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सीएम के आने से पहले हुआ बवाल
basti
Updated Thu, 16 Nov 2017 11:37 PM IST
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अपराध्ा
- फोटो : amar ujala
बस्ती।
मुख्यमंत्री के आने से पहले पुलिस और भाजपा नेता प्रमोद पांडेय के बीच पास को लेकर जमकर बहस हुई। पास जारी होने के बाद नहीं जाने पर प्रमोद और एएसपी के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। भाजपा नेता का कहना है कि पुलिस ने उन्हें अपमानित किया। इसकी शिकायत सीएम और प्रदेश अध्यक्ष से की गई है।
भाजपा नेता प्रमोद पांडेय ने विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया है कि उन्हें जानबूझकर अपमानित किया गया और यह सब कुछ प्रशासन की शह पर हुआ। कहा कि पास जारी होने के बाद भी उनका नाम सूची से काट दिया गया, इससे पता चलता है कि उनके साथ साजिश की गई। प्रमोद ने आरोप लगाया कि समय समय पर भ्रष्टाचार और अनियमितता के खिलाफ आवाज उठाने पर किया गया है। बताया कि जब अंदर जाने के लिए पास ले कर गए तो एएसपी ने यह कहते हुए उन्हें नहीं जाने दिया कि सूची में नाम नहीं है। इसकी जानकारी उन्होंने सीएम और प्रदेश अध्यक्ष को देते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इस बाबत डीएम अरविंद कुमार सिंह का कहना है कि पास वाली जो सूची बनी थी, उसमें प्रमोद पांडेय का नाम शामिल था। सूची की चर्चा हुई तो भाजपा पदाधिकारियों की सहमति से नाम हटाया गया। बताया कि जिलाध्यक्ष और एसपी से पास जारी करने की वार्ता हुई तो एसपी के कहने पर एडीएम से पास जारी करवा दिया। जिस सूची में प्रमोद का नाम काटा गया था, वह सूची एएसपी के पास थी। नया पास जारी होने की जानकारी उन्हें नहीं थी।
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मुख्यमंत्री के आने से पहले पुलिस और भाजपा नेता प्रमोद पांडेय के बीच पास को लेकर जमकर बहस हुई। पास जारी होने के बाद नहीं जाने पर प्रमोद और एएसपी के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। भाजपा नेता का कहना है कि पुलिस ने उन्हें अपमानित किया। इसकी शिकायत सीएम और प्रदेश अध्यक्ष से की गई है।
भाजपा नेता प्रमोद पांडेय ने विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया है कि उन्हें जानबूझकर अपमानित किया गया और यह सब कुछ प्रशासन की शह पर हुआ। कहा कि पास जारी होने के बाद भी उनका नाम सूची से काट दिया गया, इससे पता चलता है कि उनके साथ साजिश की गई। प्रमोद ने आरोप लगाया कि समय समय पर भ्रष्टाचार और अनियमितता के खिलाफ आवाज उठाने पर किया गया है। बताया कि जब अंदर जाने के लिए पास ले कर गए तो एएसपी ने यह कहते हुए उन्हें नहीं जाने दिया कि सूची में नाम नहीं है। इसकी जानकारी उन्होंने सीएम और प्रदेश अध्यक्ष को देते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इस बाबत डीएम अरविंद कुमार सिंह का कहना है कि पास वाली जो सूची बनी थी, उसमें प्रमोद पांडेय का नाम शामिल था। सूची की चर्चा हुई तो भाजपा पदाधिकारियों की सहमति से नाम हटाया गया। बताया कि जिलाध्यक्ष और एसपी से पास जारी करने की वार्ता हुई तो एसपी के कहने पर एडीएम से पास जारी करवा दिया। जिस सूची में प्रमोद का नाम काटा गया था, वह सूची एएसपी के पास थी। नया पास जारी होने की जानकारी उन्हें नहीं थी।
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