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अमर उजाला ने दिलाया महिला को न्याय
Updated Tue, 29 Aug 2017 12:00 AM IST
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विधवा को मिला न्याय
बस्ती।
भानपुर तहसील के गांव बारहकोनी की 85 वर्षीया विधवा गायत्री ने चकबंदी व्यवस्था से दुखी और न्याय न मिलने की स्थिति में सीएम को पत्र लिखकर आत्मदाह करने के लिए लिखा था।
अमर उजाला में 11 अगस्त 2017 के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने पर एसपी की पहल पर सोनहा थाने में पांच लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया। इसके लिए महिला ने अमर उजाला को धन्यवाद दिया।
गायत्री देवी का कहना है कि उसके पति के निधन के बाद उसके पट्टीदारों ने चकबंदी कर्मियों से मिलकर और फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसकी जमीन को अपने नाम करवा लिया है। जब इसकी शिकायत की गई तो तत्कालीन एसओसी ने फोन करके कार्यालय बुलाया और न्याय देने की बात कहकर धोखे से उससे कागज पर यह लिखवा लिया कि अब उसे कोई शिकायत नहीं है। बताया कि चकबंदी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा जिस आदेश का हवाला देकर धोखे से उसकी जमीन लिखवा ली गई उसका बस्ता ही गायब करवा दिया गया। महिला का यह भी कहना है कि पट्टीदारों के इस फर्जीवाड़े में चकबंदी अधिकारी से लेकर कर्मियों ने भारी सुविधा शुल्क लेकर उसकी जमीन को हड़प लिया। बताया कि इस धोखाधड़ी में एक पूर्व तहसीलदार और लेखपाल भी शामिल हैं। पुलिस ने जिन लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है, उनमें पूर्व तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी व पूर्व लेखपाल जगदेव प्रसाद, वशिष्ठ मुनि, विश्वामित्र और वंशीधर के नाम शामिल हैं।
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बस्ती।
भानपुर तहसील के गांव बारहकोनी की 85 वर्षीया विधवा गायत्री ने चकबंदी व्यवस्था से दुखी और न्याय न मिलने की स्थिति में सीएम को पत्र लिखकर आत्मदाह करने के लिए लिखा था।
अमर उजाला में 11 अगस्त 2017 के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने पर एसपी की पहल पर सोनहा थाने में पांच लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया। इसके लिए महिला ने अमर उजाला को धन्यवाद दिया।
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गायत्री देवी का कहना है कि उसके पति के निधन के बाद उसके पट्टीदारों ने चकबंदी कर्मियों से मिलकर और फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसकी जमीन को अपने नाम करवा लिया है। जब इसकी शिकायत की गई तो तत्कालीन एसओसी ने फोन करके कार्यालय बुलाया और न्याय देने की बात कहकर धोखे से उससे कागज पर यह लिखवा लिया कि अब उसे कोई शिकायत नहीं है। बताया कि चकबंदी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा जिस आदेश का हवाला देकर धोखे से उसकी जमीन लिखवा ली गई उसका बस्ता ही गायब करवा दिया गया। महिला का यह भी कहना है कि पट्टीदारों के इस फर्जीवाड़े में चकबंदी अधिकारी से लेकर कर्मियों ने भारी सुविधा शुल्क लेकर उसकी जमीन को हड़प लिया। बताया कि इस धोखाधड़ी में एक पूर्व तहसीलदार और लेखपाल भी शामिल हैं। पुलिस ने जिन लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है, उनमें पूर्व तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी व पूर्व लेखपाल जगदेव प्रसाद, वशिष्ठ मुनि, विश्वामित्र और वंशीधर के नाम शामिल हैं।
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