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कूट रचित मिले अभिलेख, सफाई कर्मी बर्खास्त
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कूटरचित मिले अभिलेख, सफाईकर्मी बर्खास्त
सल्टौआ गोपालपुर के राजस्व गांव दानव में तैनात था कर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सल्टौआ गोपालपुर की ग्राम पंचायत जगतापुर के राजस्व ग्राम दानव में तैनात सफाईकर्मी रामदौर को कूटरचित अभिलेख के आधार पर नौकरी करने की पुष्टि के बाद बर्खास्त कर दिया गया है। डीपीआरओ ने तथ्यों के संकलन के बाद कूटरचित अभिलेख देने और नौकरी के लिए दिए जाने वाले आवेदन व योगदान प्रार्थना पत्र के हस्ताक्षर में भिन्नता के आधार पर उप्र सरकारी सेवक सेवा समाप्ति नियमावली के प्रावधानों के आधार पर उनकी सेवा समाप्त कर दी है।
उक्त के संबंध में नारायणा गांव के मनोज कुमार ने सफाईकर्मी की शिकायत की थी। बताया था कि उसके प्रमाणपत्र फर्जी हैं। वास्तव में रामदौर अनपढ़ है। इसी शिकायत के आधार पर डीपीआरओ ने रामदौर को निलंबित कर दिया था। साथ ही तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण भी मांगा था। इसकी जांच सहायक विकास अधिकारी पंचायत साऊंघाट को दी थी। जांच-पड़ताल के क्रम में आरोपी कर्मी से स्पष्टीकरण लिया गया, मगर स्पष्टीकरण संतोषजनक न पाए जाने पर जांच अधिकारी ने एक पक्ष के भीतर फिर से स्पष्टीकरण व साक्ष्य मांगे। 10 जून 19 को फिर से उन्हें कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण व साक्ष्य देने के निर्देश डीपीआरओ ने दिए, मगर तय तिथि 17 जून 19 को रामदौर न तो उपस्थित हुआ और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया। डीपीआरओ ब्रह्मचारी दूबे ने उक्त की पुष्टि करते हुए कहा कि संबंधित सफाईकर्मी को बर्खास्त कर दिया गया है।
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सल्टौआ गोपालपुर के राजस्व गांव दानव में तैनात था कर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सल्टौआ गोपालपुर की ग्राम पंचायत जगतापुर के राजस्व ग्राम दानव में तैनात सफाईकर्मी रामदौर को कूटरचित अभिलेख के आधार पर नौकरी करने की पुष्टि के बाद बर्खास्त कर दिया गया है। डीपीआरओ ने तथ्यों के संकलन के बाद कूटरचित अभिलेख देने और नौकरी के लिए दिए जाने वाले आवेदन व योगदान प्रार्थना पत्र के हस्ताक्षर में भिन्नता के आधार पर उप्र सरकारी सेवक सेवा समाप्ति नियमावली के प्रावधानों के आधार पर उनकी सेवा समाप्त कर दी है।
उक्त के संबंध में नारायणा गांव के मनोज कुमार ने सफाईकर्मी की शिकायत की थी। बताया था कि उसके प्रमाणपत्र फर्जी हैं। वास्तव में रामदौर अनपढ़ है। इसी शिकायत के आधार पर डीपीआरओ ने रामदौर को निलंबित कर दिया था। साथ ही तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण भी मांगा था। इसकी जांच सहायक विकास अधिकारी पंचायत साऊंघाट को दी थी। जांच-पड़ताल के क्रम में आरोपी कर्मी से स्पष्टीकरण लिया गया, मगर स्पष्टीकरण संतोषजनक न पाए जाने पर जांच अधिकारी ने एक पक्ष के भीतर फिर से स्पष्टीकरण व साक्ष्य मांगे। 10 जून 19 को फिर से उन्हें कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण व साक्ष्य देने के निर्देश डीपीआरओ ने दिए, मगर तय तिथि 17 जून 19 को रामदौर न तो उपस्थित हुआ और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया। डीपीआरओ ब्रह्मचारी दूबे ने उक्त की पुष्टि करते हुए कहा कि संबंधित सफाईकर्मी को बर्खास्त कर दिया गया है।
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