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सरस्वती विद्यालय के खाते से 51 लाख गोलमाल
Mon, 17 Dec 2018 11:38 PM IST
राकेश पांडेय
basti
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Mon, 17 Dec 2018 11:38 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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बस्ती। शहर के रामबाग स्थित सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के बैंक खाते से 50 लाख 80 हजार रुपये के गोलमाल का मामला सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि उक्त एकाउंट से जो मोबाइल नंबर अटैच किया गया था, उसका सिम घटना के एक दिन पहले रिप्लेस कराया गया, जो प्रबंधक सरस्वती शिक्षा परिषद के नाम से लिया गया है। प्रबंधक अभय कुमार पाल की तहरीर पर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
बकौल प्रबंधक विद्यालय के स्टाफ का वेतन आदि भुगतान एवं अन्य मद की रकम रखने के लिए विद्यालय का बैंक ऑफ इंडिया शाखा में खाता है। सोमवार को विद्यालय के कार्यालय प्रभारी ने ब्रांच में जाकर पासबुक प्रिंट कराया तो पता चला कि 11 दिसंबर को अलग-अलग आठ बार में 50 लाख 80 हजार रुपये निकासी कर ली गई है। पहली और सातवीं, आठवीं बार नौ लाख 50 हजार के हिसाब से 28 लाख 50 हजार, दूसरी बार आठ लाख पचास हजार, पांच लाख, एक लाख 90 हजार, चार लाख 50 हजार ड्रॉ हुआ। डिटेल में सेल्फ निकासी शो होने से मामला संदिग्ध हो गया है। तहरीर में कहा गया है कि उक्त अकाउंट ऑपरेट करने के लिए विद्यालय का पोस्टपेड मोबाइल नंबर 8004928328 एक्टीवेट है, जो कि प्रबंधक सरस्वती शिक्षा परिषद के नाम से लिया गया है। प्रबंधक अभय कुमार पाल के अनुसार घटना के एक दिन पहले यानी 10 दिसंबर को उक्त नंबर पर नेटवर्क नहीं आ रहा था। इसके कस्टमर केयर पर जानकारी लेने पर बीएसएनएल से जवाब मिला कि उक्त नंबर ब्लॉक करवाकर किसी ने दूसरा सिम प्राप्त कर लिया है। इसके बाद यह फ्रॉड किया गया। एएसपी पंकज का कहना है कि इतनी बड़ी रकम के हेरफेर की जल्द छानबीन कर ली जाएगी।
सिपाही से जालसाजी कर उड़ाए डेढ़ लाख रुपये, गिरफ्तार
महराजगंज। अपराधियों को सबक सिखाने वाले भी जालसाजों के शिकार हो जाते हैं। ऐसे ही एक मामले में सिपाही खुद जालसाजी का शिकार हो गया है। बैंक में कार्यरत प्राइवेट कर्मचारी ने मदद के नाम पर सिपाही का एटीएम कार्ड बदल लिया। पकड़े जाने तक डेढ़ लाख रुपये निकाल चुका है। पुलिस ने कड़ाई की तो एटीएम कार्ड वापस कर दिया।
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हर्रैया थाना क्षेत्र के कोदई गांव के अजय वर्मा पीएसी में कांस्टेबल हैं। अजय ने अपने पिता शिवपूजन वर्मा और माता शांति देवी के नाम से संयुक्त खाता भारतीय स्टेट बैंक की शाखा महराजगंज में खोला है। अजय वर्मा के मुताबिक 20 नवंबर को वह अपने छोटे भाई के खाते में 40 हजार रुपये ट्रांसफर करने के लिए माताजी को लेकर एसबीआई महराजगंज पहुंचे। उन्होंने एटीएम कार्ड से रकम ट्रांसफर करने के लिए बैंक मैनेजर से आग्रह किया। मैनेजर ने बैंक के प्राइवेट कर्मी से एटीएम कार्ड स्वाइप करके ट्रांसफर करने को कहा। 40 हजार रुपये ट्रांसफर करने के बाद प्राइवेट कर्मी ने एटीएम कार्ड बदल लिया। अजय बिना एटीएम कार्ड देखे ही दूसरा एटीएम कार्ड लेकर घर चले गए। इसके बाद प्राइवेट बैंक कर्मी ने एटीएम कार्ड से डेढ़ लाख रुपये निकाल लिए। 16 दिसंबर की रात में घर वाले नंबर के मोबाइल पर मैसेज आया तो पत्नी ने अकाउंट से रुपये निकालने की बात पूछी। अजय सुबह महराजगंज एसबीआई पहुंचे। उसी प्राइवेट बैंक कर्मी से पूछताछ की जिसने रुपये ट्रांसफर करने में सहयोग किया था। इनकार करने के बाद जब कड़ाई से पूछताछ शुरू हुई तो एटीएम कार्ड बदल लेने की बात कबूली। सिपाही अजय ने सूचना कप्तानगंज पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस आरोपी को पकड़कर थाने ले आई। पूछताछ के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो कप्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करा दिया। स्वास्थ्य में सुधार के बाद बैंक हर्रैया थाना क्षेत्र में पड़ने के कारण आरोपी को हर्रैया पुलिस के हवाले कर दिया है। इस बाबत हर्रैया के प्रभारी निरीक्षक कपिलमुनि ने बताया कि मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। महराजगंज एसबीआई के मैनेजर राकेश कुमार ने बताया कि मामले बताया कि मामला संज्ञान में है। पीड़ित सिपाही का एटीएम कार्ड और रकम वापस दे दी गई है। सम्भवत: दोनों लोगों ने सुलह भी कर ली है।
