{"_id":"59de60284f1c1b79548b6d29","slug":"161507745832-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना स्थलीय सर्वे कराए दस करोड़ की परियोजनाए बना दी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बिना स्थलीय सर्वे कराए दस करोड़ की परियोजनाए बना दी
Updated Wed, 11 Oct 2017 11:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिना सर्वे दस करोड़ की परियोजनाएं बना दीं
सोहन सिंह
बस्ती।
नगरपालिका प्रशासन द्वारा शहर के विकास के लिए दस करोड़ की लागत से बनाए गए 70 प्रोजेक्ट के औचित्य पर अभी से सवाल उठने लगे हैं। ऐसे स्थानों और सड़कों के निर्माण की कार्ययोजना बना डाली जो पहले से ही बनी हुई है। खराब सड़क की कार्ययोजना नहीं बनाई अलबत्ता उस सड़क पर 29 लाख रुपये की लागत से औचित्यहीन पुल निर्माण कराने की योजना बना ली। पालिका पर बिना कार्य स्थल का सर्वे किए कार्ययोजना बनाने का आरोप लग रहा है। कहा जाने लगा है कि पालिका ने कार्य शुरू करने से पहले ही गोलमाल की साजिश रच डाली। इसकी शिकायत एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि हरीश सिंह ने सीएम और डीएम से करते हुए कार्रवाई करने की मांग की है।
नगरपालिका ने 14वें वित्त आयोग की धनराशि से 67 कार्यों के लिए ई-टेंडर का विज्ञापन निकाला। विज्ञापन निकलते ही इसके औचित्य पर सवाल उठने लगे। क्रम संख्या छह पर अंकित कंपनीबाग से एसडीएम आवास प्रेस कल्ब तक सड़क के दोनों ओर इंटरलॉकिंग पटरी निर्माण का है। इसकी लागत 42.21 लाख है, इस सड़क के आधे हिस्से पर दोनों ओर पहले से ही इंटरलॉकिंग बिछी हुई है। इसी तरह एडीएम आवास के पीछे गांधीकला भवन तक इंटरलॉकिंग पटरी लागत 24.27 लाख का है। यह कार्य क्रम संख्या चार पर अंकित हैं। इस सड़क का निर्माण एक साल पहले क्रिटिकल गैप योजना के तहत आठ लाख की लागत से बनाया जा चुका है। अवशेष सड़क चलने योग्य है। एक भी जगह छोटा सा गड्ढा तक नहीं है। इसी तरह क्रम संख्या 54 पर अंकित पचपेड़िया मार्ग पर 28.40 लाख रुपये की लागत से पुलिया का निर्माण शामिल है। शहर की यह सड़क सबसे खराब है। कदम-कदम पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए, पालिका से सड़क को कार्ययोजना में न लेकर ऐसी पुलिया को ले लिया, जिसकी वर्तमान में कोई आवश्यकता नहीं हैं। इसी तरह अनेक ऐसे कार्य हैं, जो यह तो औचित्यहीन हैं या फिर उस पर पहले से कार्य हो चुका है।
परीक्षण कराया जाएगा
डीएम अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत मिली है। परीक्षण कराया जाएगा और औचित्यहीन कार्यों को सूची से बाहर किया जाएगा।
विज्ञापन
सोहन सिंह
बस्ती।
नगरपालिका प्रशासन द्वारा शहर के विकास के लिए दस करोड़ की लागत से बनाए गए 70 प्रोजेक्ट के औचित्य पर अभी से सवाल उठने लगे हैं। ऐसे स्थानों और सड़कों के निर्माण की कार्ययोजना बना डाली जो पहले से ही बनी हुई है। खराब सड़क की कार्ययोजना नहीं बनाई अलबत्ता उस सड़क पर 29 लाख रुपये की लागत से औचित्यहीन पुल निर्माण कराने की योजना बना ली। पालिका पर बिना कार्य स्थल का सर्वे किए कार्ययोजना बनाने का आरोप लग रहा है। कहा जाने लगा है कि पालिका ने कार्य शुरू करने से पहले ही गोलमाल की साजिश रच डाली। इसकी शिकायत एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि हरीश सिंह ने सीएम और डीएम से करते हुए कार्रवाई करने की मांग की है।
नगरपालिका ने 14वें वित्त आयोग की धनराशि से 67 कार्यों के लिए ई-टेंडर का विज्ञापन निकाला। विज्ञापन निकलते ही इसके औचित्य पर सवाल उठने लगे। क्रम संख्या छह पर अंकित कंपनीबाग से एसडीएम आवास प्रेस कल्ब तक सड़क के दोनों ओर इंटरलॉकिंग पटरी निर्माण का है। इसकी लागत 42.21 लाख है, इस सड़क के आधे हिस्से पर दोनों ओर पहले से ही इंटरलॉकिंग बिछी हुई है। इसी तरह एडीएम आवास के पीछे गांधीकला भवन तक इंटरलॉकिंग पटरी लागत 24.27 लाख का है। यह कार्य क्रम संख्या चार पर अंकित हैं। इस सड़क का निर्माण एक साल पहले क्रिटिकल गैप योजना के तहत आठ लाख की लागत से बनाया जा चुका है। अवशेष सड़क चलने योग्य है। एक भी जगह छोटा सा गड्ढा तक नहीं है। इसी तरह क्रम संख्या 54 पर अंकित पचपेड़िया मार्ग पर 28.40 लाख रुपये की लागत से पुलिया का निर्माण शामिल है। शहर की यह सड़क सबसे खराब है। कदम-कदम पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए, पालिका से सड़क को कार्ययोजना में न लेकर ऐसी पुलिया को ले लिया, जिसकी वर्तमान में कोई आवश्यकता नहीं हैं। इसी तरह अनेक ऐसे कार्य हैं, जो यह तो औचित्यहीन हैं या फिर उस पर पहले से कार्य हो चुका है।
विज्ञापन
परीक्षण कराया जाएगा
डीएम अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत मिली है। परीक्षण कराया जाएगा और औचित्यहीन कार्यों को सूची से बाहर किया जाएगा।