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गैर इरादतन हत्या में महिला को सात वर्ष कैद
basti
Updated Wed, 06 Dec 2017 11:51 PM IST
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crime scene
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गैर इरादतन हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश हर्ष अग्रवाल ने एक महिला को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसी मामले में दो अन्य को मारपीट के जुर्म में दोषी मानते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास से दंडित किया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राम अनुज भाष्कर ने अदालत में घटना का विवरण रखा। कहा कि सोनहा थाना क्षेत्र के सिसिरगांवा बैकुंठवा निवासिनी मथुरा पत्नी रामअजोर ने थाने पर शिकायत दर्ज कराई कि 22 जुलाई 2014 को सायं छह बजे गांव के लक्ष्मन, लोधई, राजदेव व किस्मता ने खेत का मेड़ काट दिया। इसकी शिकायत से नाराज उक्त लोगों ने लात मुक्कों से मारा पीटा। किस्मता ने मथुरा के पति रामअंजोर को पकड़ कर खींच लिया था, जिससे चोट लगी और वे बेहोश हो गए। बाद में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। अदालत ने किस्मता को रामअजोर की मौत का जिम्मेदार मानते हुए गैर इरादतन हत्या में दोषी करार दिया और सात वर्ष की सजा सुनाई। एक आरोपी लोधई की मुकदमे के दौरान मौत हो गई जबकि अदालत ने लक्ष्मण और राजदेव को मारपीट के आरोप में दोषी माना और सजा सुनाई।
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गैर इरादतन हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश हर्ष अग्रवाल ने एक महिला को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसी मामले में दो अन्य को मारपीट के जुर्म में दोषी मानते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास से दंडित किया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राम अनुज भाष्कर ने अदालत में घटना का विवरण रखा। कहा कि सोनहा थाना क्षेत्र के सिसिरगांवा बैकुंठवा निवासिनी मथुरा पत्नी रामअजोर ने थाने पर शिकायत दर्ज कराई कि 22 जुलाई 2014 को सायं छह बजे गांव के लक्ष्मन, लोधई, राजदेव व किस्मता ने खेत का मेड़ काट दिया। इसकी शिकायत से नाराज उक्त लोगों ने लात मुक्कों से मारा पीटा। किस्मता ने मथुरा के पति रामअंजोर को पकड़ कर खींच लिया था, जिससे चोट लगी और वे बेहोश हो गए। बाद में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। अदालत ने किस्मता को रामअजोर की मौत का जिम्मेदार मानते हुए गैर इरादतन हत्या में दोषी करार दिया और सात वर्ष की सजा सुनाई। एक आरोपी लोधई की मुकदमे के दौरान मौत हो गई जबकि अदालत ने लक्ष्मण और राजदेव को मारपीट के आरोप में दोषी माना और सजा सुनाई।
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