{"_id":"5cbcb7b3bdec2214107d2915","slug":"31555871667-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दबंग बेफिक्र, सीधे साधे लोगों को किया जा रहा पाबंद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
दबंग बेफिक्र, सीधे साधे लोगों को किया जा रहा पाबंद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दबंग आजाद, सीधे साधे लोगों को किया जा रहा पाबंद
जिले के साढ़े 16 हजार लोगों पर हो चुकी है कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। महादेवा विधानसभा क्षेत्र निवासी सत्येंद्र बहादुर सिंह का बूथ अतिसंवेदनशील श्रेणी का है। जिसके कारण गांव के ज्यादातर घरों के युवा सदस्यों पर 107/16 की कार्रवाई की जा चुकी है जबकि पूर्व में हुए पंचायत, विधानसभा और लोकसभा चुनावों में इस बूथ पर कभी न तो बवाल हुआ और न ही संबंधित लोगों के खिलाफ कोई आपराधिक मामला ही दर्ज है। अब वह लोग कचहरी में जमानत कराने में उलझे हैं।
लालगंज थाने के रखैना, निरंजनपुर-डेवाडीहा गांव के भी तमाम लोगों पर भी इसी तरह की कार्रवाई की शिकायतें हैं। लोगों के मुताबिक संवेदनशील, अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता कम करने के लिए बिना जांच पड़ताल किए मनमाने ढंग से कार्रवाई की शिकायतें आ रही हैं। सीधे सादे लोग पाबंद हो रहे हैं और दबंग छवि वाले कार्रवाई के दायरे से बाहर हैं और बेफिक्र होकर घूम रहे हैं।
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पुलिस निरुद्ध करने की कार्रवाई कर रही है। नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने तक 16 हजार से ज्यादा लोगों पर कार्रवाई की जा चुकी है। जिले के सभी 16 थानों में बीटवार आंकड़े जुटाकर जाब्ता फौजदारी, शांतिभंग की आशंका, निषेधाज्ञा के अलावा आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हिस्ट्रीशीटरों पर गुंडा एक्ट, गैंगेस्टर की कार्रवाई की जाती रही। कार्रवाई के उद्देश्य संबंधित बूथ से जुड़े बाहुबलियों पर शिकंजा कसकर शांति व्यवस्था बनाए रखने का है ताकि आम मतदाता निर्भय होकर मतदान कर सके। लोगों में कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ेगा। मगर गलत एवं बिना पुष्टि के की गई कार्रवाई के कारण न पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने लगे हैं।
विज्ञापन
इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ राजशेखर का कहना है कि पुलिस को पिछले रिकार्ड व आंकड़ों के आधार पर संबंधित की छवि को देखते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी ऐसे व्यक्ति जिसकी छवि अच्छी हो, उसके साथ सम्मानपूर्वक आचरण किया जाना चाहिए। यदि जल्दबाजी में किसी पर कार्रवाई कर दी गई है, तो उसकी समीक्षा कराई जाएगी। पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार का कहना कि पाबंद करने की कार्रवाई पिछले रिकार्ड के आधार पर की जाती हैं। किसी व्यक्ति विशेष के मामले में अगर ऐसी कार्रवाई हो गई हो तो वह व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर शिकायत कर सकता है। सम्यक जांच के बाद यथोचित कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जिले के साढ़े 16 हजार लोगों पर हो चुकी है कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। महादेवा विधानसभा क्षेत्र निवासी सत्येंद्र बहादुर सिंह का बूथ अतिसंवेदनशील श्रेणी का है। जिसके कारण गांव के ज्यादातर घरों के युवा सदस्यों पर 107/16 की कार्रवाई की जा चुकी है जबकि पूर्व में हुए पंचायत, विधानसभा और लोकसभा चुनावों में इस बूथ पर कभी न तो बवाल हुआ और न ही संबंधित लोगों के खिलाफ कोई आपराधिक मामला ही दर्ज है। अब वह लोग कचहरी में जमानत कराने में उलझे हैं।
लालगंज थाने के रखैना, निरंजनपुर-डेवाडीहा गांव के भी तमाम लोगों पर भी इसी तरह की कार्रवाई की शिकायतें हैं। लोगों के मुताबिक संवेदनशील, अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता कम करने के लिए बिना जांच पड़ताल किए मनमाने ढंग से कार्रवाई की शिकायतें आ रही हैं। सीधे सादे लोग पाबंद हो रहे हैं और दबंग छवि वाले कार्रवाई के दायरे से बाहर हैं और बेफिक्र होकर घूम रहे हैं।
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पुलिस निरुद्ध करने की कार्रवाई कर रही है। नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने तक 16 हजार से ज्यादा लोगों पर कार्रवाई की जा चुकी है। जिले के सभी 16 थानों में बीटवार आंकड़े जुटाकर जाब्ता फौजदारी, शांतिभंग की आशंका, निषेधाज्ञा के अलावा आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हिस्ट्रीशीटरों पर गुंडा एक्ट, गैंगेस्टर की कार्रवाई की जाती रही। कार्रवाई के उद्देश्य संबंधित बूथ से जुड़े बाहुबलियों पर शिकंजा कसकर शांति व्यवस्था बनाए रखने का है ताकि आम मतदाता निर्भय होकर मतदान कर सके। लोगों में कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ेगा। मगर गलत एवं बिना पुष्टि के की गई कार्रवाई के कारण न पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने लगे हैं।
विज्ञापन
इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ राजशेखर का कहना है कि पुलिस को पिछले रिकार्ड व आंकड़ों के आधार पर संबंधित की छवि को देखते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी ऐसे व्यक्ति जिसकी छवि अच्छी हो, उसके साथ सम्मानपूर्वक आचरण किया जाना चाहिए। यदि जल्दबाजी में किसी पर कार्रवाई कर दी गई है, तो उसकी समीक्षा कराई जाएगी। पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार का कहना कि पाबंद करने की कार्रवाई पिछले रिकार्ड के आधार पर की जाती हैं। किसी व्यक्ति विशेष के मामले में अगर ऐसी कार्रवाई हो गई हो तो वह व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर शिकायत कर सकता है। सम्यक जांच के बाद यथोचित कार्रवाई की जाएगी।