{"_id":"5b995d88867a557eb16758c8","slug":"2-biswa-land-of-nagarpalika-is-unknown","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौके से गायब हो गई दो बिस्वा जमीन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मौके से गायब हो गई दो बिस्वा जमीन
basti
Updated Thu, 13 Sep 2018 12:10 AM IST
विज्ञापन
डेमो
- फोटो : डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। यूं तो शहर में नगरपालिका परिषद की तमाम संपत्तियों पर अवैध कब्जा है। इसके पीछे किसका हाथ है यह तो जांच का विषय है, मगर शहर के बीच स्थित पालिका के स्लॉटर हाउस की दो बिस्वा जमीन कागज में तो है, मगर मौके पर गायब हो चुकी है। यह जमीन कहां चली गई, इसे लेकर अब पालिका में ही बहस छिड़ गई है।
शहर के चइयाबारी मोहल्ले में स्थित भैंसा खाना की यह जमीन वर्षों से खाली पड़ी थी, जिसे पालिका के अभिलेखों में स्लॉटर हाउस का नाम दिया गया था, मगर यहां कभी स्लॉटर हाउस नहीं खुल सका। समय बीता और आबादी बढ़ी तो आबादी के बीच यह जमीन न जाने कहां लुप्त हो गई। खबर है कि कुछ रसूखदार इस जमीन को अपने कब्जे में लेकर उसका व्यवसायिक इस्तेमाल कर रहे हैं। यह अलग बात है कि पालिका सब कुछ जानते हुए भी चुप्पी साधे हुए है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब पालिका की संपत्तियों के गायब होने की जांच के लिए अधिकारियों ने इसका सत्यापन किया। पता चला कि पांडेय गर्ल्स स्कूल के सामने कभी पुलिया हुआ करती थी, उसी के आसपास पालिका के करीब दो बिस्वा के स्लॉटर हाउस की जमीन खाली पड़ी थी, मगर आबादी बढ़ने के साथ ही न तो अब वहां कोई पुलिया रह गई है और न ही पालिका के स्लॉटर हाउस की वह जमीन, जो पालिका के अभिलेखों में दर्ज है। यही नहीं स्लॉटर हाउस की एक अन्य करीब 15 बिस्वा 18 धुर जमीन पर भी धीरे-धीरे कब्जा हो रहा है। खबर है कि इसके चिह्नांकन को लेकर पालिका के जिम्मेदारों ने कई प्रयास किए मगर राजनीतिक दबाव में रसूख के बल पर उसे दबा दिया गया। ऐसे में 15 बिस्वा से अधिक इस जमीन पर भी माफिया की नजर है। यह जमीन अस्पताल से दक्षिण दरवाजा मार्ग पर है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. मणि भूषण त्रिपाठी ने कहा कि स्लॉटर हाउस की दो बिस्वा जमीन का चिह्नांकन उच्चाधिकारियों से बातचीत कर किया जाएगा। इस जमीन को गायब करने वाले दोषी कतई बख्शे नहीं जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के चइयाबारी मोहल्ले में स्थित भैंसा खाना की यह जमीन वर्षों से खाली पड़ी थी, जिसे पालिका के अभिलेखों में स्लॉटर हाउस का नाम दिया गया था, मगर यहां कभी स्लॉटर हाउस नहीं खुल सका। समय बीता और आबादी बढ़ी तो आबादी के बीच यह जमीन न जाने कहां लुप्त हो गई। खबर है कि कुछ रसूखदार इस जमीन को अपने कब्जे में लेकर उसका व्यवसायिक इस्तेमाल कर रहे हैं। यह अलग बात है कि पालिका सब कुछ जानते हुए भी चुप्पी साधे हुए है।
विज्ञापन
मामले का खुलासा तब हुआ जब पालिका की संपत्तियों के गायब होने की जांच के लिए अधिकारियों ने इसका सत्यापन किया। पता चला कि पांडेय गर्ल्स स्कूल के सामने कभी पुलिया हुआ करती थी, उसी के आसपास पालिका के करीब दो बिस्वा के स्लॉटर हाउस की जमीन खाली पड़ी थी, मगर आबादी बढ़ने के साथ ही न तो अब वहां कोई पुलिया रह गई है और न ही पालिका के स्लॉटर हाउस की वह जमीन, जो पालिका के अभिलेखों में दर्ज है। यही नहीं स्लॉटर हाउस की एक अन्य करीब 15 बिस्वा 18 धुर जमीन पर भी धीरे-धीरे कब्जा हो रहा है। खबर है कि इसके चिह्नांकन को लेकर पालिका के जिम्मेदारों ने कई प्रयास किए मगर राजनीतिक दबाव में रसूख के बल पर उसे दबा दिया गया। ऐसे में 15 बिस्वा से अधिक इस जमीन पर भी माफिया की नजर है। यह जमीन अस्पताल से दक्षिण दरवाजा मार्ग पर है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. मणि भूषण त्रिपाठी ने कहा कि स्लॉटर हाउस की दो बिस्वा जमीन का चिह्नांकन उच्चाधिकारियों से बातचीत कर किया जाएगा। इस जमीन को गायब करने वाले दोषी कतई बख्शे नहीं जाएंगे।
विज्ञापन