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थान्हा खास के प्रधान व पुत्रों पर जलाकर हत्या करने का आरोप--
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प्रधान व पुत्रों पर अधेड़ की हत्या करने का आरोप
मुकदमा दर्ज कराने के लिए शव लेकर थाने पहुंचे परिजन
अमर उजाला ब्यूरो
हर्रैया। थान्हा खास गांव में सोते समय झोपड़ी में झुलसे अधेेड़ की शुक्रवार को मौत हो गई। शनिवार को ग्राम प्रधान और उनके बेटों पर जलाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए परिजन शव लेकर थाने पहुंच गए। परिजनों ने प्रधान व उनके बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने तक थाने में डटे रहने की चेतावनी दी। ग्रामीणों व परिजनों का रुख देख पुलिस को विवश होना पड़ा। पुलिस ने काफी देर बाद जब आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया, तब परिजन शव लेकर अंत्येष्टि के लिए गए।
बुधवार की रात को झोपड़ी में अज्ञात कारणों से लगी आग में 55 वर्षीय बुद्धू झुलस गए थे। परिवार के लोग आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया लेकर पहुंचे। जहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार के लोग अयोध्या जिला अस्पताल ले गए। जहां इलाज के दौरान शुक्रवार को बुद्धू की मौत हो गई। परिजन शव लेकर घर पहुंचे। पत्नी सुशीला देवी और परिजन रहस्यमय ढंग से झोपड़ी जलने और बुद्धू के झुलसने पर आशंका जताई और आरोप लगाया कि उनकी हत्या की गई है। शनिवार को सुबह करीब 10 बजे शव को आटो में रखकर गांव के लोगों के साथ परिजन थाने पहुंच गए। ग्राम प्रधान व उनके दो पुत्रों पर बुद्धू का हाथ पैर बांधकर झोपड़ी में आग लगाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी। घंटों बाद भी जब मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो परिजन व ग्रामीण वहीं डटे रहे। लोगों ने पुलिस पर हीलाहवाली करने का आरोप लगाया। सूचना पाकर पहुंचे सीओ राहुल पांडेय ने समझा बुझाकर अंतिम संस्कार कराने का सुझाव दिया, मगर लोग नहीं माने। मामला गंभीर होते देख पुलिस को आखिरकार मुकदमा दर्ज करना पड़ा। शनिवार को बुद्धू की पत्नी सुशीला देवी की तहरीर पर ग्राम प्रधान दयाराम, उनके दो बेटे पिंटू और गोरख के अलावा दो बहुओं रेखा व हेमा के खिलाफ आगजनी व हत्या का केस दर्ज किया गया है। केस दर्ज होने के बाद ग्रामीणों के साथ परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए चले गए।
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मुकदमा दर्ज कराने के लिए शव लेकर थाने पहुंचे परिजन
अमर उजाला ब्यूरो
हर्रैया। थान्हा खास गांव में सोते समय झोपड़ी में झुलसे अधेेड़ की शुक्रवार को मौत हो गई। शनिवार को ग्राम प्रधान और उनके बेटों पर जलाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए परिजन शव लेकर थाने पहुंच गए। परिजनों ने प्रधान व उनके बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने तक थाने में डटे रहने की चेतावनी दी। ग्रामीणों व परिजनों का रुख देख पुलिस को विवश होना पड़ा। पुलिस ने काफी देर बाद जब आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया, तब परिजन शव लेकर अंत्येष्टि के लिए गए।
बुधवार की रात को झोपड़ी में अज्ञात कारणों से लगी आग में 55 वर्षीय बुद्धू झुलस गए थे। परिवार के लोग आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया लेकर पहुंचे। जहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार के लोग अयोध्या जिला अस्पताल ले गए। जहां इलाज के दौरान शुक्रवार को बुद्धू की मौत हो गई। परिजन शव लेकर घर पहुंचे। पत्नी सुशीला देवी और परिजन रहस्यमय ढंग से झोपड़ी जलने और बुद्धू के झुलसने पर आशंका जताई और आरोप लगाया कि उनकी हत्या की गई है। शनिवार को सुबह करीब 10 बजे शव को आटो में रखकर गांव के लोगों के साथ परिजन थाने पहुंच गए। ग्राम प्रधान व उनके दो पुत्रों पर बुद्धू का हाथ पैर बांधकर झोपड़ी में आग लगाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी। घंटों बाद भी जब मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो परिजन व ग्रामीण वहीं डटे रहे। लोगों ने पुलिस पर हीलाहवाली करने का आरोप लगाया। सूचना पाकर पहुंचे सीओ राहुल पांडेय ने समझा बुझाकर अंतिम संस्कार कराने का सुझाव दिया, मगर लोग नहीं माने। मामला गंभीर होते देख पुलिस को आखिरकार मुकदमा दर्ज करना पड़ा। शनिवार को बुद्धू की पत्नी सुशीला देवी की तहरीर पर ग्राम प्रधान दयाराम, उनके दो बेटे पिंटू और गोरख के अलावा दो बहुओं रेखा व हेमा के खिलाफ आगजनी व हत्या का केस दर्ज किया गया है। केस दर्ज होने के बाद ग्रामीणों के साथ परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए चले गए।
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