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एक्सईएन के खिलाफ किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 13 Apr 2016 12:09 AM IST
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ठेकेदार संघर्ष समिति ने सरयू नहर कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
- फोटो : रमेश मिश्र
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बस्ती। ठेकेदार संघर्ष समिति के आह्वान पर ठेकेदारों ने सरयू नहर खण्ड चार के अधिशासी अभियंता पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को सम्बोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपकर मामले के जांच कराने और कार्रवाई की मांग की।
चेतावनी दी कि यदि अधिशासी अभियन्ता तीन दिन के भीतर कार्यालय में न बैठे तो ठेकेदार आन्दोलन करने को बाध्य होंगे। राज्यपाल, सिंचाई मंत्री, प्रमुख सचिव सिंचाई, जिलाधिकारी, मण्डलायुक्त के साथ ही अनेक विभागीय उच्चाधिकारियों को भेजे ज्ञापन में ठेकेदारों ने कहा है कि अधिशासी अभियंता मनमाने ढंग से सरकारी धन का चहेतों में बंदरबांट कर रहे हैं। वे कार्यालय पर न बैठकर होटल, ढाबे और अपने आवास गोरखपुर में विभागीय कार्य निपटाते हैं।
ज्ञापन में ठेकेेदारों ने आरोप लगाया है कि अधिशासी अभियन्ता ने कुलावे के मद का पचास लाख रुपये भुगतान करा दिया। यदि मौके पर जांच हो तो स्पष्ट हो जाएगा कि कुलावे बने ही नही हैं। यही नहीं नहरों के मरम्मत के नाम पर भी बड़े पैमाने पर धन का बंदरबांट हुआ। चहेतों को लाभ पहुंचाने की नियत से चोरी छिपे टेंडर कराकर सरकारी राजस्व को चूना लगाया गया है।
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ज्ञापन सौंपते समय शिवानन्द शुक्ल, देवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अश्विनी श्रीवास्तव विक्की, सूर्यमणि यादव, विपिन सिंह, जगन्नाथ सिंह, वृजेश कुमार द्विवेदी, हर गोविंद द्विवेदी, राजेश मिश्र, दलजीत गुप्त, प्रमोद उपाध्याय, सतीश पांडेय, अमित शुक्ल, सुबोध श्रीवास्तव, कमलेश दूबे, अनिल बरनवाल, पंकज सिंह, जगनरायन मिश्र, अनुनय कुमार दूबे, बब्लू शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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चेतावनी दी कि यदि अधिशासी अभियन्ता तीन दिन के भीतर कार्यालय में न बैठे तो ठेकेदार आन्दोलन करने को बाध्य होंगे। राज्यपाल, सिंचाई मंत्री, प्रमुख सचिव सिंचाई, जिलाधिकारी, मण्डलायुक्त के साथ ही अनेक विभागीय उच्चाधिकारियों को भेजे ज्ञापन में ठेकेदारों ने कहा है कि अधिशासी अभियंता मनमाने ढंग से सरकारी धन का चहेतों में बंदरबांट कर रहे हैं। वे कार्यालय पर न बैठकर होटल, ढाबे और अपने आवास गोरखपुर में विभागीय कार्य निपटाते हैं।
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ज्ञापन में ठेकेेदारों ने आरोप लगाया है कि अधिशासी अभियन्ता ने कुलावे के मद का पचास लाख रुपये भुगतान करा दिया। यदि मौके पर जांच हो तो स्पष्ट हो जाएगा कि कुलावे बने ही नही हैं। यही नहीं नहरों के मरम्मत के नाम पर भी बड़े पैमाने पर धन का बंदरबांट हुआ। चहेतों को लाभ पहुंचाने की नियत से चोरी छिपे टेंडर कराकर सरकारी राजस्व को चूना लगाया गया है।
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ज्ञापन सौंपते समय शिवानन्द शुक्ल, देवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अश्विनी श्रीवास्तव विक्की, सूर्यमणि यादव, विपिन सिंह, जगन्नाथ सिंह, वृजेश कुमार द्विवेदी, हर गोविंद द्विवेदी, राजेश मिश्र, दलजीत गुप्त, प्रमोद उपाध्याय, सतीश पांडेय, अमित शुक्ल, सुबोध श्रीवास्तव, कमलेश दूबे, अनिल बरनवाल, पंकज सिंह, जगनरायन मिश्र, अनुनय कुमार दूबे, बब्लू शुक्ल आदि मौजूद रहे।