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... तो अवैध केरोसिन का डंपिंग स्टेशन है बस्ती
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... तो अवैध केरोसिन का डंपिंग स्टेशन है बस्ती
सितंबर में पकड़े गए केरोसिन के अवैध धंधेेबाजों ने दिए सुराग
अब तक जिम्मेदार खोज नहीं सके धंधेबाजों का ठिकाना
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। केरोसिन ऑयल का काला धंधा अब भी जोरों पर है। इस धंधे से पिछले सितंबर में तब पर्दा उठा था, जब संतकबीरनगर में क्राइम ब्रांच ने कई ड्रम तेल उस समय पकड़ा जब वह अवैध रूप से ले जाया जा रहा था। जांच-पड़ताल के बाद अवैध धंधेबाजों ने यह स्वीकारा कि अवैध केरोसिन का डंपिंग स्टेेशन मंडल मुख्यालय है। यहां कुछेक डिपो पर इस कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। हालांकि, धंधेबाजों ने इसका सुराग भी दिया, मगर अब तक इसे खोज पाने में तंत्र नाकाम है। खबर है कि इस धंधे में शहर का एक नामचीन डिपो शामिल है, मगर उसके रसूख के आगे सभी चुप्पी साधे हुए हैं।
जिले में अवैैध केरोसिन के धंधे का खुलासा करीब डेढ़ वर्ष पहले हुआ था। यहां एक ट्रैक्टर ट्रॉली पर सैकड़ों लीटर तेल डंपिंग के लिए ले जाया जा रहा था, जिसे मुंडेरवा में पकड़ लिया। जांच-पड़ताल में यह सामने आया कि केरोसिन ऑयल को कोटेदारों से खरीदा गया था, जिसे महंगे दर पर शहर व गांवों में बेचा जाता है। इसका उपयोग कैसे और क्या होता है इससे अब तक पर्दा नहीं उठा है, मगर अब भी इस धंधे में रसूखदार अपना दांव आजमा रहे हैं। उपायुक्त खाद्य रसद एसके सिंह ने कहा कि मिट्टी के तेल का अवैध धंधा यहां चल रहा है। इसका डंपिंग स्टेशन कहां है, इसकी गोपनीय जांच कराई जा रही है। धंधेबाजों को रंगेहाथ दबोचना है। इसके लिए इंतजार करना पड़ेगा। चूंकि, संतकबीरनगर में हुई कार्रवाई के बाद खुलासे के चलते धंधेबाजों ने काम ढीला कर दिया है। प्रयास है कि जल्द से जल्द धंधेबाजों को दबोच लिया जाए।
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सितंबर में पकड़े गए केरोसिन के अवैध धंधेेबाजों ने दिए सुराग
अब तक जिम्मेदार खोज नहीं सके धंधेबाजों का ठिकाना
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। केरोसिन ऑयल का काला धंधा अब भी जोरों पर है। इस धंधे से पिछले सितंबर में तब पर्दा उठा था, जब संतकबीरनगर में क्राइम ब्रांच ने कई ड्रम तेल उस समय पकड़ा जब वह अवैध रूप से ले जाया जा रहा था। जांच-पड़ताल के बाद अवैध धंधेबाजों ने यह स्वीकारा कि अवैध केरोसिन का डंपिंग स्टेेशन मंडल मुख्यालय है। यहां कुछेक डिपो पर इस कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। हालांकि, धंधेबाजों ने इसका सुराग भी दिया, मगर अब तक इसे खोज पाने में तंत्र नाकाम है। खबर है कि इस धंधे में शहर का एक नामचीन डिपो शामिल है, मगर उसके रसूख के आगे सभी चुप्पी साधे हुए हैं।
जिले में अवैैध केरोसिन के धंधे का खुलासा करीब डेढ़ वर्ष पहले हुआ था। यहां एक ट्रैक्टर ट्रॉली पर सैकड़ों लीटर तेल डंपिंग के लिए ले जाया जा रहा था, जिसे मुंडेरवा में पकड़ लिया। जांच-पड़ताल में यह सामने आया कि केरोसिन ऑयल को कोटेदारों से खरीदा गया था, जिसे महंगे दर पर शहर व गांवों में बेचा जाता है। इसका उपयोग कैसे और क्या होता है इससे अब तक पर्दा नहीं उठा है, मगर अब भी इस धंधे में रसूखदार अपना दांव आजमा रहे हैं। उपायुक्त खाद्य रसद एसके सिंह ने कहा कि मिट्टी के तेल का अवैध धंधा यहां चल रहा है। इसका डंपिंग स्टेशन कहां है, इसकी गोपनीय जांच कराई जा रही है। धंधेबाजों को रंगेहाथ दबोचना है। इसके लिए इंतजार करना पड़ेगा। चूंकि, संतकबीरनगर में हुई कार्रवाई के बाद खुलासे के चलते धंधेबाजों ने काम ढीला कर दिया है। प्रयास है कि जल्द से जल्द धंधेबाजों को दबोच लिया जाए।
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