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खास खबर... साइबर फ्राडियों का बोलबाला,मैनेजर तक फंसे

Thu, 20 Jul 2017 11:27 PM IST
Updated Thu, 20 Jul 2017 11:27 PM IST
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खास खबर... साइबर फ्राडियों का बोलबाला,मैनेजर तक फंसे
बस्ती। ऑनलाइन फ्रॉड होने पर बैंक व पुलिस अधिकारी खातेदार को कोसते नहीं थकते। मगर साइबर ठगों के चक्कर में पड़े तो होश ठिकाने आया। पुरानी बस्ती स्थित पीएनबी की सांऊघाट शाखा की प्रबंधक सुजाता गौड़ केे खाते सेे 45 हजार रुपये उड़ा दिया गए। मैनेजर ने पुरानी बस्ती थाने में तहरीर दी तो मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की गई।
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एसओ पुरानी बस्ती सुधीर कुमार सिंह के अनुसार मैनेजर के खाते से ऑनलाइन ट्रांजक्शन करके 45 हजार रुपये निकाल लिए गए। इसी हफ्ते सियरापार के गिरिजेश को भी जालसाजों ने शिकार बनाया। उनके खाते से 25 हजार रुपये की ऑनलाइन शापिंग कर ली गई। इसमें कोतवाली में आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
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पुलिस के अनुसार इस केस में एकाउंट हैकरों ने रुपये उड़ाने के लिए ‘विशिंग अटैक’ का इस्तेमाल किया। गिरजेश कुमार का कहना है कि एटीएम लॉक करने को कहकर एक व्यक्ति ने डिटेल पूछा। खुद को बैंक का अधिकारी बताने वाले शख्स ने जितनी जानकारी मांगी, वह बताते चले गए। जब बैंक जाकर एकाउंट चेक किया तो हैरान रह गए। पता चला कि उनके खाते से ऑनलाइन खरीदारी कर ली गई। मगर किस आईडी से, किस शहर के काउंटर पर रकम खर्च हुई, इसकी जानकारी अभी नहीं हो सकी। एसपी संकल्प शर्मा का कहना है कि फोन पर किसी को भी गोपनीय जानकारी साझा करने से खतरा रहता है। इसलिए सावधानी आवश्यक है।
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विशेषज्ञ दे रहे विशिंग अटैक की संज्ञा
सूचना तकनीकि विशेषज्ञों ने नए तरह के फ्राड को ‘विशिंग अटैक’ का नाम दिया है। जिसमें कंप्यूटर, लैपटॉप और ईमेल के जरिए फ्राड करने के बजाय मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं। आईटी विशेषज्ञ डा. राकेश सिंह के अनुसार विशिंग अटैक करने वाला हैकर बैंक के नेटवर्क या सोशल मीडिया की प्रोफाइल में सेंध लगाकर निजी जानकारी जुटा लेते हैं।


अमर उजाला में पढ़ा था, इसलिए बच गया
मंझरिया रंजीत निवासी राहुल की मोबाइल पर मंगलवार को कॉल आई। उसने एटीएम बंद होने को कहकर एकाउंट का डिटेल मांगने लगा। एक गैर सरकारी दफ्तर में काम करने वाले राहुल का कहना है कि कई बार ‘अमर उजाला’ में छपी रिपोर्ट पढ़कर जानकारी थी कि बैंक वाले कभी फोन पर कोई गोपनीय डिटेल नहीं पूछते। इसलिए उसने कोई जानकारी नहीं दी। बाद में जब 9631870174 नंबर की आईडी चेक की गई तो उस पर बीरेंद्र मंडल का नाम आया। जिसकी लोकेशन बिहार दिखा रहा था।
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