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आरोपी पति को पांच वर्ष की सजा
Updated Thu, 27 Sep 2018 12:22 AM IST
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आरोपी पति को पांच वर्ष की सजा
पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। एडीजे प्रथम मदन लाल निगम ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी पति को पांच वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर कोर्ट ने पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है, जिसे न अदा करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसी मामले के आरोपी सास व ससुर को कोर्ट ने दोषमुक्त करार दिया।
शासकीय अधिवक्ता राघवेश प्रसाद पांडेय ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि मुकदमा के वादी रामकिशोर ने एसओ गौर को 25 फरवरी 2007 को तहरीर दी कि उसने अपनी बेटी सीमा की शादी गौर थाना क्षेत्र के सेहरिया निवासी गप्पू से की थी। आठ मार्च 2006 को गौना दिया। 24 फरवरी 2007 को उसकी बेटी सीमा ने फोन पर बताया कि ससुराली उसे मारपीट रहे हैं। दूसरे दिन सुबह एक व्यक्ति ने फोन किया कि उनकी बेटी की मौत हो गई है। रिपोर्ट के आधार पर पति गप्पू, ससुर गेल्हई व सास धनपता के खिलाफ मुकदमा दर्ज होकर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हुआ। अभियोजन की ओर से वादी सहित छह गवाहों के बयान हुए। बचाव पक्ष ने झूठा फंसाए जाने की दलील दी। गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने गप्पू को पांच वर्ष की सजा सुनाई।
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पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। एडीजे प्रथम मदन लाल निगम ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी पति को पांच वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर कोर्ट ने पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है, जिसे न अदा करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसी मामले के आरोपी सास व ससुर को कोर्ट ने दोषमुक्त करार दिया।
शासकीय अधिवक्ता राघवेश प्रसाद पांडेय ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि मुकदमा के वादी रामकिशोर ने एसओ गौर को 25 फरवरी 2007 को तहरीर दी कि उसने अपनी बेटी सीमा की शादी गौर थाना क्षेत्र के सेहरिया निवासी गप्पू से की थी। आठ मार्च 2006 को गौना दिया। 24 फरवरी 2007 को उसकी बेटी सीमा ने फोन पर बताया कि ससुराली उसे मारपीट रहे हैं। दूसरे दिन सुबह एक व्यक्ति ने फोन किया कि उनकी बेटी की मौत हो गई है। रिपोर्ट के आधार पर पति गप्पू, ससुर गेल्हई व सास धनपता के खिलाफ मुकदमा दर्ज होकर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हुआ। अभियोजन की ओर से वादी सहित छह गवाहों के बयान हुए। बचाव पक्ष ने झूठा फंसाए जाने की दलील दी। गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने गप्पू को पांच वर्ष की सजा सुनाई।
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