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बकौल प्रबंधक विद्यालय के स्टाफ का वेतन आदि भुगतान एवं अन्य मद की रकम रखने के लिए विद्यालय का बैंक ऑफ इंडिया शाखा में खाता है। सोमवार को विद्यालय के कार्यालय प्रभारी ने ब्रांच में जाकर पासबुक प्रिंट कराया तो पता चला कि 11 दिसंबर को अलग-अलग आठ बार में 50 लाख 80 हजार रुपये निकासी कर ली गई है। पहली और सातवीं, आठवीं बार नौ लाख 50 हजार के हिसाब से 28 लाख 50 हजार, दूसरी बार आठ लाख पचास हजार, पांच लाख, एक लाख 90 हजार, चार लाख 50 हजार ड्रॉ हुआ। डिटेल में सेल्फ निकासी शो होने से मामला संदिग्ध हो गया है। तहरीर में कहा गया है कि उक्त अकाउंट ऑपरेट करने के लिए विद्यालय का पोस्टपेड मोबाइल नंबर 8004928328 एक्टीवेट है, जो कि प्रबंधक सरस्वती शिक्षा परिषद के नाम से लिया गया है। प्रबंधक अभय कुमार पाल के अनुसार घटना के एक दिन पहले यानी 10 दिसंबर को उक्त नंबर पर नेटवर्क नहीं आ रहा था। इसके कस्टमर केयर पर जानकारी लेने पर बीएसएनएल से जवाब मिला कि उक्त नंबर ब्लॉक करवाकर किसी ने दूसरा सिम प्राप्त कर लिया है। इसके बाद यह फ्रॉड किया गया। एएसपी पंकज का कहना है कि इतनी बड़ी रकम के हेरफेर की जल्द छानबीन कर ली जाएगी।
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सिपाही से जालसाजी कर उड़ाए डेढ़ लाख रुपये, गिरफ्तार
महराजगंज। अपराधियों को सबक सिखाने वाले भी जालसाजों के शिकार हो जाते हैं। ऐसे ही एक मामले में सिपाही खुद जालसाजी का शिकार हो गया है। बैंक में कार्यरत प्राइवेट कर्मचारी ने मदद के नाम पर सिपाही का एटीएम कार्ड बदल लिया। पकड़े जाने तक डेढ़ लाख रुपये निकाल चुका है। पुलिस ने कड़ाई की तो एटीएम कार्ड वापस कर दिया।
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हर्रैया थाना क्षेत्र के कोदई गांव के अजय वर्मा पीएसी में कांस्टेबल हैं। अजय ने अपने पिता शिवपूजन वर्मा और माता शांति देवी के नाम से संयुक्त खाता भारतीय स्टेट बैंक की शाखा महराजगंज में खोला है। अजय वर्मा के मुताबिक 20 नवंबर को वह अपने छोटे भाई के खाते में 40 हजार रुपये ट्रांसफर करने के लिए माताजी को लेकर एसबीआई महराजगंज पहुंचे। उन्होंने एटीएम कार्ड से रकम ट्रांसफर करने के लिए बैंक मैनेजर से आग्रह किया। मैनेजर ने बैंक के प्राइवेट कर्मी से एटीएम कार्ड स्वाइप करके ट्रांसफर करने को कहा। 40 हजार रुपये ट्रांसफर करने के बाद प्राइवेट कर्मी ने एटीएम कार्ड बदल लिया। अजय बिना एटीएम कार्ड देखे ही दूसरा एटीएम कार्ड लेकर घर चले गए। इसके बाद प्राइवेट बैंक कर्मी ने एटीएम कार्ड से डेढ़ लाख रुपये निकाल लिए। 16 दिसंबर की रात में घर वाले नंबर के मोबाइल पर मैसेज आया तो पत्नी ने अकाउंट से रुपये निकालने की बात पूछी। अजय सुबह महराजगंज एसबीआई पहुंचे। उसी प्राइवेट बैंक कर्मी से पूछताछ की जिसने रुपये ट्रांसफर करने में सहयोग किया था। इनकार करने के बाद जब कड़ाई से पूछताछ शुरू हुई तो एटीएम कार्ड बदल लेने की बात कबूली। सिपाही अजय ने सूचना कप्तानगंज पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस आरोपी को पकड़कर थाने ले आई। पूछताछ के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो कप्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करा दिया। स्वास्थ्य में सुधार के बाद बैंक हर्रैया थाना क्षेत्र में पड़ने के कारण आरोपी को हर्रैया पुलिस के हवाले कर दिया है। इस बाबत हर्रैया के प्रभारी निरीक्षक कपिलमुनि ने बताया कि मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। महराजगंज एसबीआई के मैनेजर राकेश कुमार ने बताया कि मामले बताया कि मामला संज्ञान में है। पीड़ित सिपाही का एटीएम कार्ड और रकम वापस दे दी गई है। सम्भवत: दोनों लोगों ने सुलह भी कर ली है।