसील दिवस का दिन बदल देने से फरियादी आए ही नहीं, बताया कि फरियादियों से अधिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। एसडीएम आरबी सिंह की अध्यक्षता में हुए तहसील दिवस कुल 59 आवेदन दर्ज किए गए, जिसमें मौके पर 12 का निस्तारण हुआ। इस मौके पर तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा, सीओ कृष्ण मुरारी, ईओ नगर पंचायत हृदयनंद उपाध्याय सहित अन्य मौजूद रहे।
रूधौली प्रतिनिधि के मुताबिक तहसील दिवस की अध्यक्षता सीडीओ सोबरन सिंह ने किया। यहां पर भी फरियादियों से अधिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। न्याय पंचायत समन्वयक शिक्षा मोहम्मद याकूब जहां अनुपस्थित रहे, वहीं राजकुमार लेखपाल, श्रीकांत गौर चकबंदीकर्त्ता, देवेंद्र प्रताप सिंह पशुधन प्रसार अधिरी, कफिल अहमद जेई लघु सिचांई, मोहम्मद नशीम एसआई वाल्टरगंज, वकील सिंह एसआई रूधौली, लाल बहादुर जेई विद्युत, वीके श्रीवास्तव जेई पीडब्लूडी, गोरखप्रसाद एई नलकूप, जवाहरलाल एई जलनिगम व वीआर पांडेय एडीओ आईएसबी बिलंब से पहुंचे, जिसके चलते सीडीओ ने सभी को नोटिस जारी किया है। इस मौके पर एसडीएम चंद्रशेखर मिश्र, तहसीलदार विनोद सिंह, बीडीओ आरबी चौधरी व बीईओ संतोष कुमार पांडेय सहित अन्य मौजूद रहे।
एडीएम राकेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में तहसील दिवस में भी फरियादी से अधिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। 65 मामले दर्ज किए गए, जिसमें मौके पर मात्र चार का निस्तारण हुआ। इस मौके पर एसडीएम रामप्रसाद, तहसीलदार राम कैलाश सरोज, नायब तहसीलदार अखिलेश सिंह व आलोक वर्मा, गिरिजेश पाल, राजेश मिश्र, पतिराम व जमील अहमद आदि मौजूद रहे।
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सदर, रूधौली और हर्रैया मे आयोजित तहसील दिवस में फरियादियों से अधिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इन तीनों तहसीलों में मात्र 184 फरियादी ही आए, जिसमें 11 को मौके पर न्याय मिला। रूधौली तहसील में तो 12 अधिकारियों को बिलंब से आने पर तहसील दिवस की अध्यक्षता कर रहे सीडीओ सोबरन सिंह की ओर से नोटिस जारी किया गया।
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तहसील दिवस में फरियाद लेकर आने वाले और अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील दिवस विकनिक स्पाट बनता जा रहा है। हर्रैया तहसील दिवस में फरियाद करने आए अधिवक्ता और ग्रामीण दयाराम, उदय प्रताप, रामधनी, सुरेशचंद्र, कन्हैयालाल और रामलोचन सहित अन्य का कहना है कि अधिकारी तहसील दिवस में आते हैं, थोड़ी देर गप्प लगाते हैं, और उसके बाद चाय नाश्ता करके चले जाते हैं, उन्हें इससे कोई सरोकार नहीं रहता है कि फरियादियों को न्याय मिल रहा है कि नहीं?
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शिकायतों का निस्तारण कराने में भी अधिकारी गंभीर नहीं रहते, बस दिशा निर्देश देकर खानापूरी कर दे रहे हैं। कहते हैं कि बिलंब से आवेदनों का निस्तारण करने वाले आज तक एक भी संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्घ कार्रवाई करने का पता नहीं चला, जब अधिक दवाब बनता है तो अधिकारी कार्यालय में बैठकर झूठी और भ्रामक रिपोर्ट लगा देते हैं, मोबाइल से रैंडम जांच करने की व्यवस्था भी मानो अधिकारियों ने समाप्त कर दिया है।
हर्रैया प्रतिनिधि के मुताबिक बिना किसी पूर्व सूचना के तहसील दिवस का दिन बदल देने से फरियादी आए ही नहीं, बताया कि फरियादियों से अधिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। एसडीएम आरबी सिंह की अध्यक्षता में हुए तहसील दिवस कुल 59 आवेदन दर्ज किए गए, जिसमें मौके पर 12 का निस्तारण हुआ। इस मौके पर तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा, सीओ कृष्ण मुरारी, ईओ नगर पंचायत हृदयनंद उपाध्याय सहित अन्य मौजूद रहे।
रूधौली प्रतिनिधि के मुताबिक तहसील दिवस की अध्यक्षता सीडीओ सोबरन सिंह ने किया। यहां पर भी फरियादियों से अधिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। न्याय पंचायत समन्वयक शिक्षा मोहम्मद याकूब जहां अनुपस्थित रहे, वहीं राजकुमार लेखपाल, श्रीकांत गौर चकबंदीकर्त्ता, देवेंद्र प्रताप सिंह पशुधन प्रसार अधिरी, कफिल अहमद जेई लघु सिचांई, मोहम्मद नशीम एसआई वाल्टरगंज, वकील सिंह एसआई रूधौली, लाल बहादुर जेई विद्युत, वीके श्रीवास्तव जेई पीडब्लूडी, गोरखप्रसाद एई नलकूप, जवाहरलाल एई जलनिगम व वीआर पांडेय एडीओ आईएसबी बिलंब से पहुंचे, जिसके चलते सीडीओ ने सभी को नोटिस जारी किया है। इस मौके पर एसडीएम चंद्रशेखर मिश्र, तहसीलदार विनोद सिंह, बीडीओ आरबी चौधरी व बीईओ संतोष कुमार पांडेय सहित अन्य मौजूद रहे।
एडीएम राकेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में तहसील दिवस में भी फरियादी से अधिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। 65 मामले दर्ज किए गए, जिसमें मौके पर मात्र चार का निस्तारण हुआ। इस मौके पर एसडीएम रामप्रसाद, तहसीलदार राम कैलाश सरोज, नायब तहसीलदार अखिलेश सिंह व आलोक वर्मा, गिरिजेश पाल, राजेश मिश्र, पतिराम व जमील अहमद आदि मौजूद रहे।