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सैनिक के खाते से उड़ाए 36 हजार रुपये

Mon, 20 May 2019 12:20 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 20 May 2019 12:20 AM IST
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सैनिक के खाते से उड़ाए 36 हजार रुपये
सैनिक के खाते से उड़ाए 36 हजार रुपये
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मोबाइल कॉल के जाल में फंसकर हैकर ने पूछ लिया कोड
नगर थाने में दर्ज हुआ मुकदमा, सर्विलांस सेल सक्रिय
अमर उजाला ब्यूरो
नगर बाजार (बस्ती)। भारतीय थल सेना में तैनात क्षेत्र के बकैनिया द्वीप निवासी राम विलास पांडेय को हैकरों ने चार कम चालीस हजार (39 हजार 996 रुपये) की चपत लगा दी। तमाम चेतावनियों के बावजूद ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों ने फोन कॉल के जरिए सैनिक को उलझा दिया। रविवार को थाने में तहरीर दी। एसओ अनिल कुमार ने बताया कि आईटी एक्ट एवं धोखाधड़ी के तहत मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश की जा रही है। सर्विलांस सेल को प्रकरण संदर्भित किया गया है।
सेल प्रभारी पंकज पांडेय ने बताया कि हैकरों ने एटीएम का कोड नंबर पूछ लिया। इसके बाद ई-शॅापिंग के जरिए 39 हजार 996 रुपये निकाल लेने की बात सामने आ रही है। मोबाइल नंबर के आधार पर हैकर को ट्रेस किया जा रहा है। राम बिलास ने तहरीर में कहा है कि उनके अकाउंट से लिंक मोबाइल नंबर पर एक कॉल आई। बात करने वाले ने एटीएम नवीनीकरण करने का ऑफर दिया। सैनिक का कहना है कि उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं हुआ कि बात करने वाला बैंक अधिकारी नहीं है। उसके लहजे पर यकीन करके चार अंक का कोड बता दिया। कुछ ही देर में मोबाइल पर मैसेज आया कि अकाउंट से 39 हजार 996 रुपये निकाल लिए गए।
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कॉल के जाल में फंसे तो गए
आईजी आशुतोष कुमार कहते हैं कि कॉल करने वाले को एटीएम का कोड नहीं बताना है, यह बताते हुए तीन साल से ज्यादा समय हो गया। सभी समाचार माध्यमों के अलावा बैंक-वित्तीय संस्थानों के अलावा सरकारी तौर पर पुलिस इसे लेकर बार-बार एडवाइजरी जारी कर चुकी है। अखबार के पन्नों में रोजाना ऐसी कई रिपोर्ट प्रकाशित होने के बावजूद खातेदार अब तक सजग नहीं हुए। अपनी पसीने की कमाई को लेकर लापरवाही न केवल उनके खुद के लिए बल्कि पुलिस के लिए परेशानी का का कारण बना हुआ है।
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बैंक अधिकारी बोले
बैंक अधिकारी राघवेंद्र पांडेय के अनुसार बैंक कभी भी खातेदार को फोन करके एटीएम आदि के बारे में बातचीत नहीं करता। इस तरह की कॉल जब भी आए, लोगों को नजरअंदाज करना चाहिए। अगर असमंजस रहे तो संबंधित बैंक प्रतिष्ठान के टोल फ्री नंबर पर जानकारी ली जा सकती है। ऑनलाइन शापिंग करना हो या खुद ही कुछ भी ट्रांजेक्शन करना हो तो ओटीपी इस्तेमाल करना सुरक्षित होता है।
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